नई दिल्ली : डिफेंस मिनिस्टर ने 17 जवानों की
कुर्बानी का बदला लेने के ऑर्डर दिए हैं। नॉर्दर्न आर्मी और चिनार कॉर्प्स के
कमांडर ले. जनरल डीएस हुड्डा और ले. जनरल सतीश दुआ ने उन्हें उरी हमले के बारे में
जानकारी दी।
कहा जा रहा है कि इसमें जवाबी कार्रवाई के एक्शन
प्लान पर बात हुई। वहीं एक बड़ा सवाल ये भी उठ रहा है कि क्या सरकार आतंकियों के
खिलाफ वैसी ही कार्रवाई करेगी जैसी म्यांमार सीमा में घुसकर की थी। आपको बता दें
रविवार सुबह उरी में सीमापार से आतंकी सलामाबाद नाले से उरी में दाखिल हुए थे।
आर्मी ब्रिगेड हेडक्वार्टर पर किए हमले में 17 जवान शहीद हो गए थे।
पर्रिकर ने कहा, "हमारे 17 बहादुर जवानों ने
कुर्बानी दी है। मैं उन्हें सैल्यूट करता हूं। आर्मी चीफ और कमांडर स्थिति पर नजर
बनाए रखें। जो हमले के लिए जिम्मेदार हैं, उनपर कड़ी
कार्रवाई की जाएगी।"
इससे पहले भी उन्होंने कहा था कि देश को कोई शख्स
या संगठन नुकसान पहुंचाता है तो उसे वैसा ही दर्द दिया जाना चाहिए।
#क्या म्यांमार जैसी
कार्रवाई करेगी केंद्र सरकार?
इससे पहले पिछले साल जून में आतंकियों ने मणिपुर
में सेना के ट्रक पर हमला किया था। इसमें 18 जवान शहीद हुए थे।
इसके दो दिन बाद सेना ने म्यांमार बॉर्डर के अंदर
घुसकर उग्रवादियों को मार गिराया था। अब सवाल उठ रहा है कि क्या इस बार भी केंद्र
सरकार ऐसा ही फैसला करेगी?
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नई दिल्ली : डिफेंस मिनिस्टर ने 17 जवानों की
कुर्बानी का बदला लेने के ऑर्डर दिए हैं। नॉर्दर्न आर्मी और चिनार कॉर्प्स के
कमांडर ले. जनरल डीएस हुड्डा और ले. जनरल सतीश दुआ ने उन्हें उरी हमले के बारे में
जानकारी दी।
कहा जा रहा है कि इसमें जवाबी कार्रवाई के एक्शन
प्लान पर बात हुई। वहीं एक बड़ा सवाल ये भी उठ रहा है कि क्या सरकार आतंकियों के
खिलाफ वैसी ही कार्रवाई करेगी जैसी म्यांमार सीमा में घुसकर की थी। आपको बता दें
रविवार सुबह उरी में सीमापार से आतंकी सलामाबाद नाले से उरी में दाखिल हुए थे।
आर्मी ब्रिगेड हेडक्वार्टर पर किए हमले में 17 जवान शहीद हो गए थे।
पर्रिकर ने कहा, "हमारे 17 बहादुर जवानों ने
कुर्बानी दी है। मैं उन्हें सैल्यूट करता हूं। आर्मी चीफ और कमांडर स्थिति पर नजर
बनाए रखें। जो हमले के लिए जिम्मेदार हैं, उनपर कड़ी
कार्रवाई की जाएगी।"
इससे पहले भी उन्होंने कहा था कि देश को कोई शख्स
या संगठन नुकसान पहुंचाता है तो उसे वैसा ही दर्द दिया जाना चाहिए।
#क्या म्यांमार जैसी
कार्रवाई करेगी केंद्र सरकार?
इससे पहले पिछले साल जून में आतंकियों ने मणिपुर
में सेना के ट्रक पर हमला किया था। इसमें 18 जवान शहीद हुए थे।
इसके दो दिन बाद सेना ने म्यांमार बॉर्डर के अंदर
घुसकर उग्रवादियों को मार गिराया था। अब सवाल उठ रहा है कि क्या इस बार भी केंद्र
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