Friday, 23 September 2016

अब बूंद-बूंद पानी के लिए तरसेगा पाक, रद्द हो सकता है 'सिंधु जल' समझौता!

Dainik Times     09:12    
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नई दिल्ली : पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए भारत अपने पड़ोसी देश पाकिस्तान से सिंधु जल समझौता तोड़ सकता है। गुरुवार को विदेश मंत्रालय ने इसके संकेत दिए। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने इस जल समझौते पर कहा कि किसी भी समझौते के दो देशों में आपसी भरोसा और सहयोग होना जरूरी है। यह एकतरफा नहीं हो सकता।
the-indus-water-treaty-1960-may-be-cancelled-by-india-news-in-hindi

आपको बता दे कि उरी हमले के बाद पाकिस्तान पर जवाबी कार्रवाई के सवाल पर स्वरूप ने कहा कि हमारा काम अपने आप बोलता है और हमारे एक्शन से नतीजे आने शुरू हो गए हैं। विकास स्वरूप ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासभा में किसी भी देश ने कश्मीर के मुद्दे पर एक शब्द भी नहीं कहा, लेकिन नवाज शरीफ के भाषण का 80 फीसदी कश्मीर पर केंद्रित था।

नवाज शरीफ ने बुधवार को अपने भाषण में कहा था कि वो कश्मीर में भारतीय सेना द्वारा किए जा रहे मानवाधिकारो के उल्लंघन को लेकर संयुक्त राष्ट्र को एक डोजियर सौपेंगे और कश्मीर हिंसा की जांच कराने की मांग करेंगे।

इस पर विकास स्वरूप ने कहा कि हमें यूएन महासचिव के बयान में इसका कोई जिक्र नहीं मिला। उन्होंने कहा कि हमें डोजियर देने की जरूरत नहीं है, पूरी दुनिया जानती है कि पाकिस्तान आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है।

क्या है सिंधु जल समझौता?

सिंधु नदी संधि को आधुनिक विश्व के इतिहास का सबसे उदार जल बंटवारा माना जाता है। इसके तहत पाकिस्तान को 80.52 फीसदी पानी यानी 167.2 अरब घन मीटर पानी सालाना दिया जाता है. नदी की ऊपरी धारा के बंटवारे में उदारता की ऐसी मिसाल दुनिया में और‍ किसी जल समझौते में नहीं मिलती। 1960 में हुए सिंधु समझौते के तहत उत्तर और दक्षिण को बांटने वाली एक रेखा तय की गई है, जिसके तहत सिंधु क्षेत्र में आने वाली तीन नदियों का नियंत्रण भारत और तीन का पाकिस्तान को दिया गया है।


अगर भारत सिंधु जल समझोता तोड़ देता है तो पाकिस्तान में पानी की कमी आ जाएगी और कृषि बिलकुल बंद हो जाएगी।

क्या भारत को पाकिस्तान के साथ सिंधु जल समझौता तोड़ देना चाहिए?

हाँ
नहीँ
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नई दिल्ली : पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए भारत अपने पड़ोसी देश पाकिस्तान से सिंधु जल समझौता तोड़ सकता है। गुरुवार को विदेश मंत्रालय ने इसके संकेत दिए। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने इस जल समझौते पर कहा कि किसी भी समझौते के दो देशों में आपसी भरोसा और सहयोग होना जरूरी है। यह एकतरफा नहीं हो सकता।
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आपको बता दे कि उरी हमले के बाद पाकिस्तान पर जवाबी कार्रवाई के सवाल पर स्वरूप ने कहा कि हमारा काम अपने आप बोलता है और हमारे एक्शन से नतीजे आने शुरू हो गए हैं। विकास स्वरूप ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासभा में किसी भी देश ने कश्मीर के मुद्दे पर एक शब्द भी नहीं कहा, लेकिन नवाज शरीफ के भाषण का 80 फीसदी कश्मीर पर केंद्रित था।

नवाज शरीफ ने बुधवार को अपने भाषण में कहा था कि वो कश्मीर में भारतीय सेना द्वारा किए जा रहे मानवाधिकारो के उल्लंघन को लेकर संयुक्त राष्ट्र को एक डोजियर सौपेंगे और कश्मीर हिंसा की जांच कराने की मांग करेंगे।

इस पर विकास स्वरूप ने कहा कि हमें यूएन महासचिव के बयान में इसका कोई जिक्र नहीं मिला। उन्होंने कहा कि हमें डोजियर देने की जरूरत नहीं है, पूरी दुनिया जानती है कि पाकिस्तान आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है।

क्या है सिंधु जल समझौता?

सिंधु नदी संधि को आधुनिक विश्व के इतिहास का सबसे उदार जल बंटवारा माना जाता है। इसके तहत पाकिस्तान को 80.52 फीसदी पानी यानी 167.2 अरब घन मीटर पानी सालाना दिया जाता है. नदी की ऊपरी धारा के बंटवारे में उदारता की ऐसी मिसाल दुनिया में और‍ किसी जल समझौते में नहीं मिलती। 1960 में हुए सिंधु समझौते के तहत उत्तर और दक्षिण को बांटने वाली एक रेखा तय की गई है, जिसके तहत सिंधु क्षेत्र में आने वाली तीन नदियों का नियंत्रण भारत और तीन का पाकिस्तान को दिया गया है।


अगर भारत सिंधु जल समझोता तोड़ देता है तो पाकिस्तान में पानी की कमी आ जाएगी और कृषि बिलकुल बंद हो जाएगी।

क्या भारत को पाकिस्तान के साथ सिंधु जल समझौता तोड़ देना चाहिए?

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