नई दिल्ली : मध्यप्रदेश
की राजधानी भोपाल के लाल परेड मैदान में पूर्व सैनिक सम्मेलन व शौर्य सम्मान सभा
को भी संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने सर्जिकल अटैक का जिक्र किया और सरकार पर
निशाना साधने वालों को जवाब दिया। पीएम ने कहा कि उरी हमले के बाद उन दिनों रोज
मेरे बाल नोच लिए जाते थे, लोग कहते थे मोदी सोता है कुछ
करता नहीं, जैसे सेना और रक्षा मंत्री नहीं बोलते। लेकिन मैं
उन लोगों से कहना चाहता हूं कि हमारी सेना बोलती नहीं, बल्कि
पराक्रम करती है। वैसे ही हमारे रक्षा मंत्री बोलते नहीं, काम
करते हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि
भारतीय सेना मानवता की बड़ी मिसाल है। हमारे जवान इसलिए अपना जीवन खपा देते हैं कि
देश चैन की नींद सो सकें। ये मेरा सौभाग्य है कि देश के लिए शहीद हुए वीरों को
श्रद्धासुमन अर्पित करने का मौका मुझे मिला है। मोदी ने कहा कि हमारी सेना के जवान
की मानवता है कि वो किसी से साथ भेदभाव नहीं करते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने
कहा कि हमारी सेना के कई रूप हैं, मगर उसकी चर्चा सिर्फ एक
रूप की होती है। वह है यूनीफार्म, हाथ में शस्त्र और आंखों
में युद्ध की ज्वाला। उसके कई और भी रूप हैं। सेना प्राकृतिक आपदा के समय लोगों का
जीवन बचाने के लिए अपने जीवन को संकट में डाल देती है। बद्रीनाथ, केदारनाथ में आई प्राकृतिक आपदा में सेना के काम को देश व दुनिया ने देखा
है।
कश्मीर में आई बाढ़
में सेना द्वारा किए गए राहत व बचाव कार्य का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि बाढ़
की समस्या से जूझना सरकार के भी बस का नहीं था, तब सेना के
जवानों ने बाढ़ पीड़ितों की जान को बचाने के लिए अपनी जान खपा दी। उन्होंने यह कभी
नहीं सोचा कि ये वे लोग हैं, जो उन्हें पत्थर मारते हैं,
आंख फोड़ देते हैं, सिर फोड़ देते हैं,
कई बार तो हमला इतना बड़ा होता है कि मौत तक हो जाती है।
आतंकवाद का जिक्र
करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि कि आज आतंकवाद ने भयंकर रूप ले लिया है। पश्चिम
एशिया आतंकवाद से घिरा हुआ है। सेना ने यमन में फंसे हजारों लोगों को बचाया। हमने
कभी किसी देश की एक इंच जमीन हड़पने के लिए युद्ध नहीं किया।
इससे पहले
रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा कि देश में शौर्य कम नहीं है, 29 सितंबर को हमारी सेनाओं ने एक बार फिर अपना शौर्य दिखाया। उन्होंने कहा
कि शिवाजी, महाराणा प्रताप और वर्ष 1965 तथा 1971 के युद्ध
में हमारे सैनिकों का शौर्य पूरी दुनिया ने देखा है। ऐसा पराक्रम करने वाले
सैनिकों में मध्य प्रदेश के सैनिक भी है।
नई दिल्ली : मध्यप्रदेश
की राजधानी भोपाल के लाल परेड मैदान में पूर्व सैनिक सम्मेलन व शौर्य सम्मान सभा
को भी संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने सर्जिकल अटैक का जिक्र किया और सरकार पर
निशाना साधने वालों को जवाब दिया। पीएम ने कहा कि उरी हमले के बाद उन दिनों रोज
मेरे बाल नोच लिए जाते थे, लोग कहते थे मोदी सोता है कुछ
करता नहीं, जैसे सेना और रक्षा मंत्री नहीं बोलते। लेकिन मैं
उन लोगों से कहना चाहता हूं कि हमारी सेना बोलती नहीं, बल्कि
पराक्रम करती है। वैसे ही हमारे रक्षा मंत्री बोलते नहीं, काम
करते हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि
भारतीय सेना मानवता की बड़ी मिसाल है। हमारे जवान इसलिए अपना जीवन खपा देते हैं कि
देश चैन की नींद सो सकें। ये मेरा सौभाग्य है कि देश के लिए शहीद हुए वीरों को
श्रद्धासुमन अर्पित करने का मौका मुझे मिला है। मोदी ने कहा कि हमारी सेना के जवान
की मानवता है कि वो किसी से साथ भेदभाव नहीं करते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने
कहा कि हमारी सेना के कई रूप हैं, मगर उसकी चर्चा सिर्फ एक
रूप की होती है। वह है यूनीफार्म, हाथ में शस्त्र और आंखों
में युद्ध की ज्वाला। उसके कई और भी रूप हैं। सेना प्राकृतिक आपदा के समय लोगों का
जीवन बचाने के लिए अपने जीवन को संकट में डाल देती है। बद्रीनाथ, केदारनाथ में आई प्राकृतिक आपदा में सेना के काम को देश व दुनिया ने देखा
है।
कश्मीर में आई बाढ़
में सेना द्वारा किए गए राहत व बचाव कार्य का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि बाढ़
की समस्या से जूझना सरकार के भी बस का नहीं था, तब सेना के
जवानों ने बाढ़ पीड़ितों की जान को बचाने के लिए अपनी जान खपा दी। उन्होंने यह कभी
नहीं सोचा कि ये वे लोग हैं, जो उन्हें पत्थर मारते हैं,
आंख फोड़ देते हैं, सिर फोड़ देते हैं,
कई बार तो हमला इतना बड़ा होता है कि मौत तक हो जाती है।
आतंकवाद का जिक्र
करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि कि आज आतंकवाद ने भयंकर रूप ले लिया है। पश्चिम
एशिया आतंकवाद से घिरा हुआ है। सेना ने यमन में फंसे हजारों लोगों को बचाया। हमने
कभी किसी देश की एक इंच जमीन हड़पने के लिए युद्ध नहीं किया।
इससे पहले
रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा कि देश में शौर्य कम नहीं है, 29 सितंबर को हमारी सेनाओं ने एक बार फिर अपना शौर्य दिखाया। उन्होंने कहा
कि शिवाजी, महाराणा प्रताप और वर्ष 1965 तथा 1971 के युद्ध
में हमारे सैनिकों का शौर्य पूरी दुनिया ने देखा है। ऐसा पराक्रम करने वाले
सैनिकों में मध्य प्रदेश के सैनिक भी है।
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