Monday, 12 September 2016

यूपी में दो मंत्री राजकिशोर और गायत्री प्रसाद प्रजापति बर्खास्त, दोनों पर भ्रष्टाचार के आरोप... पढ़ें पूरी ख़बर!

Dainik Times     14:58    
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नई दिल्ली : अखिलेश यादव सरकार के दो मंत्रियों को आज बर्खास्त कर दिया गया। पशुधन-लघुसिंचाई मंत्री राजकिशोर सिंह और खनन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति को हटा दिया। बता दे कि दोनों मंत्रियों पर भ्रष्टाचार के आरोप थे।
up-minister-gayatri-prajapati-and-raj-kishore-sacked-by-akhilesh-yadav-news-in-hindi

अखिलेश यादव के इस कदम को डेमैज कंट्रोल बताया जा रहा है, ताकि सरकार की छवि को सुधारा जा सके। राज्य में जल्द ही चुनाव होने वाले हैं।

कांग्रेस से राहुल गांधी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह का पूरा ध्यान यूपी चुनावों की ओर है और वे सत्ता से सपा को उखाड़ फेंकने के लिए जोर-शोर से प्रचार करते दिख रहे हैं। वैसे, गायित्री प्रजापति को मुलायम सिंह यादव का करीबी माना जाता है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रदेश में जगह-जगह बड़े पैमाने पर जारी अवैध खनन को गंभीरता से लेते हुए गत 28 जुलाई को प्रदेश में हुए अवैध खनन और इसमें शामिल सरकारी अधिकारियों की भूमिका की जांच सीबीआई से कराकर छह महीने के अंदर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे।

राज्य सरकार ने हाईकोर्ट के इस फैसले को वापस लेने के लिए अर्जी दी थी, लेकिन कोर्ट ने गत 9 सितंबर को उसे खारिज कर दिया था। भाजपा के प्रांतीय महासचिव विजय बहादुर पाठक ने खनन मंत्री की बर्खास्तगी को महज दिखावा करार देते हुए कहा कि हाईकोर्ट से डरे मुख्यमंत्री ने मजबूरन यह कदम उठाया है।

पाठक ने कहा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पिछले साढ़े चार साल तक प्रजापति के भ्रष्टाचार के मूकदर्शक रहे। हाईकोर्ट ने जब प्रजापति द्वारा प्रोत्साहित किए गए अवैध खनन की सीबीआई जांच के आदेश को वापस लेने की सरकार की अर्जी खारिज कर दी, तब मुख्यमंत्री के पास प्रजापति को बर्खास्त करने के सिवा कोई चारा नहीं था।


आपको बता दे कि कांग्रेस विधायक रीता बहुगुणा जोशी ने इस बारे में कहा कि प्रदेश में हर तरफ अवैध खनन हो रहा है और यह जगजाहिर है कि प्रजापति ही इसे बढ़ावा दे रहे थे। जब हाईकोर्ट ने इस पर गंभीर रुख अख्तियार कर लिया तो मुख्यमंत्री ने मजबूरन प्रजापति को बर्खास्त कर दिया। उन्होंने कहा कि अखिलेश का प्रजापति को बर्खास्त करना महज एक छलावा है।
नई दिल्ली : अखिलेश यादव सरकार के दो मंत्रियों को आज बर्खास्त कर दिया गया। पशुधन-लघुसिंचाई मंत्री राजकिशोर सिंह और खनन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति को हटा दिया। बता दे कि दोनों मंत्रियों पर भ्रष्टाचार के आरोप थे।
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अखिलेश यादव के इस कदम को डेमैज कंट्रोल बताया जा रहा है, ताकि सरकार की छवि को सुधारा जा सके। राज्य में जल्द ही चुनाव होने वाले हैं।

कांग्रेस से राहुल गांधी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह का पूरा ध्यान यूपी चुनावों की ओर है और वे सत्ता से सपा को उखाड़ फेंकने के लिए जोर-शोर से प्रचार करते दिख रहे हैं। वैसे, गायित्री प्रजापति को मुलायम सिंह यादव का करीबी माना जाता है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रदेश में जगह-जगह बड़े पैमाने पर जारी अवैध खनन को गंभीरता से लेते हुए गत 28 जुलाई को प्रदेश में हुए अवैध खनन और इसमें शामिल सरकारी अधिकारियों की भूमिका की जांच सीबीआई से कराकर छह महीने के अंदर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे।

राज्य सरकार ने हाईकोर्ट के इस फैसले को वापस लेने के लिए अर्जी दी थी, लेकिन कोर्ट ने गत 9 सितंबर को उसे खारिज कर दिया था। भाजपा के प्रांतीय महासचिव विजय बहादुर पाठक ने खनन मंत्री की बर्खास्तगी को महज दिखावा करार देते हुए कहा कि हाईकोर्ट से डरे मुख्यमंत्री ने मजबूरन यह कदम उठाया है।

पाठक ने कहा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पिछले साढ़े चार साल तक प्रजापति के भ्रष्टाचार के मूकदर्शक रहे। हाईकोर्ट ने जब प्रजापति द्वारा प्रोत्साहित किए गए अवैध खनन की सीबीआई जांच के आदेश को वापस लेने की सरकार की अर्जी खारिज कर दी, तब मुख्यमंत्री के पास प्रजापति को बर्खास्त करने के सिवा कोई चारा नहीं था।


आपको बता दे कि कांग्रेस विधायक रीता बहुगुणा जोशी ने इस बारे में कहा कि प्रदेश में हर तरफ अवैध खनन हो रहा है और यह जगजाहिर है कि प्रजापति ही इसे बढ़ावा दे रहे थे। जब हाईकोर्ट ने इस पर गंभीर रुख अख्तियार कर लिया तो मुख्यमंत्री ने मजबूरन प्रजापति को बर्खास्त कर दिया। उन्होंने कहा कि अखिलेश का प्रजापति को बर्खास्त करना महज एक छलावा है।
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