Wednesday, 10 August 2016

पकड़े गए आतंकी अली का खुलासा, कश्मीर में अशांति के पीछे पाक आर्मी और लश्कर का हाथ...पढ़े पूरी ख़बर!

Dainik Times     19:08    
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एक बार फिर खुली पाकिस्तान की पोल। पाकिस्तान केसे करता है ये नापाक हरकते आइये जानते है। कश्मीर में जिंदा पकड़े गए पाकिस्तानी आतंकी बहादुर अली पर एनआईए ने बड़ा खुलासा किया है। एनआईए के आईजी संजीव कुमार सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया है कि बहादुर अली को लश्कर-ए-तैयबा ने हिज़बुल कमांडर बुरहान वानी की मौत के बाद कश्मीर घाटी में अशांति फैलाने के लिए भेजा था।
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उसे बाकायदा पाक अधिकृत कश्मीर से निर्देश भी दिए जाते थे। एनआईए के मुताबिक बहादुरी अली को पाकिस्तान की सेना ने बाकायदा मिलिट्री ट्रेनिंग भी दी थी। एनआईए ने बहादुर अली के इक़बालिया बयान का एक वीडियो भी जारी किया है। इसी वीडियो में पाकिस्तान के आतंकवादी ने पाकिस्तान की आतंकपरस्ती का सबूत दे दिया है।

आपको बता दे कि जम्मू कश्मीर में गिरफ्तार पाकिस्तानी आतंकी बहादुर अली ने खुलासा कि लश्कर ए तैयबा ने भारत में तबाही मचाने के लिए भेजा था। एनआईए ने जानकारी देते हुए कहा कि ट्रेनिंग कैंप में पाक सेना के अधिकारी आते थे।

जम्मू- कश्मीर में नियंत्रण रेखा के पास जिंदा पकड़े गए आतंकवादी बहादुर अली ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी की पूछताछ में कई खुलासे किए हैं। पाकिस्तानी आतंकी ने कबूलनामा दिया है और नापाक साजिश बेनकाब हो गई है।

उसने कहा कि मेरा नाम बहादुर अली है। मेरे अब्बू का नाम मो. अली है। मैं पाकिस्तान के पंजाब लाहौर का रहने वाला हूं। 2009 के जमात उद दावा के कैंप में गया था वहां जमात उद दावा के रहमान और बिलाल थे। उन्होंने मुझे वीडियो दिखाया कि कैसे भारत की फौज ने मुस्लिम पर जुल्म किए। उन्होंने मुझे बताया की जेहाद बेहद जरूरी है।

उन्होंने कहा कि वक्त आ गया है कि हिंदुस्तान जाकर जेहाद करना है और इस्लामी हुकूमत लानी है। बिलाल और अब्दुल्ला ने मुझे कहा कि जमात उद दावा की तरफ से मुझे जेहाद के लिए जाना है इसके बाद मैं हाफिज सईद से भी मिला। जमात उद दावा के बिलाल और अब्दुल रहीम ने मुझे जेहाद के लिए तैयार किया। इसके बाद मैं लश्कर ए तैयबा के कैंप में जेहाद की ट्रेनिंग लेने गया।

मैंने पहली ट्रेनिंग 2012 में ली। इस ट्रेनिंग में 50-60 लड़के शामिल थे। दूसरी ट्रेनिंग 2014 में मुजफ्फराबाद में हुई। इसके बाद मैंने जमात उद दावा के संगठन में काम भी किया। मैंने तीन महीने तक इस संगठन में काम किया और मुझे दस हजार रुपये की तनख्वाह मिलती थी। इसका दफ्तर लाहौर के लिबर्टी चौक पर था।

इसके बाद लश्कर का कमांडर जिसका नाम अबू कासिम था उसको जम्मू कश्मीर में भारतीय फौज ने मार दिया। पिंड में उसके गांव में हाफिज सईद ने उसके जनाजे की नमाज पढ़ाई। मैं भी अपने तीन साथियों के साथ इसमें शरीक हुआ था। 2014 में गर्मी में लश्कर ए तैयबा की हरकत में तेजी आई। उन्होंने लड़कों को कहा कि अब जेहाद करना है और फिर से ट्रेनिंग दी गई।

मैं अप्रैल 2016 में ट्रेनिंग के लिए पाकिस्तान गया था। हम 20 से 25 लड़के थे। इस ट्रेनिंग कैंप का बेस मुजफ्फराबाद में है। जो ट्रेनिंग दे रहा था उसका नाम अबू फजे है। हमें वहां AK 47, पिस्तौल, GPS के नक्शे की ट्रेनिंग दी गई। ट्रेनिंग में हमें बताया गया कि जो पठान होते हैं उसको जेहाद के लिए अफगानिस्तान भेजा जाएगा और हमें जेहाद के लिए भारत भेजा जाएगा।

