नई दिल्ली : महाराष्ट्र
में सत्तासीन शिवसेना ने मुखपत्र 'सामना'
के जरिए मुस्लिम धर्म प्रचारक डॉक्टर जाकिर नाइक पर हमला बोला है। 'शांतिदूत की धमकी!' शीर्षक के साथ लिखे संपादकीय में
पार्टी ने लिखा है कि देश में हिंदुओं को लाचार और आपराधिक जीवन जीना पड़ रहा है,
जबकि नाइक जैसे 'शांतिदूत' जांच एजेंसियों को धमकी दे रहे हैं।
शिवसेना ने पुलिस और
जांच एजेंसियों की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े किए हैं। संपादकीय में लिखा गया है, 'डॉ. जाकिर नाइक अरब राष्ट्र में बैठकर इस देश के पुलिस महकमे को धमका रहा
है और वही पुलिस और जांच एजेंसी 'सनातन'आश्रम मे जाकर मर्दानगी दिखा रही है। हिंदुत्ववादी कार्यकर्ताओं के सामने
गर्जना करने वाले इस्लामी संस्थाओं और संगठनों के सामने बिल्ली के बच्चों की तरह
चुप बैठ जाते हैं।'
जाकिर नाइक को लेकर
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस की चुप्पी को भी शिवसेना ने निशाना बनाया है।
संपादकीय में कॉमेडियन कपिल शर्मा का जिक्र करते हुए लिखा गया है, 'कपिल शर्मा द्वारा गैरकानूनी निर्माण कार्य के बारे में शोर मचाते ही
मुख्यमंत्री उसका जवाब देते हैं और संबंधित कार्रवाई करने का संकेत देते हैं। कल
को डॉ. नाइक की आवाज का भी वे जवाब दे सकते हैं, क्योंकि
दुनिया के नक्शे पर स्थित कई इस्लामी राष्ट्र डॉ. नाइक जैसों के पालन-पोषणकर्ता
हैं।'
'सामना'
ने आगे लिखा है कि 'हिंदुस्थान' में कोई भी उठता है और हिंदू संस्थाओं और संगठनों को अपराधी ठहराता है।
हमारी सरकारें भी इन संगठनों को कुचल डालती हैं। डॉ. नाइक जैसे लोगों को इस
प्रवृति के कारण बल मिल रहा है। डॉ. नाइक ने खुलेआम कहा है कि उस पर कार्रवाई का
मतलब तमाम मुसलमानों पर हमला होगा। इस तरह उसने पुलिस को धमकी दी है। लेख के अंत
में लिखा गया है, 'शांतिदूत का अंतर्मन इस कारण स्पष्ट हो
गया, यह अच्छा ही हुआ!'
नई दिल्ली : महाराष्ट्र
में सत्तासीन शिवसेना ने मुखपत्र 'सामना'
के जरिए मुस्लिम धर्म प्रचारक डॉक्टर जाकिर नाइक पर हमला बोला है। 'शांतिदूत की धमकी!' शीर्षक के साथ लिखे संपादकीय में
पार्टी ने लिखा है कि देश में हिंदुओं को लाचार और आपराधिक जीवन जीना पड़ रहा है,
जबकि नाइक जैसे 'शांतिदूत' जांच एजेंसियों को धमकी दे रहे हैं।
शिवसेना ने पुलिस और
जांच एजेंसियों की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े किए हैं। संपादकीय में लिखा गया है, 'डॉ. जाकिर नाइक अरब राष्ट्र में बैठकर इस देश के पुलिस महकमे को धमका रहा
है और वही पुलिस और जांच एजेंसी 'सनातन'आश्रम मे जाकर मर्दानगी दिखा रही है। हिंदुत्ववादी कार्यकर्ताओं के सामने
गर्जना करने वाले इस्लामी संस्थाओं और संगठनों के सामने बिल्ली के बच्चों की तरह
चुप बैठ जाते हैं।'
जाकिर नाइक को लेकर
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस की चुप्पी को भी शिवसेना ने निशाना बनाया है।
संपादकीय में कॉमेडियन कपिल शर्मा का जिक्र करते हुए लिखा गया है, 'कपिल शर्मा द्वारा गैरकानूनी निर्माण कार्य के बारे में शोर मचाते ही
मुख्यमंत्री उसका जवाब देते हैं और संबंधित कार्रवाई करने का संकेत देते हैं। कल
को डॉ. नाइक की आवाज का भी वे जवाब दे सकते हैं, क्योंकि
दुनिया के नक्शे पर स्थित कई इस्लामी राष्ट्र डॉ. नाइक जैसों के पालन-पोषणकर्ता
हैं।'
'सामना'
ने आगे लिखा है कि 'हिंदुस्थान' में कोई भी उठता है और हिंदू संस्थाओं और संगठनों को अपराधी ठहराता है।
हमारी सरकारें भी इन संगठनों को कुचल डालती हैं। डॉ. नाइक जैसे लोगों को इस
प्रवृति के कारण बल मिल रहा है। डॉ. नाइक ने खुलेआम कहा है कि उस पर कार्रवाई का
मतलब तमाम मुसलमानों पर हमला होगा। इस तरह उसने पुलिस को धमकी दी है। लेख के अंत
में लिखा गया है, 'शांतिदूत का अंतर्मन इस कारण स्पष्ट हो
गया, यह अच्छा ही हुआ!'
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