नई दिल्ली : हरियाणा
सरकार की ओर से ऐलान किया गया है कि पूर्व सैनिक रामकिशन ग्रेवाल के परिजनों को 10
लाख रुपये की मदद दी जाएगी। साथ ही परिवार के एक आदमी को नौकरी की भी बात कही गई
है।
अपनी खुदकुशी को
"अपने जवानों और देश के लिए बलिदान" करार देते हुए, वह यह भी कह रहे हैं, "जो भी कुछ हो रहा है,
वह दुखद है। जवानों को न्याय नहीं मिला है।"
वहीं, पूर्व सैनिक ग्रेवाल के परिजनों ने दावा किया है कि वे रक्षा मंत्री मनोहर
पर्रिकर से पेंशन बढ़वाने के सिलसिले में मिलना चाहते थे। हालांकि रक्षामंत्रालय का
कहना है कि मंत्रालय को अभी तक अपॉइंटमेंट के संबंध में कोई अनुरोध नहीं मिला
"न ही उनका पत्र में इस संबंध में कुछ कहा गया है।"
रक्षा मंत्रालय
सूत्रों की मानें तो 'ओआरओपी' को
लेकर कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले पूर्व सैनिक राम किशन ग्रेवाल संशोधित पेंशन
योजना के तहत लाभ प्राप्त करने वालों में शामिल थे।
मंगलवार को मौत से
पहले,
मृतक ग्रेवाल ने अंतिम बार फोन अपने बेटे जसवंत ग्रेवाल को किया था।
फोन कॉल को उनके बेटे जसवंत द्वारा रिकॉर्ड किया गया था जिसमें वे कह रहे थे,
"मैंने जहर खा लिया है, मैं जवाहर भवन
में हूं।"
जानकारी के लिए बता
दें कि वन रैंक वन पेंशन की मांग को लेकर रिटायर्ड सैनिक राम किशन ग्रेवाल ने कथित
तौर पर ज़हर खाकर की आत्महत्या की थी। वे अपने साथियों के साथ जंतर-मंतर पर धरना दे
रहे थे। परिजनों के मुताबिक, मंगलवार दोपहर रामकिशन
ग्रेवाल अपने साथियों के साथ रक्षामंत्री से मिलने जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने ज़हर खा लिया।
परिजनों के मुताबिक, जो ज्ञापन उनके पिता अपनी मांगों को लेकर रक्षामंत्री को देने जा रहे थे
उसी पर उन्होंने सुसाइड नोट लिखकर जहर खा लिया।
नई दिल्ली : हरियाणा
सरकार की ओर से ऐलान किया गया है कि पूर्व सैनिक रामकिशन ग्रेवाल के परिजनों को 10
लाख रुपये की मदद दी जाएगी। साथ ही परिवार के एक आदमी को नौकरी की भी बात कही गई
है।
अपनी खुदकुशी को
"अपने जवानों और देश के लिए बलिदान" करार देते हुए, वह यह भी कह रहे हैं, "जो भी कुछ हो रहा है,
वह दुखद है। जवानों को न्याय नहीं मिला है।"
वहीं, पूर्व सैनिक ग्रेवाल के परिजनों ने दावा किया है कि वे रक्षा मंत्री मनोहर
पर्रिकर से पेंशन बढ़वाने के सिलसिले में मिलना चाहते थे। हालांकि रक्षामंत्रालय का
कहना है कि मंत्रालय को अभी तक अपॉइंटमेंट के संबंध में कोई अनुरोध नहीं मिला
"न ही उनका पत्र में इस संबंध में कुछ कहा गया है।"
रक्षा मंत्रालय
सूत्रों की मानें तो 'ओआरओपी' को
लेकर कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले पूर्व सैनिक राम किशन ग्रेवाल संशोधित पेंशन
योजना के तहत लाभ प्राप्त करने वालों में शामिल थे।
मंगलवार को मौत से
पहले,
मृतक ग्रेवाल ने अंतिम बार फोन अपने बेटे जसवंत ग्रेवाल को किया था।
फोन कॉल को उनके बेटे जसवंत द्वारा रिकॉर्ड किया गया था जिसमें वे कह रहे थे,
"मैंने जहर खा लिया है, मैं जवाहर भवन
में हूं।"
जानकारी के लिए बता
दें कि वन रैंक वन पेंशन की मांग को लेकर रिटायर्ड सैनिक राम किशन ग्रेवाल ने कथित
तौर पर ज़हर खाकर की आत्महत्या की थी। वे अपने साथियों के साथ जंतर-मंतर पर धरना दे
रहे थे। परिजनों के मुताबिक, मंगलवार दोपहर रामकिशन
ग्रेवाल अपने साथियों के साथ रक्षामंत्री से मिलने जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने ज़हर खा लिया।
परिजनों के मुताबिक, जो ज्ञापन उनके पिता अपनी मांगों को लेकर रक्षामंत्री को देने जा रहे थे
उसी पर उन्होंने सुसाइड नोट लिखकर जहर खा लिया।
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