नई दिल्ली : उरी हमले
के बाद भारत का कूटनीतिक दबाव रंग ला रहा है। पाकिस्तान के हाई कमिश्नर अब्दुल
बासित का कहना है कि जंग कोई हल नहीं है। कश्मीरियों को अपने भविष्य को चुनने का
मौका मिलना चाहिए। अगर वो भारत में खुश हैं तो उन्हें वहीं रहने दो।
आपको बता दे कि कोझिकोड
में नरेंद्र मोदी की चेतावनी पर पाकिस्तान में हलचल है। बासित ने कहा कि पाकिस्तान
को आतंकी मुल्क कहना सिर्फ जुमलेबाजी है। हम भी ऐसे शब्दों का इस्तेमाल कर सकते
हैं लेकिन उससे कोई मकसद हल नहीं होता। दो देशों के रिश्ते जुमलेबाजी से नहीं
चलते। किसी भी देश को इस तरह की चेतावनी देना सही नहीं है।एक अंग्रेजी अखबार को
दिए साक्षात्कर में बासित ने कहा कि उड़ी आतंकी हमले में पाक का कोई लेना-देना
नहीं है।
हाल ही में सोशल
मीडिया पर भारतीय सेना द्वारा सीमा पार कर आतंकी ठिकानों के तबाह किए जाने के सवाल
पर बासित ने कहा कि इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। पाकिस्तान अपनी हिफाजत करने
में काबिल है। मुझे नहीं लगता कि चीजें इस हद तक बढ़ेंगी।
वही, पाकिस्तान विदेश
मंत्रालय ने रविवार को जारी बयान में कहा- भारत कश्मीर के निहत्थे लोगों पर जुल्म
कर रहा है। महिलाओं और बच्चों को भी बख्शा नहीं जा रहा है। बयान के मुताबिक, जुलाई में कश्मीरी यूथ लीडर बुरहान वानी की हत्या के बाद जब वहां के लोगों
ने आवाज उठाई तो जुल्म बढ़ गए। पिछले 75 दिनों में कश्मीर के करीब 100 लोग शहीद
हुए, कई ने आंखें गंवा दी और हजारों जख्मी हुए।
पाक ने कहा कि ये
बदकिस्मती की बात है कि इतने जुल्मों के बाद भी भारतीय नेता पाकिस्तान को बदनाम
करने की और कश्मीर से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं। हमें अफसोस है कि ये सब
टॉप लेवल से किया जा रहा है।
बयान के मुताबिक, 'दुनिया के कई देश कश्मीर में हो रहे ह्युमन राइट्स वॉयलेशन पर नजर रख रहे
हैं। हम मांग करते हैं कि कश्मीर में स्वतंत्र जांच दल और फैक्ट फाइंडिंग मिशन
भेजे जाएं। पाकिस्तान ने भारत पर आतंकवाद को बढ़ावा देने के भी आरोप लगाए हैं।
इंडियन नेवी के एक अधिकारी कुलभूषण जाधव की गिरफ्तारी से साफ हो जाता है कि भारत
हमारे देश में आतंकवाद फैला रहा है।'
नई दिल्ली : उरी हमले
के बाद भारत का कूटनीतिक दबाव रंग ला रहा है। पाकिस्तान के हाई कमिश्नर अब्दुल
बासित का कहना है कि जंग कोई हल नहीं है। कश्मीरियों को अपने भविष्य को चुनने का
मौका मिलना चाहिए। अगर वो भारत में खुश हैं तो उन्हें वहीं रहने दो।
आपको बता दे कि कोझिकोड
में नरेंद्र मोदी की चेतावनी पर पाकिस्तान में हलचल है। बासित ने कहा कि पाकिस्तान
को आतंकी मुल्क कहना सिर्फ जुमलेबाजी है। हम भी ऐसे शब्दों का इस्तेमाल कर सकते
हैं लेकिन उससे कोई मकसद हल नहीं होता। दो देशों के रिश्ते जुमलेबाजी से नहीं
चलते। किसी भी देश को इस तरह की चेतावनी देना सही नहीं है।एक अंग्रेजी अखबार को
दिए साक्षात्कर में बासित ने कहा कि उड़ी आतंकी हमले में पाक का कोई लेना-देना
नहीं है।
हाल ही में सोशल
मीडिया पर भारतीय सेना द्वारा सीमा पार कर आतंकी ठिकानों के तबाह किए जाने के सवाल
पर बासित ने कहा कि इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। पाकिस्तान अपनी हिफाजत करने
में काबिल है। मुझे नहीं लगता कि चीजें इस हद तक बढ़ेंगी।
वही, पाकिस्तान विदेश
मंत्रालय ने रविवार को जारी बयान में कहा- भारत कश्मीर के निहत्थे लोगों पर जुल्म
कर रहा है। महिलाओं और बच्चों को भी बख्शा नहीं जा रहा है। बयान के मुताबिक, जुलाई में कश्मीरी यूथ लीडर बुरहान वानी की हत्या के बाद जब वहां के लोगों
ने आवाज उठाई तो जुल्म बढ़ गए। पिछले 75 दिनों में कश्मीर के करीब 100 लोग शहीद
हुए, कई ने आंखें गंवा दी और हजारों जख्मी हुए।
पाक ने कहा कि ये
बदकिस्मती की बात है कि इतने जुल्मों के बाद भी भारतीय नेता पाकिस्तान को बदनाम
करने की और कश्मीर से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं। हमें अफसोस है कि ये सब
टॉप लेवल से किया जा रहा है।
बयान के मुताबिक, 'दुनिया के कई देश कश्मीर में हो रहे ह्युमन राइट्स वॉयलेशन पर नजर रख रहे
हैं। हम मांग करते हैं कि कश्मीर में स्वतंत्र जांच दल और फैक्ट फाइंडिंग मिशन
भेजे जाएं। पाकिस्तान ने भारत पर आतंकवाद को बढ़ावा देने के भी आरोप लगाए हैं।
इंडियन नेवी के एक अधिकारी कुलभूषण जाधव की गिरफ्तारी से साफ हो जाता है कि भारत
हमारे देश में आतंकवाद फैला रहा है।'
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