नई दिल्ली : विराट
कोहली के कप्तानी में टीम इंडिया ने एंटीगा में खेले गए पहले टेस्ट में वेस्टइंडीज
को एक पारी और 92 रन से हराकर एशिया के बाहर सबसे बड़ी जीत दर्ज की लेकिन विराट
कोहली ने कहा कि उन्हें इसका जरा भी अंदाजा नहीं था कि यह घर से दूर उनकी सबसे बड़ी
जीत है।
आपको बता दे कि विराट
ने इस मैच में अपने करियर का पहला दोहरा शतक जड़ कर इतिहास रच दिया। वेस्टइंडीज की
धरती पर ऐसा करने वाले वो टीम इंडिया के पहले कप्तान बन गए हैं।
विराट ने 283 गेंदो
का समना कर 70.67 के स्ट्राइक रेट से अपने 200 रन पूरे किए। अपनी इस पारी में
विराट ने 24 चौके लगाए लेकिन उनके बल्ले से एक भी छक्का नहीं लगा।
विराट कोहली (200) और
रविचंद्रन अश्विन (113) ने उम्दा पारियां खेली। भारतीय पारी में चार छक्के लगे, लेकिन एक भी छक्का इन दोनों के बल्ले से नहीं लगा। शिखर धवन और रिद्धिमान
साहा ने एक-एक जबकि मोहम्मद शमी ने दो छक्के उड़ाए।
कोहली का स्ट्राइक
रेट अन्य भारतीय बल्लेबाजों की तुलना में काफी अधिक था, लेकिन उन्होंने एक भी छक्का नहीं जमाया जो उनकी बल्लेबाजी तकनीक को साबित
करता है कि वह किस ऊंचाई तक पहुंच चुके हैं।
मैच के बाद कोहली ने
कहा,
'आधुनिक दिनों के बल्लेबाजों के लिए एक चुनौती रहती है, उन्हें बदलते फॉर्मेट के हिसाब से अपने आप को ढालना होता है। अगर आपको
सर्वश्रेष्ठ बनना है तो खुद को अच्छे से हर प्रारूप में ढालना होगा। संदीप पाटिल
ने मुझसे पूछा कि मैं पारी के दौरान छक्का लगाऊंगा तो मैंने कहा कि पांच
बल्लेबाजों के साथ खेल रहा हूं इसलिए छक्का नहीं लगाऊंगा।'
मैच से पहले कोहली ने
कहा था,
'पांच बल्लेबाजों पर छठें बल्लेबाज को बनाने की बड़ी जिम्मेदारी होगी
और वह अपने वादे पर खुद खरा उतरे और पहला दोहरा शतक बनाया। पारी के दौरान एक भी
छक्का नहीं मारने की कोहली की वजह यह थी कि वह टीम में अलग भूमिका निभा रहे थे।
यह जानते हुए कि उनके
बल्ले पर गेंद अच्छी तरह आ रही है, बावजूद इसके
उन्होंने हवा में शॉट खेलने का कोई जोखिम नहीं उठाया क्योंकि वह नहीं चाहते थे कि
उनके आउट होने से टीम पर मुसीबत बढ़ जाएगी।'
नई दिल्ली : विराट
कोहली के कप्तानी में टीम इंडिया ने एंटीगा में खेले गए पहले टेस्ट में वेस्टइंडीज
को एक पारी और 92 रन से हराकर एशिया के बाहर सबसे बड़ी जीत दर्ज की लेकिन विराट
कोहली ने कहा कि उन्हें इसका जरा भी अंदाजा नहीं था कि यह घर से दूर उनकी सबसे बड़ी
जीत है।
आपको बता दे कि विराट
ने इस मैच में अपने करियर का पहला दोहरा शतक जड़ कर इतिहास रच दिया। वेस्टइंडीज की
धरती पर ऐसा करने वाले वो टीम इंडिया के पहले कप्तान बन गए हैं।
विराट ने 283 गेंदो
का समना कर 70.67 के स्ट्राइक रेट से अपने 200 रन पूरे किए। अपनी इस पारी में
विराट ने 24 चौके लगाए लेकिन उनके बल्ले से एक भी छक्का नहीं लगा।
विराट कोहली (200) और
रविचंद्रन अश्विन (113) ने उम्दा पारियां खेली। भारतीय पारी में चार छक्के लगे, लेकिन एक भी छक्का इन दोनों के बल्ले से नहीं लगा। शिखर धवन और रिद्धिमान
साहा ने एक-एक जबकि मोहम्मद शमी ने दो छक्के उड़ाए।
कोहली का स्ट्राइक
रेट अन्य भारतीय बल्लेबाजों की तुलना में काफी अधिक था, लेकिन उन्होंने एक भी छक्का नहीं जमाया जो उनकी बल्लेबाजी तकनीक को साबित
करता है कि वह किस ऊंचाई तक पहुंच चुके हैं।
मैच के बाद कोहली ने
कहा,
'आधुनिक दिनों के बल्लेबाजों के लिए एक चुनौती रहती है, उन्हें बदलते फॉर्मेट के हिसाब से अपने आप को ढालना होता है। अगर आपको
सर्वश्रेष्ठ बनना है तो खुद को अच्छे से हर प्रारूप में ढालना होगा। संदीप पाटिल
ने मुझसे पूछा कि मैं पारी के दौरान छक्का लगाऊंगा तो मैंने कहा कि पांच
बल्लेबाजों के साथ खेल रहा हूं इसलिए छक्का नहीं लगाऊंगा।'
मैच से पहले कोहली ने
कहा था,
'पांच बल्लेबाजों पर छठें बल्लेबाज को बनाने की बड़ी जिम्मेदारी होगी
और वह अपने वादे पर खुद खरा उतरे और पहला दोहरा शतक बनाया। पारी के दौरान एक भी
छक्का नहीं मारने की कोहली की वजह यह थी कि वह टीम में अलग भूमिका निभा रहे थे।
यह जानते हुए कि उनके
बल्ले पर गेंद अच्छी तरह आ रही है, बावजूद इसके
उन्होंने हवा में शॉट खेलने का कोई जोखिम नहीं उठाया क्योंकि वह नहीं चाहते थे कि
उनके आउट होने से टीम पर मुसीबत बढ़ जाएगी।'
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