Monday, 26 September 2016

'अन्ना: किसन बाबूराव हजारे' का ट्रेलर रिलीज, दिखीं संघर्ष की ग़जब कहानी... देखे!

Dainik Times     12:26    
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नई दिल्ली : अन्ना हजारे पर बनने वाली बायोपिक 'अन्ना: किसन बाबूराव हजारे' के मेकर्स ने फिल्म का ट्रेलर जारी कर दिया है। फिल्म में किसान बाबूराव हजारे की जिंदगी की सारी सच्ची घटनाओं को दिखाया जाएगा।
anna-hazare-biopic-film-trailer-out-now

उन्हें जिंदगी में किन-किन चीजों से प्रेरणा मिली, किन-किन लोगों ने उन्हें प्रभावित किया, ये सारी घटनाएं हमें फिल्म में देखने को मिलेंगी। बाबूराव हजारे जब छोटे थे तो उनकी एक अलग विचारधारा थी और जिंदगी को लेकर उनके बहुत सारे प्रश्न थे। बाबूराव को अपनी जिंदगी का मकसद उनकी जिंदगी में घट रही घटनाओं से समझ आता है।

आपको बता दे कि शुरुआत में बाबूराव हजारे इंडियन आर्मी में ड्राइवर थे। इसके बाद उन्होंने लोगों के हित के लिए काम करना शुरू किया। वो लोगों को अपने पैरों पर खड़ा होने के लिए प्रेरित करते थे। उन्होंने अपनी बात मनवाने के लिए अनशन और श्रमदान का सहारा लिया। बाद में कैसे वो अन्ना हजारे के रूप में उभरे और लोकपाल बिल के लिए दिल्ली के रामलीला मैदान में कैसे उन्होंने सरकार से लड़ाई की, ये सारी चीजें फिल्म में बखूबी दर्शाने की कोशिश की गई है।

फिल्म का निर्माण राइज पिक्चर्स प्राइवेट लिमिटेड और निर्देशन शशांक उदापुरकर ने किया है। पहली बार निर्देशन कर रहे शशांक मराठी फिल्मों के जाने-माने अभिनेता हैं। उन्होंने फिल्म में अन्ना हजारे का किरदार निभाने के साथ ही फिल्म के डायलॉग और स्क्रिप्ट भी लिखी है।'


आप भी देखें ये ट्रेलर :-

नई दिल्ली : अन्ना हजारे पर बनने वाली बायोपिक 'अन्ना: किसन बाबूराव हजारे' के मेकर्स ने फिल्म का ट्रेलर जारी कर दिया है। फिल्म में किसान बाबूराव हजारे की जिंदगी की सारी सच्ची घटनाओं को दिखाया जाएगा।
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उन्हें जिंदगी में किन-किन चीजों से प्रेरणा मिली, किन-किन लोगों ने उन्हें प्रभावित किया, ये सारी घटनाएं हमें फिल्म में देखने को मिलेंगी। बाबूराव हजारे जब छोटे थे तो उनकी एक अलग विचारधारा थी और जिंदगी को लेकर उनके बहुत सारे प्रश्न थे। बाबूराव को अपनी जिंदगी का मकसद उनकी जिंदगी में घट रही घटनाओं से समझ आता है।

आपको बता दे कि शुरुआत में बाबूराव हजारे इंडियन आर्मी में ड्राइवर थे। इसके बाद उन्होंने लोगों के हित के लिए काम करना शुरू किया। वो लोगों को अपने पैरों पर खड़ा होने के लिए प्रेरित करते थे। उन्होंने अपनी बात मनवाने के लिए अनशन और श्रमदान का सहारा लिया। बाद में कैसे वो अन्ना हजारे के रूप में उभरे और लोकपाल बिल के लिए दिल्ली के रामलीला मैदान में कैसे उन्होंने सरकार से लड़ाई की, ये सारी चीजें फिल्म में बखूबी दर्शाने की कोशिश की गई है।

फिल्म का निर्माण राइज पिक्चर्स प्राइवेट लिमिटेड और निर्देशन शशांक उदापुरकर ने किया है। पहली बार निर्देशन कर रहे शशांक मराठी फिल्मों के जाने-माने अभिनेता हैं। उन्होंने फिल्म में अन्ना हजारे का किरदार निभाने के साथ ही फिल्म के डायलॉग और स्क्रिप्ट भी लिखी है।'


आप भी देखें ये ट्रेलर :-

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