इसके बाद हमें दूसरे कैंप में ले जाया गया जहां हमें गूगल मैप की ट्रेनिंग दी गई। हमें गूगल मैप के जरिये जाने का रास्ता बताया गया। अगले दिन हमें AK 47, 5 मैगजीन, 2 ग्रेनेड 5 शेल दिए गए।

हमें GPS के पास बक्सा और वायरलेस सेट भी दिया था। सामान देने के बाद रात 10 बजे हमें बॉर्डर पर ले जाया गया। हमने दो तीन रात सफर किया अबू हैदर वायरलेस पर हमारे संपर्क में था। बॉर्डर के पास पहुंचकर मैंने उससे पूछा कि अगर भारत की फौज ने हम पर फायर कर दिया तो क्या करेंगे ? उसने कहा कि वो पाकिस्तान फौज भारत की फौज पर नजर रखेगी। अगर तुम पर फायरिंग हुई तो पाकिस्तानी फौज कवर फायर देकर हमें बॉर्डर पार करा देगी।
अबू हैदर ने हमें बॉर्डर क्रॉस कराया। हम तीन लड़कों ने बॉर्डर क्रॉस किया था। भारत में दाखिल होकर हमने अबू हैदर को बताया कि हम पहुंच गए हैं। हमने लश्कर के लोगों से संपर्क किया। हमें बताया कि हमसे पहले भेजे गए लड़के पूरे भारत में फैल गए हैं और हम बहुत अच्छा काम कर रहे हैं. एक दिन गांव में जब मैं खाना लेने गया था तो वहां फायरिंग हो गई।

मैं जंगल में भागा था और पाकिस्तान के अपने ट्रेनिंग कैंप से संपर्क किया और बताया कि मेरे दो साथी बिछड़ गए हैं। उन्होंने कहा कि परेशान न हो और लोग भेजेंगे और तुम्हें काम बताएंगे। उन्होंने ये भी बताया कि हमारा एक भाई बुरहान वानी श्रीनगर में मारा गया। उसकी मौत की वजह से कश्मीर के हालात खराब हो गए हैं।

जो तेरे पास ग्रेनेड है उसे लेकर जलसे जुलूस में शामिल हो जाओ। मैंने पूछा कि क्या करना है ? उन्होंने कहा कि भारतीय फौज पर ग्रेनेड फेंकना है। इससे माहौल और खराब होगा दंगे फसाद होंगे मैंने दो तीन बार कोशिश कि लेकिन कामयाब नहीं हुआ अचानक एक दिन पुलिसवाले ने मुझे पकड़ लिया और तलाशी ली मेरे पास वायरलेस सेट GPS था मैंने पूछताछ में बताया कि मैं लश्कर का आदमी हूं और पाकिस्तानी हूं।
एक बार फिर खुली पाकिस्तान की पोल। पाकिस्तान केसे करता है ये नापाक हरकते आइये जानते है। कश्मीर में जिंदा पकड़े गए पाकिस्तानी आतंकी बहादुर अली पर एनआईए ने बड़ा खुलासा किया है। एनआईए के आईजी संजीव कुमार सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया है कि बहादुर अली को लश्कर-ए-तैयबा ने हिज़बुल कमांडर बुरहान वानी की मौत के बाद कश्मीर घाटी में अशांति फैलाने के लिए भेजा था।
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उसे बाकायदा पाक अधिकृत कश्मीर से निर्देश भी दिए जाते थे। एनआईए के मुताबिक बहादुरी अली को पाकिस्तान की सेना ने बाकायदा मिलिट्री ट्रेनिंग भी दी थी। एनआईए ने बहादुर अली के इक़बालिया बयान का एक वीडियो भी जारी किया है। इसी वीडियो में पाकिस्तान के आतंकवादी ने पाकिस्तान की आतंकपरस्ती का सबूत दे दिया है।

आपको बता दे कि जम्मू कश्मीर में गिरफ्तार पाकिस्तानी आतंकी बहादुर अली ने खुलासा कि लश्कर ए तैयबा ने भारत में तबाही मचाने के लिए भेजा था। एनआईए ने जानकारी देते हुए कहा कि ट्रेनिंग कैंप में पाक सेना के अधिकारी आते थे।

जम्मू- कश्मीर में नियंत्रण रेखा के पास जिंदा पकड़े गए आतंकवादी बहादुर अली ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी की पूछताछ में कई खुलासे किए हैं। पाकिस्तानी आतंकी ने कबूलनामा दिया है और नापाक साजिश बेनकाब हो गई है।

उसने कहा कि मेरा नाम बहादुर अली है। मेरे अब्बू का नाम मो. अली है। मैं पाकिस्तान के पंजाब लाहौर का रहने वाला हूं। 2009 के जमात उद दावा के कैंप में गया था वहां जमात उद दावा के रहमान और बिलाल थे। उन्होंने मुझे वीडियो दिखाया कि कैसे भारत की फौज ने मुस्लिम पर जुल्म किए। उन्होंने मुझे बताया की जेहाद बेहद जरूरी है।

