नई दिल्ली : जी-20 शिखर
सम्मेलन में पाकिस्तान पर हमला बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि
दक्षिण एशिया में एक अकेला देश आतंक के एजेंट फैला रहा है और इसके साथ ही उन्होंने
इस बात पर जोर दिया कि आतंकवाद का प्रायोजन करने वालों को प्रतिबंधित और अलग-थलग
किया जाना चाहिए।
आपको बता दे कि मोदी
ने पाकिस्तान का परोक्ष रूप से हवाला देते हुए कहा, दक्षिण
एशिया में निश्चित तौर पर एक ऐसा देश है जो हमारे क्षेत्र के देशों में आतंक के
एजेंट फैला रहा है।
उन्होंने जी-20 के
समापन सत्र के दौरान कहा, हम आशा करते हैं कि
अंतरराष्ट्रीय समुदाय एकसाथ बोलेगा और कदम उठाएगा तथा इस समस्या से लड़ने के लिए
तत्कालिक आधार पर कदम उठायेगा। जो आतंकवाद का प्रयोजन और समर्थन करते हैं उनको
अलग-थलग और प्रतिबंधित किया जाना चाहिए। उनको पुरस्कत नहीं किया जाना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने
आतंकवाद का वित्तपोषण करने की समस्या का मुकाबला करने को लेकर जी-20 की ओर से उठाए
कदमों की सराहना करते हुए इस बात पर जोर दिया कि सभी देशों को वित्तीय कार्यबल
(एफएटीएफ) के मानकों को पूरा करना चाहिए।
पीएम मोदी ने कहा, आतंक और हिंसा की बढ़ रही ताकतें एक बुनियादी चुनौती खड़ी करती हैं। ऐसे
कुछ देश हैं जो राष्ट्र की नीति के औजार के तौर पर इसका इस्तेमाल करते हैं।
आतंकवाद को लेकर भारत की बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करने की नीति है। क्योंकि उससे
कुछ भी कम पर्याप्त नहीं होगा।
उन्होंने कहा, हमारे लिए आतंकवादी आतंकवादी हैं। मोदी का यह बयान उस वक्त आया है जब एक
दिन पहले भारत और ब्रिक्स के अन्य सदस्य देशों ने आतंकवाद का मुकाला करने के लिए
प्रयास तेज करने का आहवान किया था।
नई दिल्ली : जी-20 शिखर
सम्मेलन में पाकिस्तान पर हमला बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि
दक्षिण एशिया में एक अकेला देश आतंक के एजेंट फैला रहा है और इसके साथ ही उन्होंने
इस बात पर जोर दिया कि आतंकवाद का प्रायोजन करने वालों को प्रतिबंधित और अलग-थलग
किया जाना चाहिए।
आपको बता दे कि मोदी
ने पाकिस्तान का परोक्ष रूप से हवाला देते हुए कहा, दक्षिण
एशिया में निश्चित तौर पर एक ऐसा देश है जो हमारे क्षेत्र के देशों में आतंक के
एजेंट फैला रहा है।
उन्होंने जी-20 के
समापन सत्र के दौरान कहा, हम आशा करते हैं कि
अंतरराष्ट्रीय समुदाय एकसाथ बोलेगा और कदम उठाएगा तथा इस समस्या से लड़ने के लिए
तत्कालिक आधार पर कदम उठायेगा। जो आतंकवाद का प्रयोजन और समर्थन करते हैं उनको
अलग-थलग और प्रतिबंधित किया जाना चाहिए। उनको पुरस्कत नहीं किया जाना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने
आतंकवाद का वित्तपोषण करने की समस्या का मुकाबला करने को लेकर जी-20 की ओर से उठाए
कदमों की सराहना करते हुए इस बात पर जोर दिया कि सभी देशों को वित्तीय कार्यबल
(एफएटीएफ) के मानकों को पूरा करना चाहिए।
पीएम मोदी ने कहा, आतंक और हिंसा की बढ़ रही ताकतें एक बुनियादी चुनौती खड़ी करती हैं। ऐसे
कुछ देश हैं जो राष्ट्र की नीति के औजार के तौर पर इसका इस्तेमाल करते हैं।
आतंकवाद को लेकर भारत की बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करने की नीति है। क्योंकि उससे
कुछ भी कम पर्याप्त नहीं होगा।
उन्होंने कहा, हमारे लिए आतंकवादी आतंकवादी हैं। मोदी का यह बयान उस वक्त आया है जब एक
दिन पहले भारत और ब्रिक्स के अन्य सदस्य देशों ने आतंकवाद का मुकाला करने के लिए
प्रयास तेज करने का आहवान किया था।
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