नई दिल्ली : भारत की
बलूचिस्तान और पीओके (पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर) रणनीति ने पाकिस्तान में एक नई
हलचल मचा दी है। गिलगित, पीओके और बलूचिस्तान के बाद
अब पाकिस्तान के सिंध प्रांत में ‘आजादी’ के नारे लगाए गए हैं। लंदन में भी
पाकिस्तान के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। लंदन में बलोच और सिंधी नेताओं ने चीनी
दूतावास के सामने पाकिस्तान और चीन इकॉनामिक कॉरिडोर के खिलाफ विरोध प्रदर्शन
किया।
सिंध प्रांत में
प्रदर्शनकारियों ने अलग ‘सिंधुदेश’ की मांग करते हुए यह नारेबाजी की। पाकिस्तान के मीरपुर खास में यह
प्रदर्शनकारी अपनी मांग को लेकर इकट्ठा हुए थे। लंदन में प्रदर्शनकारियों ने
पाकिस्तान के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान ‘है हक हमारा
आजादी’ और ‘सीपीईसी नहीं चाहिए’
के नारे लगाए गए।
प्रदर्शनकारियों ने ‘बलोचिस्तान के लिए पीएम मोदी’ के नारे भी लगाए।
प्रदर्शनकारी कह रहे थे कि ‘कदम बढ़ाओ मोदीजी, हम तुम्हारे साथ हैं’ वर्ल्ड सिंधी कांग्रेस चेयरमैन
लखु लुहाना ने कहा कि हम सीपीईसी (चीन-पाकिस्तान इकनॉमिक कॉरिडोर) प्रॉजेक्ट को
किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे।
बलोच नेता नूरदीन
मेंगल ने सीधे शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि बलोच लोगों की सहमति के बगैर
पाक और चीन बलोचिस्तान में कुछ नहीं कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि चीन और पाक की यही
कोशिश रहती है कि जो चीज छीन सकते हो वो छीनो।
WATCH: After Gilgit, PoK and Balochistan now 'azaadi' slogans in Sindh (Pakistan), demanding separate 'Sindhudesh'https://t.co/PF01J8xDcL— ANI (@ANI_news) August 29, 2016
आपको बता दें कि
बलूचिस्तान पर चीन ने भारत को धमकी दी है। कहा कि अगर भारत की किसी भी हरकत से
उसकी 46 बिलियन डॉलर (3,08,200 करोड़ रुपये) लागत वाली चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक
कॉरिडोर (सीपीईसी) परियोजना में गड़बड़ी पैदा होती है तो बीजिंग चुप नहीं बैठेगा।
वह बलूचिस्तान मसले पर पाकिस्तान के साथ खड़ा हो जाएगा।
वहीं, जर्मनी में शनिवार को निर्वासित बलोच लोगों ने पाकिस्तान विरोधी नारेबाजी
की और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा की। प्रधानमंत्री नरेंद्र
मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर बलूच लोगों पर हो रहे अत्याचारों का जिक्र किया था।
जर्मनी में प्रदर्शन के दौरान बलोच कार्यकर्ताओं ने भारतीय झंडा लहराया और मोदी के
समर्थन में नारे लगाए। यह प्रदर्शन जर्मनी के लिपजिग शहर में हुआ।
नई दिल्ली : भारत की
बलूचिस्तान और पीओके (पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर) रणनीति ने पाकिस्तान में एक नई
हलचल मचा दी है। गिलगित, पीओके और बलूचिस्तान के बाद
अब पाकिस्तान के सिंध प्रांत में ‘आजादी’ के नारे लगाए गए हैं। लंदन में भी
पाकिस्तान के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। लंदन में बलोच और सिंधी नेताओं ने चीनी
दूतावास के सामने पाकिस्तान और चीन इकॉनामिक कॉरिडोर के खिलाफ विरोध प्रदर्शन
किया।
सिंध प्रांत में
प्रदर्शनकारियों ने अलग ‘सिंधुदेश’ की मांग करते हुए यह नारेबाजी की। पाकिस्तान के मीरपुर खास में यह
प्रदर्शनकारी अपनी मांग को लेकर इकट्ठा हुए थे। लंदन में प्रदर्शनकारियों ने
पाकिस्तान के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान ‘है हक हमारा
आजादी’ और ‘सीपीईसी नहीं चाहिए’
के नारे लगाए गए।
प्रदर्शनकारियों ने ‘बलोचिस्तान के लिए पीएम मोदी’ के नारे भी लगाए।
प्रदर्शनकारी कह रहे थे कि ‘कदम बढ़ाओ मोदीजी, हम तुम्हारे साथ हैं’ वर्ल्ड सिंधी कांग्रेस चेयरमैन
लखु लुहाना ने कहा कि हम सीपीईसी (चीन-पाकिस्तान इकनॉमिक कॉरिडोर) प्रॉजेक्ट को
किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे।
बलोच नेता नूरदीन
मेंगल ने सीधे शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि बलोच लोगों की सहमति के बगैर
पाक और चीन बलोचिस्तान में कुछ नहीं कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि चीन और पाक की यही
कोशिश रहती है कि जो चीज छीन सकते हो वो छीनो।
WATCH: After Gilgit, PoK and Balochistan now 'azaadi' slogans in Sindh (Pakistan), demanding separate 'Sindhudesh'https://t.co/PF01J8xDcL— ANI (@ANI_news) August 29, 2016
आपको बता दें कि
बलूचिस्तान पर चीन ने भारत को धमकी दी है। कहा कि अगर भारत की किसी भी हरकत से
उसकी 46 बिलियन डॉलर (3,08,200 करोड़ रुपये) लागत वाली चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक
कॉरिडोर (सीपीईसी) परियोजना में गड़बड़ी पैदा होती है तो बीजिंग चुप नहीं बैठेगा।
वह बलूचिस्तान मसले पर पाकिस्तान के साथ खड़ा हो जाएगा।
वहीं, जर्मनी में शनिवार को निर्वासित बलोच लोगों ने पाकिस्तान विरोधी नारेबाजी
की और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा की। प्रधानमंत्री नरेंद्र
मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर बलूच लोगों पर हो रहे अत्याचारों का जिक्र किया था।
जर्मनी में प्रदर्शन के दौरान बलोच कार्यकर्ताओं ने भारतीय झंडा लहराया और मोदी के
समर्थन में नारे लगाए। यह प्रदर्शन जर्मनी के लिपजिग शहर में हुआ।
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