नई
दिल्ली : कश्मीर में हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी बुरहान
वानी के मारे जाने के बाद उसे 'शहीद' बताने वालों को विदेश राज्य मंत्री वीके सिंह ने जमकर फटकार लगाई है।
वीके सिंह ने कश्मीर
की वर्तमान परिस्तिथि के लिए केंद्र और राज्य सरकार को जिम्मेदार बताने वालों को
करारा जवाब दिया है।
वीके सिंह ने दो फोटो
शेयर करते हुए अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा है कि सीमा पार से भी जनता के विरोध को
पुरजोर समर्थन मिल रहा है। अलगाववादी नेता निरन्तर विरोध के पक्ष में हैं।
उन्होंने कश्मीर के लोगों से कुछ प्रश्न भी किए।
उन्होंने पूछा कि
पिछले साल जब कश्मीर में बाढ़ आई थी, बुरहान वानी
ने कितने कश्मीरियों को बचाया था? जिस भारतीय सेना ने डूबते
हुए कश्मीर को एक नई सांस दी थी बुरहान वानी उसी भारतीय सेना के विरुद्ध हमलों के
लिए युवाओं को उकसाता था। क्या ये हमारे शहीद हैं? भारतीय
सेना ने उसे मार गिराया, और हमें गर्व है अपनी सेना पर।
सिंह ने आगे लिखा कुछ
लोग कश्मीर की परिस्थिति का ठीकरा भारत के सिर फोड़ते हैं और यूएन कन्वेंशन का
हवाला देते हुए कहते हैं कि भारत ने अभी तक कश्मीरियों से मताधिकार क्यों नहीं
करवाया।
उन्होंने कहा कि आप
सबको शायद यह जान कर आश्चर्य हो, भारत चाह कर भी कश्मीर
को लेकर जनमत नहीं ले सकता, क्योंकि यूएन कन्वेंशन के अनुसार
जनमत के लिए पाकिस्तान द्वारा गुलाम बनाए कश्मीर से अपनी सेना हटाना पहला चरण है।
इस बारे में कश्मीरियों को कौन गुमराह कर रहा है, और क्यों?
भारत की ओर जो क्रोध उड़ेला जा रहा है, उसे सही
दिशा देनी चाहिए।
नई
दिल्ली : कश्मीर में हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी बुरहान
वानी के मारे जाने के बाद उसे 'शहीद' बताने वालों को विदेश राज्य मंत्री वीके सिंह ने जमकर फटकार लगाई है।
वीके सिंह ने कश्मीर
की वर्तमान परिस्तिथि के लिए केंद्र और राज्य सरकार को जिम्मेदार बताने वालों को
करारा जवाब दिया है।
वीके सिंह ने दो फोटो
शेयर करते हुए अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा है कि सीमा पार से भी जनता के विरोध को
पुरजोर समर्थन मिल रहा है। अलगाववादी नेता निरन्तर विरोध के पक्ष में हैं।
उन्होंने कश्मीर के लोगों से कुछ प्रश्न भी किए।
उन्होंने पूछा कि
पिछले साल जब कश्मीर में बाढ़ आई थी, बुरहान वानी
ने कितने कश्मीरियों को बचाया था? जिस भारतीय सेना ने डूबते
हुए कश्मीर को एक नई सांस दी थी बुरहान वानी उसी भारतीय सेना के विरुद्ध हमलों के
लिए युवाओं को उकसाता था। क्या ये हमारे शहीद हैं? भारतीय
सेना ने उसे मार गिराया, और हमें गर्व है अपनी सेना पर।
सिंह ने आगे लिखा कुछ
लोग कश्मीर की परिस्थिति का ठीकरा भारत के सिर फोड़ते हैं और यूएन कन्वेंशन का
हवाला देते हुए कहते हैं कि भारत ने अभी तक कश्मीरियों से मताधिकार क्यों नहीं
करवाया।
उन्होंने कहा कि आप
सबको शायद यह जान कर आश्चर्य हो, भारत चाह कर भी कश्मीर
को लेकर जनमत नहीं ले सकता, क्योंकि यूएन कन्वेंशन के अनुसार
जनमत के लिए पाकिस्तान द्वारा गुलाम बनाए कश्मीर से अपनी सेना हटाना पहला चरण है।
इस बारे में कश्मीरियों को कौन गुमराह कर रहा है, और क्यों?
भारत की ओर जो क्रोध उड़ेला जा रहा है, उसे सही
दिशा देनी चाहिए।
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