नई दिल्ली : भोपाल की
सेंट्रल जेल से फरार सिमी के आठ आतंकियों को जेल से करीब 10 किमी दूर भोपाल के
बाहरी इलाके इंतिखेड़ी गांव में पुलिस ने मार गिराया है। भोपाल के आईजी योगेश
चौधरी ने बताया कि सुरक्षाबलों द्वारा घेरे जाने के बाद सभी आतंकी मार गिराए गए।
शेख मुजीब, खालिद, मजीद, अकील खिलजी,
जाकिर, महबूब, अमजद और
सलिख जेल से फरार हो गए थे। जेल से फरार होने से पहले आतंकियों ने जेल गार्ड
रमाशंकर की हत्या कर दी। सिमी के ये आतंकी 2013 में खंडवा जेल से भी फरार हुए थे।
लेकिन कुछ महीनों के बाद पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार किया था। केंद्रीय गृहमंत्री
राजनाथ सिंह ने मध्य प्रदेश सरकार से रिपोर्ट पेश करने को कहा था।
सीएम शिवराज सिंह ने
कहा कि ये जेल ब्रेक एक गंभीर मामला है,जिसके तह तक
जाने के लिए जांच होनी चाहिए। उन्होंने गृहमंत्री राजनाथ सिंह से एनआइए जांच की
मांग की थी जिसे केंद्र सरकार ने मान लिया है।
शिवराज सिंह चौहान ने
कहा कि स्थानीय लोगों की मदद से आतंकियों को मार गिराने में कामयाबी मिली। बहादुर
पुलिसकर्मियों की सरकार सराहना करती है। लेकिन कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने
कहा कि जिस ढंग से आतंकियों को मार गिराया गया है, वो
सवालों के घेरे में है।सभी आतंकी मारे जा चुके हैं लिहाजा इसकी जानकारी मुश्किल है
कि वो किस तरह से जेल से फरार होने में कामयाब हुए।
सीएम शिवराज सिंह
चौहान ने कहा कि जेल ब्रेक की घटना राजद्रोह की सीमा तक है। उन्होंने कहा कि फरार
आतंकियों के बारे में जो जानकारी मुहैया कराएगा उसे राज्य सरकार पांच लाख रुपए
इनाम देगी। लापरवाही बरतने के मामले में जेल सुपरिंटेंडेंट समेत चार कर्मचारियों
को निलंबित कर दिया गया है। सीएम ने कहा कि डीआईजी जेल को निलंबित कर दिया गया है।
एडीजी जेल को हटाया जा चुका है।
आपको बता दे कि
आतंकियों ने एक गार्ड की हत्या कर दी थी और दूसरे को घायल भी कर दिया था। भोपाल के
एसपी अरविंद सक्सेना ने बताया कि आतंकियों ने बेडशीट की रस्सी बनाकर जेल की दीवार
फांद कर भाग गए।
नई दिल्ली : भोपाल की
सेंट्रल जेल से फरार सिमी के आठ आतंकियों को जेल से करीब 10 किमी दूर भोपाल के
बाहरी इलाके इंतिखेड़ी गांव में पुलिस ने मार गिराया है। भोपाल के आईजी योगेश
चौधरी ने बताया कि सुरक्षाबलों द्वारा घेरे जाने के बाद सभी आतंकी मार गिराए गए।
शेख मुजीब, खालिद, मजीद, अकील खिलजी,
जाकिर, महबूब, अमजद और
सलिख जेल से फरार हो गए थे। जेल से फरार होने से पहले आतंकियों ने जेल गार्ड
रमाशंकर की हत्या कर दी। सिमी के ये आतंकी 2013 में खंडवा जेल से भी फरार हुए थे।
लेकिन कुछ महीनों के बाद पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार किया था। केंद्रीय गृहमंत्री
राजनाथ सिंह ने मध्य प्रदेश सरकार से रिपोर्ट पेश करने को कहा था।
सीएम शिवराज सिंह ने
कहा कि ये जेल ब्रेक एक गंभीर मामला है,जिसके तह तक
जाने के लिए जांच होनी चाहिए। उन्होंने गृहमंत्री राजनाथ सिंह से एनआइए जांच की
मांग की थी जिसे केंद्र सरकार ने मान लिया है।
शिवराज सिंह चौहान ने
कहा कि स्थानीय लोगों की मदद से आतंकियों को मार गिराने में कामयाबी मिली। बहादुर
पुलिसकर्मियों की सरकार सराहना करती है। लेकिन कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने
कहा कि जिस ढंग से आतंकियों को मार गिराया गया है, वो
सवालों के घेरे में है।सभी आतंकी मारे जा चुके हैं लिहाजा इसकी जानकारी मुश्किल है
कि वो किस तरह से जेल से फरार होने में कामयाब हुए।
सीएम शिवराज सिंह
चौहान ने कहा कि जेल ब्रेक की घटना राजद्रोह की सीमा तक है। उन्होंने कहा कि फरार
आतंकियों के बारे में जो जानकारी मुहैया कराएगा उसे राज्य सरकार पांच लाख रुपए
इनाम देगी। लापरवाही बरतने के मामले में जेल सुपरिंटेंडेंट समेत चार कर्मचारियों
को निलंबित कर दिया गया है। सीएम ने कहा कि डीआईजी जेल को निलंबित कर दिया गया है।
एडीजी जेल को हटाया जा चुका है।
आपको बता दे कि
आतंकियों ने एक गार्ड की हत्या कर दी थी और दूसरे को घायल भी कर दिया था। भोपाल के
एसपी अरविंद सक्सेना ने बताया कि आतंकियों ने बेडशीट की रस्सी बनाकर जेल की दीवार
फांद कर भाग गए।
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