नई दिल्ली : उरी में भारतीय सेना के शिविर पर हुए
आतंकी हमले के लिए पाकिस्तान को सीधे तौर पर जिम्मेदारी ठहराते हुए गृह मंत्री
राजनाथ सिंह ने हमला बोला है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान आतंकवादी देश है तथा इसे
चिह्नित करके विश्व समुदाय से अलग-थलग कर दिया जाना चाहिए।
राजनाथ ने कहा कि उरी में हुए हमले की शुरुआती
जांच से स्पष्ट है कि हमलावरों को इसके लिए विशेष तौर पर प्रशिक्षित किया गया था।
वे आधुनिक हथियारों से लैस थे। उन्होंने पाकिस्तान की ओर से आतंकवाद और आतंकी
समूहों को प्रत्यक्ष रूप से दिए जा रहे समर्थन पर अपनी निराशा जताई। साथ ही कहा कि
वह आतंकी राष्ट्र है और ऐसे देशों को अलग-थलग करना चाहिए। गृहमंत्री ने इसके साथ
ही हमले में शहीद हुए जवानों के प्रति अपनी संवेदना जताई।
गौतलब है कि राजनाथ सिंह का बयान कूटनीतिक रूप से
अहम है, क्योंकि
अब तक भारत पाकिस्तान से आतंकियों पर कार्रवाई की मांग करता था। लेकिन इस बार भारत
ने पाकिस्तान को आतंकी करार देते हुए, पूरे देशों को आतंकवाद
का पोषक करार दिया है।
आपको बता दे कि गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने हमले के
बाद सुरक्षा हालात की समीक्षा के लिए रविवार दोपहर को अपने आवास पर उच्च स्तरीय
बैठक बुलाई। सूत्रों की मानें तो इस बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहाकार अजित
डोभाल के अलावा गृह सचिव, खुफिया ब्यूरो के प्रमुख, सीआरपीएफ
के महानिदेशक, सैन्य खुफिया महानिदेशक और गृह मंत्रालय तथा रक्षा
मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
वही जम्मू एवं कश्मीर के उपमुख्यमंत्री निर्मल
सिंह ने उरी में रविवार को सेना के शिविर पर हुए हमले के लिए पाकिस्तान को
जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा, पड़ोसी देश राज्य में शांति भंग
करने की कोशिश में जुटा है। सिंह ने कहा, यह छद्म युद्ध है।
एक देश, जो पाकिस्तान है, इस बात में
जुटा है कि जम्मू एवं कश्मीर में कैसे शांति भंग की जाए।
नई दिल्ली : उरी में भारतीय सेना के शिविर पर हुए
आतंकी हमले के लिए पाकिस्तान को सीधे तौर पर जिम्मेदारी ठहराते हुए गृह मंत्री
राजनाथ सिंह ने हमला बोला है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान आतंकवादी देश है तथा इसे
चिह्नित करके विश्व समुदाय से अलग-थलग कर दिया जाना चाहिए।
राजनाथ ने कहा कि उरी में हुए हमले की शुरुआती
जांच से स्पष्ट है कि हमलावरों को इसके लिए विशेष तौर पर प्रशिक्षित किया गया था।
वे आधुनिक हथियारों से लैस थे। उन्होंने पाकिस्तान की ओर से आतंकवाद और आतंकी
समूहों को प्रत्यक्ष रूप से दिए जा रहे समर्थन पर अपनी निराशा जताई। साथ ही कहा कि
वह आतंकी राष्ट्र है और ऐसे देशों को अलग-थलग करना चाहिए। गृहमंत्री ने इसके साथ
ही हमले में शहीद हुए जवानों के प्रति अपनी संवेदना जताई।
गौतलब है कि राजनाथ सिंह का बयान कूटनीतिक रूप से
अहम है, क्योंकि
अब तक भारत पाकिस्तान से आतंकियों पर कार्रवाई की मांग करता था। लेकिन इस बार भारत
ने पाकिस्तान को आतंकी करार देते हुए, पूरे देशों को आतंकवाद
का पोषक करार दिया है।
आपको बता दे कि गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने हमले के
बाद सुरक्षा हालात की समीक्षा के लिए रविवार दोपहर को अपने आवास पर उच्च स्तरीय
बैठक बुलाई। सूत्रों की मानें तो इस बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहाकार अजित
डोभाल के अलावा गृह सचिव, खुफिया ब्यूरो के प्रमुख, सीआरपीएफ
के महानिदेशक, सैन्य खुफिया महानिदेशक और गृह मंत्रालय तथा रक्षा
मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
वही जम्मू एवं कश्मीर के उपमुख्यमंत्री निर्मल
सिंह ने उरी में रविवार को सेना के शिविर पर हुए हमले के लिए पाकिस्तान को
जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा, पड़ोसी देश राज्य में शांति भंग
करने की कोशिश में जुटा है। सिंह ने कहा, यह छद्म युद्ध है।
एक देश, जो पाकिस्तान है, इस बात में
जुटा है कि जम्मू एवं कश्मीर में कैसे शांति भंग की जाए।
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