नई दिल्ली : ऑस्ट्रेलियाई
सरकार ने गुरुवार को पुष्टि की कि तंजानिया के निकट मिले विमान का पंख मलेशिया के
लापता विमान बोइंग 777 का था। आठ मार्च 2014 को समुद्र में समाई मलेशियाई फ्लाइट
एमएच 370 का यह पहला बड़ा मलबा है।
आपको बता दे कि तंजानिया
के निकट पेंबा द्वीप के लोगों को जून में यह पंख मिला था। ढाई माह की जांच के बाद
ऑस्ट्रेलियाई ट्रांसपोर्ट सेफ्टी ब्यूरो ने पंख के एमएच 370 के होने पर मुहर लगाई
है। कुआलालंपुर से बीजिंग जा रही फ्लाइट हिंद महासागर के बीच कहीं दुर्घटना का
शिकार हो गई थी, इसमें 239 लोग सवार थे।
लापता विमान की खोज
में ढाई साल में एक लाख बीस हजार वर्ग किलोमीटर का समुद्री इलाका खंगाला जा चुका
है। ऑस्ट्रेलिया, चीन और मलेशिया ने जुलाई में
तलाशी अभियान आगे बढ़ाने के लिए 1072 करोड़ रुपये का अतिरिक्त फंड जारी करने पर
सहमति जताई थी। लापता विमान के यात्रियों के परिजनों ने तलाशी तेज करने की मांग की
है।
नई दिल्ली : ऑस्ट्रेलियाई
सरकार ने गुरुवार को पुष्टि की कि तंजानिया के निकट मिले विमान का पंख मलेशिया के
लापता विमान बोइंग 777 का था। आठ मार्च 2014 को समुद्र में समाई मलेशियाई फ्लाइट
एमएच 370 का यह पहला बड़ा मलबा है।
आपको बता दे कि तंजानिया
के निकट पेंबा द्वीप के लोगों को जून में यह पंख मिला था। ढाई माह की जांच के बाद
ऑस्ट्रेलियाई ट्रांसपोर्ट सेफ्टी ब्यूरो ने पंख के एमएच 370 के होने पर मुहर लगाई
है। कुआलालंपुर से बीजिंग जा रही फ्लाइट हिंद महासागर के बीच कहीं दुर्घटना का
शिकार हो गई थी, इसमें 239 लोग सवार थे।
लापता विमान की खोज
में ढाई साल में एक लाख बीस हजार वर्ग किलोमीटर का समुद्री इलाका खंगाला जा चुका
है। ऑस्ट्रेलिया, चीन और मलेशिया ने जुलाई में
तलाशी अभियान आगे बढ़ाने के लिए 1072 करोड़ रुपये का अतिरिक्त फंड जारी करने पर
सहमति जताई थी। लापता विमान के यात्रियों के परिजनों ने तलाशी तेज करने की मांग की
है।
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