Monday, 10 October 2016

भारत के सियासी फायदे के लिए मसूद को आतंकी घोषित नहीं होने देंगे: चीन

Dainik Times     16:16    
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नई दिल्ली : चीन ने भारत से कहा कि वह न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप (एनएसजी) में उसकी एंट्री के दावे पर बात करने के लिए तैयार है। लेकिन, वह जैश-ए-मोहम्मद के चीफ मसूद अजहर के बैन का यूएन में विरोध करेगा। वह काउंटर टेररिज्म के नाम पर किसी को भी राजनीतिक फायदा नहीं लेने देगा।
china-says-ready-for-consensus-nsg-but-opposed-to-un-ban-on-azhar

आपको बता दें कि भारत ने अजहर पर बैन लगाने और आतंकी घोषित करने के लिए यूनाइटेड नेशन्स ( यूएन) में एप्लिकेशन दे रखी है। यह बयान ऐसे वक्त आया है जब चीन के प्रेसिडेंट शी जिनपिंग BRICS समिट में शामिल होने के लिए इस हफ्ते भारत आ रहे हैं।

चीन के वाइस फॉरेन मिनिस्टर ली बाडोंग ने सोमवार को कहा- "आतंकवाद के नाम पर कोई भी देश राजनीतिक फायदा नहीं उठा सकता है। काउंटर टेररिज्म पर डबल स्टैंडर्ड नहीं होना चाहिए।"

बता दें कि यूएन में चीन दो बार अजहर मसूद को बैन करने के फैसले पर अडंगा लगा चुका है। दोनों बार उसने वीटो पॉवर का इस्तेमाल किया।


चीन ने भारत की एप्लिकेशन को रोकने के लिए 'तकनीकी रोक' का हवाला दिया। इसका इस्तेमाल तभी किया जा सकता है, जब किसी मुद्दे पर मेंबर्स के बीच अलग-अलग विचार हों। इससे सिक्युरिटी काउंसिल को और विचार करने का वक्त मिल जाता है। चीन 15 मेंबर्स वाली यूएन सिक्युरिटी काउंसिल का अकेला मेंबर है, जिसने भारत की मांग पर अड़ंगा लगा रखा है। 14 मेंबर भारत के सपोर्ट में हैं।
नई दिल्ली : चीन ने भारत से कहा कि वह न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप (एनएसजी) में उसकी एंट्री के दावे पर बात करने के लिए तैयार है। लेकिन, वह जैश-ए-मोहम्मद के चीफ मसूद अजहर के बैन का यूएन में विरोध करेगा। वह काउंटर टेररिज्म के नाम पर किसी को भी राजनीतिक फायदा नहीं लेने देगा।
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आपको बता दें कि भारत ने अजहर पर बैन लगाने और आतंकी घोषित करने के लिए यूनाइटेड नेशन्स ( यूएन) में एप्लिकेशन दे रखी है। यह बयान ऐसे वक्त आया है जब चीन के प्रेसिडेंट शी जिनपिंग BRICS समिट में शामिल होने के लिए इस हफ्ते भारत आ रहे हैं।

चीन के वाइस फॉरेन मिनिस्टर ली बाडोंग ने सोमवार को कहा- "आतंकवाद के नाम पर कोई भी देश राजनीतिक फायदा नहीं उठा सकता है। काउंटर टेररिज्म पर डबल स्टैंडर्ड नहीं होना चाहिए।"

बता दें कि यूएन में चीन दो बार अजहर मसूद को बैन करने के फैसले पर अडंगा लगा चुका है। दोनों बार उसने वीटो पॉवर का इस्तेमाल किया।


चीन ने भारत की एप्लिकेशन को रोकने के लिए 'तकनीकी रोक' का हवाला दिया। इसका इस्तेमाल तभी किया जा सकता है, जब किसी मुद्दे पर मेंबर्स के बीच अलग-अलग विचार हों। इससे सिक्युरिटी काउंसिल को और विचार करने का वक्त मिल जाता है। चीन 15 मेंबर्स वाली यूएन सिक्युरिटी काउंसिल का अकेला मेंबर है, जिसने भारत की मांग पर अड़ंगा लगा रखा है। 14 मेंबर भारत के सपोर्ट में हैं।
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