नई दिल्ली : अभिनेता
आमिर खान पर मनोहर पर्रिकर के बाद अब सुब्रमण्यम स्वामी ने हल्ला बोला है। वरिष्ठ
भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर का समर्थन किया है।
पर्रिकर ने असहिष्णुता पर बहस को लेकर बॉलीवुड स्टार आमिर खान की खिंचाई की थी।
स्वामी ने सोमवार को
ट्वीट करते हुए कहा, ”आमिर पर पर्रिकर के बयान पर
इतना हो-हल्ला क्यों? अगर आमिर जन्मभूमि से बेइंतहा मोहब्बत से अनजान हैं तो उन्हें एक टीचर
की जरूरत है।” स्वामी का बयान ऐसे समय में आया है जब
विपक्षी पार्टियों ने पर्रिकर के बयान के लिए उनकी आलोचना की है।
आपको बता दे की रक्षा
मंत्री पर्रिकर ने शनिवार को एक किताब के लॉन्च के मौके पर आमिर पर ताना कसा था।
पर्रिकर ने आमिर के देश छोड़ने संबंधी बयान का जिक्र किया और इसे ‘अभिमानी’ करार दिया। पर्रिकर ने बिना आमिर खान का
नाम लिए कहा था, ”एक अभिनेता ने कहा था कि उनकी पत्नी भारत से
बाहर रहना चाहती हैं।
यह एक अभिमान से भरा
हुआ बयान था। अगर मैं गरीब हूं और मेरा घर छोटा है, मैं
तब भी अपने घर को प्यार करूंगा और उसे बड़ा बनाने की कोशिश करूंगा।” जब पर्रिकर के बयान पर विवाद हुआ तो रविवार को उन्होंने कहा कि उन्होंने
किसी व्यक्ति विशेष को निशाना नहीं बनाया बल्कि वह ‘अशांति’
के खिलाफ हैं। पर्रिकर ने यह भी कहा कि वह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता
के खिलाफ नहीं हैं लेकिन उन्हें लगता है कि देश सर्वोपरि है।
नई दिल्ली : अभिनेता
आमिर खान पर मनोहर पर्रिकर के बाद अब सुब्रमण्यम स्वामी ने हल्ला बोला है। वरिष्ठ
भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर का समर्थन किया है।
पर्रिकर ने असहिष्णुता पर बहस को लेकर बॉलीवुड स्टार आमिर खान की खिंचाई की थी।
स्वामी ने सोमवार को
ट्वीट करते हुए कहा, ”आमिर पर पर्रिकर के बयान पर
इतना हो-हल्ला क्यों? अगर आमिर जन्मभूमि से बेइंतहा मोहब्बत से अनजान हैं तो उन्हें एक टीचर
की जरूरत है।” स्वामी का बयान ऐसे समय में आया है जब
विपक्षी पार्टियों ने पर्रिकर के बयान के लिए उनकी आलोचना की है।
आपको बता दे की रक्षा
मंत्री पर्रिकर ने शनिवार को एक किताब के लॉन्च के मौके पर आमिर पर ताना कसा था।
पर्रिकर ने आमिर के देश छोड़ने संबंधी बयान का जिक्र किया और इसे ‘अभिमानी’ करार दिया। पर्रिकर ने बिना आमिर खान का
नाम लिए कहा था, ”एक अभिनेता ने कहा था कि उनकी पत्नी भारत से
बाहर रहना चाहती हैं।
यह एक अभिमान से भरा
हुआ बयान था। अगर मैं गरीब हूं और मेरा घर छोटा है, मैं
तब भी अपने घर को प्यार करूंगा और उसे बड़ा बनाने की कोशिश करूंगा।” जब पर्रिकर के बयान पर विवाद हुआ तो रविवार को उन्होंने कहा कि उन्होंने
किसी व्यक्ति विशेष को निशाना नहीं बनाया बल्कि वह ‘अशांति’
के खिलाफ हैं। पर्रिकर ने यह भी कहा कि वह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता
के खिलाफ नहीं हैं लेकिन उन्हें लगता है कि देश सर्वोपरि है।
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