नई दिल्ली : नेशनल
सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंड (खापलांग) के कैंप पर हमला करने के लिए भारतीय सेना
म्यांमार सीमा में घुस गई। 'इंडियन एक्सप्रेस'
की खबर के मुताबिक उग्रवादी संगठन एनएससीएन पर हमला करते समय भारतीय
सेना शुक्रवार को म्यांमार सीमा में सैंकड़ों मीटर तक अंदर चली गई थी। सूत्रों के
अनुसार सेना की 12 पैरा ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पिलर 151 के पास चेन मोहो गांव
के पास से म्यांमार में प्रवेश किया।
आपको बता दे कि अचानक
गोलीबारी से नागा आतंकी संभल नहीं पाए और हथियार छोड़कर म्यांमार की सीमा में भाग
गए। भारतीय सेना उनका पीछा करते हुए म्यांमार की सीमा में भी घुस गई। यह कार्रवाई
मणिपुर में 18 जवानों की हत्या के जवाबी हमले के रूप में हुई थी। फायरिंग
शुक्रवार सुबह साढ़े तीन बजे से शुरू हुई और सुबह छह बजे तक चलती रही। एनएससीएन ने
दावा किया कि फायरिंग में पांच से छह भारतीय कमांडो मारे गए, जबकि भारतीय सेना ने इसे खारिज किया।
गृह मंत्रालय के एक
वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह रेड एनएससीएन पर दबाव बनाए रखने के लिए चलाए जा
रहे ऑपरेशंस का हिस्सा हैं। ऐसे ऑपरेशन चल रहे हैं और आगे भी चलते रहेंगे। भारतीय
सेना पहले भी एनएससीएन(के) पर कार्रवाई करने के लिए म्यांमार की सीमा में घुसी है।
नई दिल्ली : नेशनल
सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंड (खापलांग) के कैंप पर हमला करने के लिए भारतीय सेना
म्यांमार सीमा में घुस गई। 'इंडियन एक्सप्रेस'
की खबर के मुताबिक उग्रवादी संगठन एनएससीएन पर हमला करते समय भारतीय
सेना शुक्रवार को म्यांमार सीमा में सैंकड़ों मीटर तक अंदर चली गई थी। सूत्रों के
अनुसार सेना की 12 पैरा ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पिलर 151 के पास चेन मोहो गांव
के पास से म्यांमार में प्रवेश किया।
आपको बता दे कि अचानक
गोलीबारी से नागा आतंकी संभल नहीं पाए और हथियार छोड़कर म्यांमार की सीमा में भाग
गए। भारतीय सेना उनका पीछा करते हुए म्यांमार की सीमा में भी घुस गई। यह कार्रवाई
मणिपुर में 18 जवानों की हत्या के जवाबी हमले के रूप में हुई थी। फायरिंग
शुक्रवार सुबह साढ़े तीन बजे से शुरू हुई और सुबह छह बजे तक चलती रही। एनएससीएन ने
दावा किया कि फायरिंग में पांच से छह भारतीय कमांडो मारे गए, जबकि भारतीय सेना ने इसे खारिज किया।
गृह मंत्रालय के एक
वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह रेड एनएससीएन पर दबाव बनाए रखने के लिए चलाए जा
रहे ऑपरेशंस का हिस्सा हैं। ऐसे ऑपरेशन चल रहे हैं और आगे भी चलते रहेंगे। भारतीय
सेना पहले भी एनएससीएन(के) पर कार्रवाई करने के लिए म्यांमार की सीमा में घुसी है।
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