नई दिल्ली : भारत
द्वारा नियंत्रण रेखा (एलओसी) में किए गए सर्जिकल स्ट्राइक का रूस ने समर्थन किया
है। उन्होंने कहा कि हर देश को अपना बचाव करने का अधिकार है। भारत में रूसी राजदूत
अलेक्जेंडर एम कदाकिन ने कहा कि सबसे ज्यादा मानवाधिकारों का उल्लंघन तब होता है
जब सैन्य प्रतिष्ठानों और शांतिपूर्ण तरीके से रह रहे लोगों को निशाना बनाया जाता
है।
उन्होंने भारत के
सर्जिकल स्ट्राइक का समर्थन किया। कहा कि हर देश को स्वयं की रक्षा करने का अधिकार
है।
कदाकिन ने कहा कि रूस
पहला देश है जिसने साफ शब्दों में कहा है कि आतंकवादी पाकिस्तान से आए थे।
उन्होंने इस्लामाबाद से पूछा कि वह सीमा पार आतंकवाद को कब खत्म करेगा। रूस के
राजदूत ने ये बयान एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू के दौरान कही।
गौरतलब है कि 29
सितंबर की सुबह भारतीय फौज ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) पर सर्जिकल
स्ट्राइक करके आतंकियों को मार गिराया था।
नई दिल्ली : भारत
द्वारा नियंत्रण रेखा (एलओसी) में किए गए सर्जिकल स्ट्राइक का रूस ने समर्थन किया
है। उन्होंने कहा कि हर देश को अपना बचाव करने का अधिकार है। भारत में रूसी राजदूत
अलेक्जेंडर एम कदाकिन ने कहा कि सबसे ज्यादा मानवाधिकारों का उल्लंघन तब होता है
जब सैन्य प्रतिष्ठानों और शांतिपूर्ण तरीके से रह रहे लोगों को निशाना बनाया जाता
है।
उन्होंने भारत के
सर्जिकल स्ट्राइक का समर्थन किया। कहा कि हर देश को स्वयं की रक्षा करने का अधिकार
है।
कदाकिन ने कहा कि रूस
पहला देश है जिसने साफ शब्दों में कहा है कि आतंकवादी पाकिस्तान से आए थे।
उन्होंने इस्लामाबाद से पूछा कि वह सीमा पार आतंकवाद को कब खत्म करेगा। रूस के
राजदूत ने ये बयान एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू के दौरान कही।
गौरतलब है कि 29
सितंबर की सुबह भारतीय फौज ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) पर सर्जिकल
स्ट्राइक करके आतंकियों को मार गिराया था।
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