Saturday, 23 July 2016

काबुल में आत्मघाती हमला, 61 की मौत, ISIS ने ली जिम्मेदारी!

Dainik Times     21:46    
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नई दिल्ली : अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में अल्पसंख्यक हजारा समुदाय के विरोध प्रदर्शन में हुए आत्मघाती बम हमले में कम से कम 61 लोगों की मौत हो गई, जबकि 207 अन्य घायल हुए हैं। स्थानीय समाचार एजेंसी अमाक़ के अनुसार, आतंकी संगठन ISIS ने इस हमले की जिम्मेदारी की है।
61-people-dead-207-wounded-in-an-explosion-in-kabul-afghan-officials

जनस्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद इस्माइल कवौसी ने बम हमले की पुष्टि करते हुए कहा था कि कम से कम 61 लोग मारे गए और 200 से ज्यादा घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। उन्होंने बताया था कि हताहतों की संख्या में इजाफा हो सकता है।

समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने पुलिस के हवाले से बताया कि राजधानी में एक प्रमुख विद्युत ट्रांसमिशन लाइन के विरोध में अल्पसंख्यक हज़ारा शियाओं का समूह प्रदर्शन कर रहे थे, जिस दौरान यह बम धमाका हुआ। 

प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि यह विद्युत लाइन गरीबी से जूझ रहे उनके गृह प्रांत से होकर ले जाई जाए। इस आत्मघाती हमले से गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने चौराहे के आसपास के इलाके को सील कर दिया और पुलिस एवं अन्य सुरक्षा बलों को दाखिल होने से रोक दिया। कुछ लोगों ने सुरक्षा बलों पर पत्थर भी फेंके।

इस बीच राष्ट्रपति अशरफ गनी ने एक बयान जारी कर धमाके की निंदा की है। गनी ने कहा, 'शांतिपूर्ण प्रदर्शन अफगानिस्तान के हर नागरिक का अधिकार है और सरकार उन्हें सुरक्षा मुहैया कराने के लिए हरसंभव कदम उठाएगी।'
नई दिल्ली : अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में अल्पसंख्यक हजारा समुदाय के विरोध प्रदर्शन में हुए आत्मघाती बम हमले में कम से कम 61 लोगों की मौत हो गई, जबकि 207 अन्य घायल हुए हैं। स्थानीय समाचार एजेंसी अमाक़ के अनुसार, आतंकी संगठन ISIS ने इस हमले की जिम्मेदारी की है।
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जनस्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद इस्माइल कवौसी ने बम हमले की पुष्टि करते हुए कहा था कि कम से कम 61 लोग मारे गए और 200 से ज्यादा घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। उन्होंने बताया था कि हताहतों की संख्या में इजाफा हो सकता है।

समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने पुलिस के हवाले से बताया कि राजधानी में एक प्रमुख विद्युत ट्रांसमिशन लाइन के विरोध में अल्पसंख्यक हज़ारा शियाओं का समूह प्रदर्शन कर रहे थे, जिस दौरान यह बम धमाका हुआ। 

प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि यह विद्युत लाइन गरीबी से जूझ रहे उनके गृह प्रांत से होकर ले जाई जाए। इस आत्मघाती हमले से गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने चौराहे के आसपास के इलाके को सील कर दिया और पुलिस एवं अन्य सुरक्षा बलों को दाखिल होने से रोक दिया। कुछ लोगों ने सुरक्षा बलों पर पत्थर भी फेंके।

इस बीच राष्ट्रपति अशरफ गनी ने एक बयान जारी कर धमाके की निंदा की है। गनी ने कहा, 'शांतिपूर्ण प्रदर्शन अफगानिस्तान के हर नागरिक का अधिकार है और सरकार उन्हें सुरक्षा मुहैया कराने के लिए हरसंभव कदम उठाएगी।'
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