नई दिल्ली : अमेरिकी
कांग्रेस में दो सांसदों ने पाकिस्तान को आतंकवाद प्रायोजित करने वाला देश घोषित
करने वाला बिल पेश किया है। ये ऐसे वक्त में पेश किया गया है जब संयुक्त राष्ट्र
की महासभा में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को आतंकवाद पर बोलना है। अगर
ये बिल पास हुआ तो पाकिस्तान के लिए बड़ी मुसीबत हो सकती है। उसे मिलने वाली सभी
तरह की वित्तीय मदद रुक जाएगी।
आपको बता दे कि पाकिस्तान
स्टेट स्पॉन्सर ऑफ टेररिज्म डेजिगनेटेड एक्ट नाम से पेश किए गए इस बिल पर अमेरिकी
प्रशासन को चार महीने के अंदर विचार करना होगा। यही नहीं इस बिल पर राष्ट्रपति
बराक ओबामा को भी 90 दिनों के इस संबंध में विस्तार से रिपेार्ट भी पेश करना होगा।
इसमें ये भी बताना होगा कि पाकिस्तान ने अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद को बढ़ाया या नहीं
बढ़ाया।
30 दिन बाद एक फॉलोअप
रिपेार्ट संसद में पेश की जाएगी जिसमें ये बताया जाएगा कि पाकिस्तान को आतंकवाद
प्रायोजित देश घोषित किया जाएगा या फिर अगर नहीं तो इसके क्या कारण होंगे। ये भी
समझाना होगा कि क्योंकि कानूनी रूप से पाकिस्तान को इस तरह घोषित नहीं किया जा
सकता। इस बिल को अमेरिकी सांसद टेक्सास से टेड पो और कैलिफोर्निया से डाना
रोहराबाचर ने पेश किया। टेड पो आतंकवाद को लेकर बनी एक समिति के अध्यक्ष हैं।
पो ने बिल की घोषणा
करते हुए कहा कि इस बात के कई प्रमाण हैं कि पाकिस्तान में ही नहीं पाकिस्तान
सरकार ने भी सालों से अमेरिका के दुश्मनों को समर्थन दिया। ओसामा बिन लादेन की
वहां मौजूदगी से लेकर हक्कानी नेटवर्क तक की वहां मौजूदगी ऐसे कई प्रमाण देते हैं
कि पाकिस्तान आतंक के खिलाफ लड़ाई में किसका पक्षधर है।
नई दिल्ली : अमेरिकी
कांग्रेस में दो सांसदों ने पाकिस्तान को आतंकवाद प्रायोजित करने वाला देश घोषित
करने वाला बिल पेश किया है। ये ऐसे वक्त में पेश किया गया है जब संयुक्त राष्ट्र
की महासभा में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को आतंकवाद पर बोलना है। अगर
ये बिल पास हुआ तो पाकिस्तान के लिए बड़ी मुसीबत हो सकती है। उसे मिलने वाली सभी
तरह की वित्तीय मदद रुक जाएगी।
आपको बता दे कि पाकिस्तान
स्टेट स्पॉन्सर ऑफ टेररिज्म डेजिगनेटेड एक्ट नाम से पेश किए गए इस बिल पर अमेरिकी
प्रशासन को चार महीने के अंदर विचार करना होगा। यही नहीं इस बिल पर राष्ट्रपति
बराक ओबामा को भी 90 दिनों के इस संबंध में विस्तार से रिपेार्ट भी पेश करना होगा।
इसमें ये भी बताना होगा कि पाकिस्तान ने अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद को बढ़ाया या नहीं
बढ़ाया।
30 दिन बाद एक फॉलोअप
रिपेार्ट संसद में पेश की जाएगी जिसमें ये बताया जाएगा कि पाकिस्तान को आतंकवाद
प्रायोजित देश घोषित किया जाएगा या फिर अगर नहीं तो इसके क्या कारण होंगे। ये भी
समझाना होगा कि क्योंकि कानूनी रूप से पाकिस्तान को इस तरह घोषित नहीं किया जा
सकता। इस बिल को अमेरिकी सांसद टेक्सास से टेड पो और कैलिफोर्निया से डाना
रोहराबाचर ने पेश किया। टेड पो आतंकवाद को लेकर बनी एक समिति के अध्यक्ष हैं।
पो ने बिल की घोषणा
करते हुए कहा कि इस बात के कई प्रमाण हैं कि पाकिस्तान में ही नहीं पाकिस्तान
सरकार ने भी सालों से अमेरिका के दुश्मनों को समर्थन दिया। ओसामा बिन लादेन की
वहां मौजूदगी से लेकर हक्कानी नेटवर्क तक की वहां मौजूदगी ऐसे कई प्रमाण देते हैं
कि पाकिस्तान आतंक के खिलाफ लड़ाई में किसका पक्षधर है।
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