Friday, 21 October 2016

पाकिस्तानी सेना देती है आतंकियों को पनाह: हिना रब्बानी

Dainik Times     15:38    
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पाकिस्तान के अंदर ही आतंकियों को सरकारी संरक्षण के खिलाफ धीरे-धीरे आवाज बुलंद होने लगी है। अब पाकिस्तान को अपने घर में ही बड़ा झटका लगा है। अब पाक की पूर्व विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार ने भी पाकिस्तानी सेना पर आतंकवादियों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए इस पर तत्काल लगाम लगाने की जरूरत बताई है।
hina-rabbani-khar-says-on-pakistan-terrorist

हिना रब्बानी के अनुसार न तो विदेशों में बैठे पाकिस्तान के राजदूत नकारा हैं और न ही पाकिस्तान विदेश विभाग कमजोर है। उन्होंने साफ-साफ चेतावनी दी है कि पाकिस्तान को आतंकवादियों को संरक्षण देने की अपनी गलती स्वीकार करनी चाहिए। यदि हम अपनी गलती स्वीकार नहीं करेंगे, तो फिर उसे दुरूस्त भी नहीं करेंगे।

उनके अनुसार राजनीतिक दल हमेशा से आतंकियों को पालने का विरोध करती रही है। वहीं सैन्य शासकों ने हमेशा उनको संरक्षण दिया है। मुशर्रफ के शासन काल की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि इस दौरान पाकिस्तान को आतंकवाद पर दोहरे मापदंड का तमगा हासिल हो गया।


एक पाकिस्तानी चैनल के सवालों का जवाब देते हुए पूर्व विदेशमंत्री हिना रब्बानी खान ने कहा कि किसी भी देश के अंदरूनी तथा पड़ोसियों के साथ संबंधों के मद्देनजर देंखे तो हम आत्मघात की तरफ बढ़ रहे हैं। यदि अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी कह देते कि पाकिस्तान आतंकवाद से लडऩे में हमारी मदद कर रहा है, तो भारत अपनी कोशिशों में कभी कामयाब नहीं हो पाता है। लेकिन समस्या यह है कि हमारे दोनों पड़ोसी एक ही बात कह रहे हैं।
पाकिस्तान के अंदर ही आतंकियों को सरकारी संरक्षण के खिलाफ धीरे-धीरे आवाज बुलंद होने लगी है। अब पाकिस्तान को अपने घर में ही बड़ा झटका लगा है। अब पाक की पूर्व विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार ने भी पाकिस्तानी सेना पर आतंकवादियों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए इस पर तत्काल लगाम लगाने की जरूरत बताई है।
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हिना रब्बानी के अनुसार न तो विदेशों में बैठे पाकिस्तान के राजदूत नकारा हैं और न ही पाकिस्तान विदेश विभाग कमजोर है। उन्होंने साफ-साफ चेतावनी दी है कि पाकिस्तान को आतंकवादियों को संरक्षण देने की अपनी गलती स्वीकार करनी चाहिए। यदि हम अपनी गलती स्वीकार नहीं करेंगे, तो फिर उसे दुरूस्त भी नहीं करेंगे।

उनके अनुसार राजनीतिक दल हमेशा से आतंकियों को पालने का विरोध करती रही है। वहीं सैन्य शासकों ने हमेशा उनको संरक्षण दिया है। मुशर्रफ के शासन काल की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि इस दौरान पाकिस्तान को आतंकवाद पर दोहरे मापदंड का तमगा हासिल हो गया।


एक पाकिस्तानी चैनल के सवालों का जवाब देते हुए पूर्व विदेशमंत्री हिना रब्बानी खान ने कहा कि किसी भी देश के अंदरूनी तथा पड़ोसियों के साथ संबंधों के मद्देनजर देंखे तो हम आत्मघात की तरफ बढ़ रहे हैं। यदि अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी कह देते कि पाकिस्तान आतंकवाद से लडऩे में हमारी मदद कर रहा है, तो भारत अपनी कोशिशों में कभी कामयाब नहीं हो पाता है। लेकिन समस्या यह है कि हमारे दोनों पड़ोसी एक ही बात कह रहे हैं।
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