नई दिल्ली : गुरुवार
को स्पेस एक्स फॉल्कन-9 लॉन्च साइट पर कई धमाके हुए। कुछ ही देर में धुएं का गुबार
आसमान पर नजर आने लगा। बता दे कि हादसे में कोई घायल नहीं हुआ। स्पेस एक्स कंपनी
बुधवार को अनमैन्ड रॉकेट का टेस्ट कर रही थी। धमाकों में जिन सैटेलाइट्स को नुकसान
पहुंचा,
उनमें एक फेसबुक का सैटेलाइट एमोस-6 भी था।
नासा के मुताबिक, घटना गुरुवार सुबह 9 बजे हुई। उस वक्त केप कैनवरल एयरपोर्ट स्टेशन पर एक
अनमैन्ड रॉकेट को टेस्ट के लिए स्पेस एक्स फॉल्कन-9 को लॉन्चिंग साइट पर ले जाया
जा रहा था। स्पेस एक्स नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर के करीब ही है।
आपको बता दे कि जिस
रॉकेट को टेस्ट साइट पर ले जाया जा रहा था, उसे शनिवार
को लॉन्च किया जाना है। स्पेस एक्स उन दो कंपनियों में है, जो
नासा के लिए स्पेस सेंटर में सप्लाई लेकर जाती है। अमेरिकी एस्ट्रोनॉट्स को
लाने-ले जाने का काम भी यही कर रही है।
बता दे कि जिस रॉकेट
में धमाके हुए वह रियूजेबल था। शनिवार को फ्लोरिडा के केप कैनवरल एयर फोर्स स्टेशन
से तय लॉन्च से पहले का यह रूटीन टेस्ट था। रॉकेट और उसमें रखा पेलोड पूरी तरह
तबाह हो गया। इसमें फेसबुक का सैटेलाइट एमोस-6 भी था। इसके जरिए फेसबुक की योजना
अफ्रीका समेत 14 देशों में इंटरनेट कनेक्टिवटी पहुंचाने की थी।
फेसबुक के फाउंडर
मार्क जुकरबर्ग ने कहा कि वे इससे निराश हैं। इस सैटेलाइट की कीमत 1340 करोड़ रुपए
बताई जा रही है।
नई दिल्ली : गुरुवार
को स्पेस एक्स फॉल्कन-9 लॉन्च साइट पर कई धमाके हुए। कुछ ही देर में धुएं का गुबार
आसमान पर नजर आने लगा। बता दे कि हादसे में कोई घायल नहीं हुआ। स्पेस एक्स कंपनी
बुधवार को अनमैन्ड रॉकेट का टेस्ट कर रही थी। धमाकों में जिन सैटेलाइट्स को नुकसान
पहुंचा,
उनमें एक फेसबुक का सैटेलाइट एमोस-6 भी था।
नासा के मुताबिक, घटना गुरुवार सुबह 9 बजे हुई। उस वक्त केप कैनवरल एयरपोर्ट स्टेशन पर एक
अनमैन्ड रॉकेट को टेस्ट के लिए स्पेस एक्स फॉल्कन-9 को लॉन्चिंग साइट पर ले जाया
जा रहा था। स्पेस एक्स नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर के करीब ही है।
आपको बता दे कि जिस
रॉकेट को टेस्ट साइट पर ले जाया जा रहा था, उसे शनिवार
को लॉन्च किया जाना है। स्पेस एक्स उन दो कंपनियों में है, जो
नासा के लिए स्पेस सेंटर में सप्लाई लेकर जाती है। अमेरिकी एस्ट्रोनॉट्स को
लाने-ले जाने का काम भी यही कर रही है।
बता दे कि जिस रॉकेट
में धमाके हुए वह रियूजेबल था। शनिवार को फ्लोरिडा के केप कैनवरल एयर फोर्स स्टेशन
से तय लॉन्च से पहले का यह रूटीन टेस्ट था। रॉकेट और उसमें रखा पेलोड पूरी तरह
तबाह हो गया। इसमें फेसबुक का सैटेलाइट एमोस-6 भी था। इसके जरिए फेसबुक की योजना
अफ्रीका समेत 14 देशों में इंटरनेट कनेक्टिवटी पहुंचाने की थी।
फेसबुक के फाउंडर
मार्क जुकरबर्ग ने कहा कि वे इससे निराश हैं। इस सैटेलाइट की कीमत 1340 करोड़ रुपए
बताई जा रही है।
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