उन्होंने कहा कि वक्त आ गया है कि हिंदुस्तान जाकर जेहाद करना है और इस्लामी हुकूमत लानी है। बिलाल और अब्दुल्ला ने मुझे कहा कि जमात उद दावा की तरफ से मुझे जेहाद के लिए जाना है इसके बाद मैं हाफिज सईद से भी मिला। जमात उद दावा के बिलाल और अब्दुल रहीम ने मुझे जेहाद के लिए तैयार किया। इसके बाद मैं लश्कर ए तैयबा के कैंप में जेहाद की ट्रेनिंग लेने गया।

मैंने पहली ट्रेनिंग 2012 में ली। इस ट्रेनिंग में 50-60 लड़के शामिल थे। दूसरी ट्रेनिंग 2014 में मुजफ्फराबाद में हुई। इसके बाद मैंने जमात उद दावा के संगठन में काम भी किया। मैंने तीन महीने तक इस संगठन में काम किया और मुझे दस हजार रुपये की तनख्वाह मिलती थी। इसका दफ्तर लाहौर के लिबर्टी चौक पर था।

इसके बाद लश्कर का कमांडर जिसका नाम अबू कासिम था उसको जम्मू कश्मीर में भारतीय फौज ने मार दिया। पिंड में उसके गांव में हाफिज सईद ने उसके जनाजे की नमाज पढ़ाई। मैं भी अपने तीन साथियों के साथ इसमें शरीक हुआ था। 2014 में गर्मी में लश्कर ए तैयबा की हरकत में तेजी आई। उन्होंने लड़कों को कहा कि अब जेहाद करना है और फिर से ट्रेनिंग दी गई।

मैं अप्रैल 2016 में ट्रेनिंग के लिए पाकिस्तान गया था। हम 20 से 25 लड़के थे। इस ट्रेनिंग कैंप का बेस मुजफ्फराबाद में है। जो ट्रेनिंग दे रहा था उसका नाम अबू फजे है। हमें वहां AK 47, पिस्तौल, GPS के नक्शे की ट्रेनिंग दी गई। ट्रेनिंग में हमें बताया गया कि जो पठान होते हैं उसको जेहाद के लिए अफगानिस्तान भेजा जाएगा और हमें जेहाद के लिए भारत भेजा जाएगा।

इसके बाद हमें दूसरे कैंप में ले जाया गया जहां हमें गूगल मैप की ट्रेनिंग दी गई। हमें गूगल मैप के जरिये जाने का रास्ता बताया गया। अगले दिन हमें AK 47, 5 मैगजीन, 2 ग्रेनेड 5 शेल दिए गए।

हमें GPS के पास बक्सा और वायरलेस सेट भी दिया था। सामान देने के बाद रात 10 बजे हमें बॉर्डर पर ले जाया गया। हमने दो तीन रात सफर किया अबू हैदर वायरलेस पर हमारे संपर्क में था। बॉर्डर के पास पहुंचकर मैंने उससे पूछा कि अगर भारत की फौज ने हम पर फायर कर दिया तो क्या करेंगे ? उसने कहा कि वो पाकिस्तान फौज भारत की फौज पर नजर रखेगी। अगर तुम पर फायरिंग हुई तो पाकिस्तानी फौज कवर फायर देकर हमें बॉर्डर पार करा देगी।
अबू हैदर ने हमें बॉर्डर क्रॉस कराया। हम तीन लड़कों ने बॉर्डर क्रॉस किया था। भारत में दाखिल होकर हमने अबू हैदर को बताया कि हम पहुंच गए हैं। हमने लश्कर के लोगों से संपर्क किया। हमें बताया कि हमसे पहले भेजे गए लड़के पूरे भारत में फैल गए हैं और हम बहुत अच्छा काम कर रहे हैं. एक दिन गांव में जब मैं खाना लेने गया था तो वहां फायरिंग हो गई।

मैं जंगल में भागा था और पाकिस्तान के अपने ट्रेनिंग कैंप से संपर्क किया और बताया कि मेरे दो साथी बिछड़ गए हैं। उन्होंने कहा कि परेशान न हो और लोग भेजेंगे और तुम्हें काम बताएंगे। उन्होंने ये भी बताया कि हमारा एक भाई बुरहान वानी श्रीनगर में मारा गया। उसकी मौत की वजह से कश्मीर के हालात खराब हो गए हैं।

जो तेरे पास ग्रेनेड है उसे लेकर जलसे जुलूस में शामिल हो जाओ। मैंने पूछा कि क्या करना है ? उन्होंने कहा कि भारतीय फौज पर ग्रेनेड फेंकना है। इससे माहौल और खराब होगा दंगे फसाद होंगे मैंने दो तीन बार कोशिश कि लेकिन कामयाब नहीं हुआ अचानक एक दिन पुलिसवाले ने मुझे पकड़ लिया और तलाशी ली मेरे पास वायरलेस सेट GPS था मैंने पूछताछ में बताया कि मैं लश्कर का आदमी हूं और पाकिस्तानी हूं।
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