नई दिल्ली : स्वतंत्रता
दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा को लेकर एजेंसियों ने खतरा
जताया है। एजेंसियों ने सलाह दी है कि इस बार बुलेटप्रुफ घेरे में पीएम मोदी लाल
किले से अपना भाषण दें।
राष्ट्रीय सुरक्षा
सलाहकार अजीत डोभाल की सलाह के बाद खुफिया एजेंसियां और एसपीजी (स्पेशल प्रोटेक्शन
ग्रुप) पीएम की सुरक्षा को लेकर खास इंतजामों में लगे हैं।
टाइम्स ऑफ इंडिया के
अनुसार इस बार खतरा इतना ज्यादा है कि बुलेटप्रुफ घेरा लगाना बहुत ही जरूरी है।
इसके साथ ही पिछले दो बार मोदी ने अंतिम समय में बुलेटप्रुफ घेरे को हटाने का आदेश
दिया था। लेकिन, इस बार घेरे के साथ ही उनके आसपास सुरक्षा
के इंतजाम भी पहले से ज्यादा होंगे। यहां तक कि आतंकी ड्रोन का इस्तेमाल कर पीएम
पर हमला कर सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार
बताया जाता है कि इस बार केवल कश्मीर हिंसा या बढ़ती घुसपैठ की घटनाएं ही कारण
नहीं हैं। बल्कि, एजेंसियों ने कुछ ऐसे संवाद
इंटरसेप्ट किए हैं जिनमें पीएम की सुरक्षा में ड्रोन हमले के जरिए सेंध लगाने की
कोशिश की चर्चा है। इसके साथ ही आईएसआईएस के बढ़ते खतरे को भांपते हुए भी सुरक्षा
को लेकर खास इंतजाम किए गए हैं।
सूत्रों के अनुसार
करीब 5 हजार सुरक्षाकर्मी पीएम मोदी की सुरक्षा में लगेंगे। इसमें पुलिस, सेना, खुफिया एजेंसियों और एसपीजी के कर्मी शामिल
होंगे। इसके साथ ही लाल किले से एक किलोमीटर के दायरे में सुरक्षा की पूरी
जिम्मेदारी ट्रेंड कमांडो के हाथों होगी। यहीं परिंदे को भी पर मारने की इजाजत
नहीं होगी।
नई दिल्ली : स्वतंत्रता
दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा को लेकर एजेंसियों ने खतरा
जताया है। एजेंसियों ने सलाह दी है कि इस बार बुलेटप्रुफ घेरे में पीएम मोदी लाल
किले से अपना भाषण दें।
राष्ट्रीय सुरक्षा
सलाहकार अजीत डोभाल की सलाह के बाद खुफिया एजेंसियां और एसपीजी (स्पेशल प्रोटेक्शन
ग्रुप) पीएम की सुरक्षा को लेकर खास इंतजामों में लगे हैं।
टाइम्स ऑफ इंडिया के
अनुसार इस बार खतरा इतना ज्यादा है कि बुलेटप्रुफ घेरा लगाना बहुत ही जरूरी है।
इसके साथ ही पिछले दो बार मोदी ने अंतिम समय में बुलेटप्रुफ घेरे को हटाने का आदेश
दिया था। लेकिन, इस बार घेरे के साथ ही उनके आसपास सुरक्षा
के इंतजाम भी पहले से ज्यादा होंगे। यहां तक कि आतंकी ड्रोन का इस्तेमाल कर पीएम
पर हमला कर सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार
बताया जाता है कि इस बार केवल कश्मीर हिंसा या बढ़ती घुसपैठ की घटनाएं ही कारण
नहीं हैं। बल्कि, एजेंसियों ने कुछ ऐसे संवाद
इंटरसेप्ट किए हैं जिनमें पीएम की सुरक्षा में ड्रोन हमले के जरिए सेंध लगाने की
कोशिश की चर्चा है। इसके साथ ही आईएसआईएस के बढ़ते खतरे को भांपते हुए भी सुरक्षा
को लेकर खास इंतजाम किए गए हैं।
सूत्रों के अनुसार
करीब 5 हजार सुरक्षाकर्मी पीएम मोदी की सुरक्षा में लगेंगे। इसमें पुलिस, सेना, खुफिया एजेंसियों और एसपीजी के कर्मी शामिल
होंगे। इसके साथ ही लाल किले से एक किलोमीटर के दायरे में सुरक्षा की पूरी
जिम्मेदारी ट्रेंड कमांडो के हाथों होगी। यहीं परिंदे को भी पर मारने की इजाजत
नहीं होगी।
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