Monday, 5 September 2016

कश्मीर पर बातचीत के लिए दरवाजे ही नहीं, रोशनदान भी खुले हैं : राजनाथ सिंह

Dainik Times     17:05    
place ad code

नई दिल्ली : हुर्रियत नेताओं से मिलने पहुंचे सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों से उनके मिलने से मना कर देने के एक दिन बाद गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि अलगाववादियों का रवैया दर्शाता है कि वे कश्मीरियत, इंसानियत और जम्हूरियत में यकीन नहीं रखते हैं।
i-am-confident-situation-in-jammu-and-kashmir-will-improve-rajnath-singh-news-in-hindi

वहां के हालात की जानकारी देते हुए राजनाथ सिंह ने आज बताया कि शांति के लिए अलग-अलग लोगों से डेलिगेशन की अच्छी बातचीत हुई है। जम्मू कश्मीर के गर्वनर और मुख्यमंत्री से बातचीत हुई। स्टेट के सभी मंत्रियों से बात हुई। सभी चाहते हैं कि हालात सुधरे। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि इसमें कोई दो राय नहीं कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग था, है और रहेगा।

हुर्रियत से मिलने वाली बात पर उन्होंने कहा कि कश्मीर में जो भी अमन व शांति चाहते हैं हम सभी से बातचीत को तैयार हैं। शांति के लिए हमारे दरवाजे ही नहीं बल्कि रोशनदान तक खुले हैं। हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि इस मामले में हुर्रियत से कोई बातचीत नहीं हुई है।


ऑल पार्टी डेलिगेशन के अलगाववादियों से मिलने की बात उन्होंने कहा कि कुछ मेंमर्स उनसे मिलने गए थे। इसके लिए मेरी न तो हां थी और न ना। लेकिन फिर भी वे गए। इस दौरान उनके साथ अलगाववादियों का व्यवहार न तो कश्मीरियत भरा रहा और ना ही इंसानियत जैसा।
नई दिल्ली : हुर्रियत नेताओं से मिलने पहुंचे सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों से उनके मिलने से मना कर देने के एक दिन बाद गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि अलगाववादियों का रवैया दर्शाता है कि वे कश्मीरियत, इंसानियत और जम्हूरियत में यकीन नहीं रखते हैं।
i-am-confident-situation-in-jammu-and-kashmir-will-improve-rajnath-singh-news-in-hindi

वहां के हालात की जानकारी देते हुए राजनाथ सिंह ने आज बताया कि शांति के लिए अलग-अलग लोगों से डेलिगेशन की अच्छी बातचीत हुई है। जम्मू कश्मीर के गर्वनर और मुख्यमंत्री से बातचीत हुई। स्टेट के सभी मंत्रियों से बात हुई। सभी चाहते हैं कि हालात सुधरे। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि इसमें कोई दो राय नहीं कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग था, है और रहेगा।

हुर्रियत से मिलने वाली बात पर उन्होंने कहा कि कश्मीर में जो भी अमन व शांति चाहते हैं हम सभी से बातचीत को तैयार हैं। शांति के लिए हमारे दरवाजे ही नहीं बल्कि रोशनदान तक खुले हैं। हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि इस मामले में हुर्रियत से कोई बातचीत नहीं हुई है।


ऑल पार्टी डेलिगेशन के अलगाववादियों से मिलने की बात उन्होंने कहा कि कुछ मेंमर्स उनसे मिलने गए थे। इसके लिए मेरी न तो हां थी और न ना। लेकिन फिर भी वे गए। इस दौरान उनके साथ अलगाववादियों का व्यवहार न तो कश्मीरियत भरा रहा और ना ही इंसानियत जैसा।
place ad code

अन्य ख़बरों से लगातार अपडेट रहने के लिए हमारे Facebook व Twitter पेज को Join करे :-
loading...

0 comments :

© 2016 Times Patrika. Designed by Bloggertheme9. Powered by Blogger.