Tuesday, 8 November 2016

भयानक आर्थिक संकट में चीनः पाकिस्तान में निवेश करने से घट गया विदेशी मुद्रा भण्डार...

Dainik Times     08:09    
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नई दिल्ली : पाकिस्तान में 51 बिलियन डॉलर निवेश करने वाले चीन के सामने बड़ा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। पाकिस्तान में इतने बड़े निवेश की वजह से चीन के विदेशी मुद्रा भण्डार में भारी गिरावट आ गयी है। विदेशी मु्द्रा भंडार अक्तूबर में एक महीने पहले के मुकाबले 45.7 अरब डॉलर घटकर 3,120 अरब डॉलर रह गया। मार्च 2011 के बाद से चीन में विदेशी मु्द्रा भंडार का यह सबसे निचला स्तर है।
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आपको बता दे कि चीन में यह स्थिति तब बनी है जब उसने युआन की गिरावट को थामने के लिये डॉलर की बिकवाली की। सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने यह जानकारी दी है। इस साल की शुरुआत के बाद से चीन की मु्द्रा अमेरिकी डॉलर के सामने चार प्रतिशत गिर चुकी है। अमेरिका के केंद्रीय बैंक द्वारा ब्याज दर बढ़ाने को लेकर लगातार बढ़ती प्रत्याशा के चलते डॉलर मजबूत हुआ है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि युआन में आ रही तेज गिरावट उम्मीद से हटकर है। इसके पीछे कोई खास वजह नहीं दिखाई देती है।


चीन की मु्द्रा में गिरावट की एक वजह चीन से विदेशों में अधिक निवेश करना भी है। वर्ष के पहले सात माह के दौरान चीन ने विदेशों में 102.75 अरब डॉलर का निवेश किया है जबकि इस दौरान देश में 77.13 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आया।
नई दिल्ली : पाकिस्तान में 51 बिलियन डॉलर निवेश करने वाले चीन के सामने बड़ा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। पाकिस्तान में इतने बड़े निवेश की वजह से चीन के विदेशी मुद्रा भण्डार में भारी गिरावट आ गयी है। विदेशी मु्द्रा भंडार अक्तूबर में एक महीने पहले के मुकाबले 45.7 अरब डॉलर घटकर 3,120 अरब डॉलर रह गया। मार्च 2011 के बाद से चीन में विदेशी मु्द्रा भंडार का यह सबसे निचला स्तर है।
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आपको बता दे कि चीन में यह स्थिति तब बनी है जब उसने युआन की गिरावट को थामने के लिये डॉलर की बिकवाली की। सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने यह जानकारी दी है। इस साल की शुरुआत के बाद से चीन की मु्द्रा अमेरिकी डॉलर के सामने चार प्रतिशत गिर चुकी है। अमेरिका के केंद्रीय बैंक द्वारा ब्याज दर बढ़ाने को लेकर लगातार बढ़ती प्रत्याशा के चलते डॉलर मजबूत हुआ है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि युआन में आ रही तेज गिरावट उम्मीद से हटकर है। इसके पीछे कोई खास वजह नहीं दिखाई देती है।


चीन की मु्द्रा में गिरावट की एक वजह चीन से विदेशों में अधिक निवेश करना भी है। वर्ष के पहले सात माह के दौरान चीन ने विदेशों में 102.75 अरब डॉलर का निवेश किया है जबकि इस दौरान देश में 77.13 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आया।
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