नई दिल्ली : भारत ने
रविवार सुबह स्क्रैमजेट इंजन का सफल परीक्षण करते हुए इतिहास रच दिया। भारतीय
अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, 'यह मिशन सफल रहा। इस दौरान दो स्क्रैमजेट इंजनों का परीक्षण किया गया। आपको
बता दे कि इस परीक्षण को लेकर अंतिम जानकारी बाद में साझा की जाएगी।'
उन्होंने बताया कि तय
समयानुसार दो स्टेज/इंजन आरएच-560 साउंडिंग रॉकेट ने आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा
स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (एसडीएससी) से उड़ान भरी। उन्होंने कहा कि इन
इंजनों का सिर्फ छह सेकंड के लिए ही परीक्षण किया गया।
स्क्रैमजेट इंजन का
प्रयोग केवल रॉकेट के वायुमंडलीय चरण के दौरान होता है। इससे ईंधन में ऑक्सीडाइजर
की मात्रा को कम करके प्रक्षेपण पर आने वाले खर्च में कटौती की जा सकेगी।
नई दिल्ली : भारत ने
रविवार सुबह स्क्रैमजेट इंजन का सफल परीक्षण करते हुए इतिहास रच दिया। भारतीय
अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, 'यह मिशन सफल रहा। इस दौरान दो स्क्रैमजेट इंजनों का परीक्षण किया गया। आपको
बता दे कि इस परीक्षण को लेकर अंतिम जानकारी बाद में साझा की जाएगी।'
उन्होंने बताया कि तय
समयानुसार दो स्टेज/इंजन आरएच-560 साउंडिंग रॉकेट ने आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा
स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (एसडीएससी) से उड़ान भरी। उन्होंने कहा कि इन
इंजनों का सिर्फ छह सेकंड के लिए ही परीक्षण किया गया।
स्क्रैमजेट इंजन का
प्रयोग केवल रॉकेट के वायुमंडलीय चरण के दौरान होता है। इससे ईंधन में ऑक्सीडाइजर
की मात्रा को कम करके प्रक्षेपण पर आने वाले खर्च में कटौती की जा सकेगी।
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