नई दिल्ली : शनिवार
को एक कार्यक्रम के दौरान संघ प्रमुख मोहन भागवत ने हिंदुओं से ज्यादा बच्चे पैदा
करने की अपील की। दरअसल मोहन भागवत आगरा में आयोजित एक कार्यक्रम में पहुंचे थे
जहां वो शिक्षकों को संबोधित कर रहे थे।
इसी दौरान भागवत ने
घटती हिंदू आबादी पर चिंता जताते हुए कहा कि कोई कानून हिंदुओं को बच्चा पैदा करने
पर पाबंदी नहीं लगाता। उन्होंने कहा कि इस
तरह के निर्णय परिवारिक परिस्थितियों और देश हित को ध्यान में रखते हुए लेना
चाहिए।
आपको बता दे कि इस सम्मेलन
में विश्वविद्यालय व् महाविद्यालय के शिक्षकों ने हिस्सा लिया और खुलकर संघ प्रमुख
के सामने अपने सवाल रखे। भागवत ने शिक्षकों के सवालों पर कहा कि वो उनकी बात को
केंद्र सरकार तक पहुंचा देंगे लेकिन अच्छा हो आप अपने सवालों को पत्र लिखकर शिक्षा
मंत्री तक भेजें।
शिक्षकों ने मोहन
भागवत से सवाल करते हुए शिक्षा में बदलाव की बात करने के साथ साथ आरक्षण व्यवस्था
खत्म करने के भी सवाल किए। अध्यापकों द्वारा किये गए सवालों का जवाब देते हुए सर
संघ चालक मोहन भागवत ने कहा कि व्यवस्था बदलने के लिए खुद में बदलाव लाना होगा।
उन्होंने कहा कि
देशहित के लिए शिक्षकों को लंबी तपस्या करनी होगी। उनके प्रयासों से ही स्थायी
परिवर्तन आएगा। सरकारें बदलने से इस पर फर्क नहीं पड़ेगा।
नई दिल्ली : शनिवार
को एक कार्यक्रम के दौरान संघ प्रमुख मोहन भागवत ने हिंदुओं से ज्यादा बच्चे पैदा
करने की अपील की। दरअसल मोहन भागवत आगरा में आयोजित एक कार्यक्रम में पहुंचे थे
जहां वो शिक्षकों को संबोधित कर रहे थे।
इसी दौरान भागवत ने
घटती हिंदू आबादी पर चिंता जताते हुए कहा कि कोई कानून हिंदुओं को बच्चा पैदा करने
पर पाबंदी नहीं लगाता। उन्होंने कहा कि इस
तरह के निर्णय परिवारिक परिस्थितियों और देश हित को ध्यान में रखते हुए लेना
चाहिए।
आपको बता दे कि इस सम्मेलन
में विश्वविद्यालय व् महाविद्यालय के शिक्षकों ने हिस्सा लिया और खुलकर संघ प्रमुख
के सामने अपने सवाल रखे। भागवत ने शिक्षकों के सवालों पर कहा कि वो उनकी बात को
केंद्र सरकार तक पहुंचा देंगे लेकिन अच्छा हो आप अपने सवालों को पत्र लिखकर शिक्षा
मंत्री तक भेजें।
शिक्षकों ने मोहन
भागवत से सवाल करते हुए शिक्षा में बदलाव की बात करने के साथ साथ आरक्षण व्यवस्था
खत्म करने के भी सवाल किए। अध्यापकों द्वारा किये गए सवालों का जवाब देते हुए सर
संघ चालक मोहन भागवत ने कहा कि व्यवस्था बदलने के लिए खुद में बदलाव लाना होगा।
उन्होंने कहा कि
देशहित के लिए शिक्षकों को लंबी तपस्या करनी होगी। उनके प्रयासों से ही स्थायी
परिवर्तन आएगा। सरकारें बदलने से इस पर फर्क नहीं पड़ेगा।
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