भारत की न्यूक्लियर सप्लायर ग्रुप (NSG) में एंट्री के मुद्दे पर चीन ने नरमाहट दिखाई है। उसने कहा है कि जिन देशों ने नॉन-प्रोलिफिरेशन ट्रीटी (परमाणु अप्रसार संधि-NPT) पर साइन नहीं किए हैं, वे भी एनएसजी के मेंबर हो सकते हैं। इसके लिए आपसी चर्चा का रास्ता हमेशा खुला है।
मंगलवार को ही चीनी 'ग्लोबल टाइम्स' ने अपने एक आर्टिकल में पाकिस्तान का बचाव किया था। ये आर्टिकल उस वक्त आया है जब बुधवार को सिओल में एनएसजी प्लेनरी मीटिंग होने वाली है।
ये बोला चीन :-
-चीन की फॉरेन डिपार्टमेंट की स्पोक्सपर्सन हुआ चुनयिंग के मुताबिक, "नॉन एनपीटी मेंबर्स के NSG में जाने के रास्ते फिलहाल खुले हुए हैं।"
- "इस मुद्दे पर डिस्कशन की गुंजाइश बनी हुई है। इन देशों को चाहिए कि वे एनएसजी की प्लेनरी में मुद्दे पर चर्चा करें।"
- दरअसल 23-24 जून को सिओल में एनएसजी प्लेनरी की मीटिंग होने वाली है।
- चीन के सरकारी अखबार ने लिखा, "जहां भारत एनएसजी में शामिल होने की कोशिश कर रहा है, वहीं वह पाक को उसके खराब न्यूक्लियर रिकॉर्ड के बेस पर रोकता है।"
- "असल में पाकिस्तान की ओर से अब्दुल कादिर खान ने न्यूक्लियर प्रोग्राम चलाया था। ये सरकार की ऑफिशियल पॉलिसी नहीं थी।"
- ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक, "खान को कई साल घर में नजरबंद रखे जाने के बाद सरकार ने उन्हें दंडित किया।"
- "अगर NPT और एनएसजी भारत को छूट दे सकते हैं, तो ये छूट पाकिस्तान पर भी लागू होनी चाहिए।"
- ये पहली बार है जब चीनी मीडिया ने एनएसजी मेंबरशिप को लेकर सीधे तौर पर पाकिस्तान का सपोर्ट किया है।
भारत की न्यूक्लियर सप्लायर ग्रुप (NSG) में एंट्री के मुद्दे पर चीन ने नरमाहट दिखाई है। उसने कहा है कि जिन देशों ने नॉन-प्रोलिफिरेशन ट्रीटी (परमाणु अप्रसार संधि-NPT) पर साइन नहीं किए हैं, वे भी एनएसजी के मेंबर हो सकते हैं। इसके लिए आपसी चर्चा का रास्ता हमेशा खुला है।
मंगलवार को ही चीनी 'ग्लोबल टाइम्स' ने अपने एक आर्टिकल में पाकिस्तान का बचाव किया था। ये आर्टिकल उस वक्त आया है जब बुधवार को सिओल में एनएसजी प्लेनरी मीटिंग होने वाली है।
ये बोला चीन :-
-चीन की फॉरेन डिपार्टमेंट की स्पोक्सपर्सन हुआ चुनयिंग के मुताबिक, "नॉन एनपीटी मेंबर्स के NSG में जाने के रास्ते फिलहाल खुले हुए हैं।"
- "इस मुद्दे पर डिस्कशन की गुंजाइश बनी हुई है। इन देशों को चाहिए कि वे एनएसजी की प्लेनरी में मुद्दे पर चर्चा करें।"
- दरअसल 23-24 जून को सिओल में एनएसजी प्लेनरी की मीटिंग होने वाली है।
- चीन के सरकारी अखबार ने लिखा, "जहां भारत एनएसजी में शामिल होने की कोशिश कर रहा है, वहीं वह पाक को उसके खराब न्यूक्लियर रिकॉर्ड के बेस पर रोकता है।"
- "असल में पाकिस्तान की ओर से अब्दुल कादिर खान ने न्यूक्लियर प्रोग्राम चलाया था। ये सरकार की ऑफिशियल पॉलिसी नहीं थी।"
- ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक, "खान को कई साल घर में नजरबंद रखे जाने के बाद सरकार ने उन्हें दंडित किया।"
- "अगर NPT और एनएसजी भारत को छूट दे सकते हैं, तो ये छूट पाकिस्तान पर भी लागू होनी चाहिए।"
- ये पहली बार है जब चीनी मीडिया ने एनएसजी मेंबरशिप को लेकर सीधे तौर पर पाकिस्तान का सपोर्ट किया है।
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