नई दिल्ली : भारतीय
हैकर को ट्विटर ने अपनी विडियो सर्विस वाइन के लिए सोर्स कोड डिस्कवर करने पर
$10,080 यानी करीब 6.8 लाख रुपए दिए हैं।
Vine ट्विटर
का एक विडियो बेस्ड माइक्रोब्लॉगिंग प्लैटफ़ॉर्म है। इसमें यूजर्स 6 सेकंड के लूप
विडियो डाल सकते हैं। ट्विटर ने अक्टूबर 2012 में यह सर्विस शुरू की थी।
इंडियन बग बाउंटी
हंटर अविनाश ने वाइन का पूरा का पूरा सोर्स कोड ही डाउनलोड कर लिया वो भी बिना
किसी दिक्कत के। अविनाश को एक डॉकर इमेज मिली जिसमें यह सोर्स कोड था।
वाइन की कमियों को
ढूंढते हुए अविनाश को एक डॉकर इमेज मिली जिसमें वाइन का सोर्स कोड था। इस सोर्स
कोड को प्राइवेट होना चहिए था लेकिन यह पब्लिकली ऑनलाइन था।
डॉकर एक ओपन सोर्स
कंटेनर टेक्नॉलजी है, जो कि पुराने सर्वर पर ही कई
सारे ऐप्स को रन कर सकती है। इस टेक्नॉलजी के जरिए आसानी से प्रोग्राम्स शिप किए
जा सकते हैं इसलिए वाइन ने अपने सोर्स कोड को डॉकर इमेज में सेव किया था।
आपको बता दे कि अविनाश
ने Censys.io
पर सर्च किया था। Censys.io सभी हैकर्स का नया
सर्च इंजन है। इस सर्च इंजन को यूज करते हुए अविनाश को 80 डॉकर इमेजेज मिली लेकिन
उन्होंने विशेष रूप से vinewww को डाउनलोड किया क्योंकि इसके
नाम में लिखा गया www साधारण तौर पर वेब सर्वर पर मौजूद
वेबसाइट्स के लिए यूज किया जाता है।
अविनाश ने इसकी सूचना
ट्विटर को दी और कंपनी ने उन्हें इनाम के तौर पर 10,080
डॉलर दिए। अविनाश के इन्फॉर्म करने के बाद 5 मिनट में ही ट्विटर ने अपनी गलती
सुधार ली। 2015 में भी अविनाश ने ट्विटर को 19 बग्स के बारे में जानकारी दी थी
जिसके बाद उन्हें पैसे देकर सम्मानित किया गया था।
नई दिल्ली : भारतीय
हैकर को ट्विटर ने अपनी विडियो सर्विस वाइन के लिए सोर्स कोड डिस्कवर करने पर
$10,080 यानी करीब 6.8 लाख रुपए दिए हैं।
Vine ट्विटर
का एक विडियो बेस्ड माइक्रोब्लॉगिंग प्लैटफ़ॉर्म है। इसमें यूजर्स 6 सेकंड के लूप
विडियो डाल सकते हैं। ट्विटर ने अक्टूबर 2012 में यह सर्विस शुरू की थी।
इंडियन बग बाउंटी
हंटर अविनाश ने वाइन का पूरा का पूरा सोर्स कोड ही डाउनलोड कर लिया वो भी बिना
किसी दिक्कत के। अविनाश को एक डॉकर इमेज मिली जिसमें यह सोर्स कोड था।
वाइन की कमियों को
ढूंढते हुए अविनाश को एक डॉकर इमेज मिली जिसमें वाइन का सोर्स कोड था। इस सोर्स
कोड को प्राइवेट होना चहिए था लेकिन यह पब्लिकली ऑनलाइन था।
डॉकर एक ओपन सोर्स
कंटेनर टेक्नॉलजी है, जो कि पुराने सर्वर पर ही कई
सारे ऐप्स को रन कर सकती है। इस टेक्नॉलजी के जरिए आसानी से प्रोग्राम्स शिप किए
जा सकते हैं इसलिए वाइन ने अपने सोर्स कोड को डॉकर इमेज में सेव किया था।
आपको बता दे कि अविनाश
ने Censys.io
पर सर्च किया था। Censys.io सभी हैकर्स का नया
सर्च इंजन है। इस सर्च इंजन को यूज करते हुए अविनाश को 80 डॉकर इमेजेज मिली लेकिन
उन्होंने विशेष रूप से vinewww को डाउनलोड किया क्योंकि इसके
नाम में लिखा गया www साधारण तौर पर वेब सर्वर पर मौजूद
वेबसाइट्स के लिए यूज किया जाता है।
अविनाश ने इसकी सूचना
ट्विटर को दी और कंपनी ने उन्हें इनाम के तौर पर 10,080
डॉलर दिए। अविनाश के इन्फॉर्म करने के बाद 5 मिनट में ही ट्विटर ने अपनी गलती
सुधार ली। 2015 में भी अविनाश ने ट्विटर को 19 बग्स के बारे में जानकारी दी थी
जिसके बाद उन्हें पैसे देकर सम्मानित किया गया था।
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