नई दिल्ली : पाकिस्तान
भले ही घाटी में अपनी नापाक साजिश को अंजाम देने में लगा हो और लगातार सीजफायर का
उल्लंघन कर रहा है। लेकिन भारत ने उसको ऐसा जवाब दिया है, जिसके बाद वह बौखलाया हुआ है और समझ में नहीं आ रहा कि क्या किया जाना
चाहिए। ऐसे में रूस के बाद जर्मनी भी खुलकर भारत के समर्थन में आ गया।
आपको बता दे कि रूस
के बाद जर्मनी ने भी पीओके में भारत की सर्जिकल स्ट्राइक का समर्थन किया है। भारत
में जर्मनी के राजदूत डॉ. मार्टिन नेय ने कहा, ‘अंतरराष्ट्रीय
कानूनों के मुताबिक हर देश को आतंक से अपने क्षेत्र को बचाने का अधिकार है। आतंक
के खिलाफ हम हमारे रणनीतिक साझेदार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं और यह कोई
राजनीतिक जुमला नहीं है।’
बता दे कि भारतीय
सेना ने 29 सितंबर को एलओसी पार करके पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक किया था। इसकी
जानकारी भारतीय सेना ने दी थी।
नई दिल्ली : पाकिस्तान
भले ही घाटी में अपनी नापाक साजिश को अंजाम देने में लगा हो और लगातार सीजफायर का
उल्लंघन कर रहा है। लेकिन भारत ने उसको ऐसा जवाब दिया है, जिसके बाद वह बौखलाया हुआ है और समझ में नहीं आ रहा कि क्या किया जाना
चाहिए। ऐसे में रूस के बाद जर्मनी भी खुलकर भारत के समर्थन में आ गया।
आपको बता दे कि रूस
के बाद जर्मनी ने भी पीओके में भारत की सर्जिकल स्ट्राइक का समर्थन किया है। भारत
में जर्मनी के राजदूत डॉ. मार्टिन नेय ने कहा, ‘अंतरराष्ट्रीय
कानूनों के मुताबिक हर देश को आतंक से अपने क्षेत्र को बचाने का अधिकार है। आतंक
के खिलाफ हम हमारे रणनीतिक साझेदार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं और यह कोई
राजनीतिक जुमला नहीं है।’
बता दे कि भारतीय
सेना ने 29 सितंबर को एलओसी पार करके पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक किया था। इसकी
जानकारी भारतीय सेना ने दी थी।
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