नई दिल्ली : पाक
अधिकृत कश्मीर (PoK) में भारत की सर्जिकल
स्ट्राइक के बाद से ही अमेरिका भारत के पक्ष में खुलकर खड़ा है। अमेरिकी विदेश
मंत्रालय से लेकर रक्षा मंत्रालय लगातार पाकिस्तान को चेतावनी दे रहे हैं। लेकिन
इस बार अमेरिका ने पाकिस्तान को साफ शब्दों में धमकी दे दी है कि अगर जरूरत पड़ी
तो पाकिस्तान में घुसकर आतंकियों को मारने से भी नहीं हिचकेंगे।
यह धमकी आतंकवाद के
खिलाफ गठित अमेरिकी संस्था के कार्यकारी अवर सचिव ऐडम जुबिन ने दी है। जुबिन ने
आतंकवाद पर आयोजित एक कार्यक्रम में कहा है कि जरूरत पड़ी तो आतंकियों के खात्मे
के लिए पाकिस्तान में अकेले कार्रवाई में भी नहीं हिचकेगा अमेरिका।
वहीं अमेरिकी विदेश
मंत्रलाय के प्रवक्ता जॉन किरबी ने कड़े शब्दों में कहा है कि पाकिस्तान अपनी जमीन
का इस्तेमाल आतंकियों को ना करने दे। PoK के साथ
अफगान-पाक सीमा पर कई आतंकी संगठन सक्रिय हैं। ऐसे में बार-बार यह कहना कि
पाकिस्तान कार्रवाही कर रहा है उसका कोई मतलब नहीं जब तक उसके दावों की सच्चाई
जमीन पर नहीं दिखती।
पाकिस्तान की इस
हकीकत से पूरी दुनिया वाकिफ हो चुकी है। अब वक्त आ गया है कि पाकिस्तान आतंक के
सोर्स को जड़ से खत्म करे, नहीं तो आतंकी अपने मंसूबों
को यूं ही अंजाम देते रहेंगे।
सर्जिकल
स्ट्राइक (29 सितंबर) के बाद चेतावनी :-
26 अक्टूबर- अमेरिका
ने दी चेतावनी, पड़ोसियों पर हमला करने वाले आतंकवादियों
के खिलाफ कार्रवाई करे पाक।
23 अक्टूबर- अमेरिका
ने चेताया, जरूरत पड़ी तो पाकिस्तान में घुसकर
आतंकियों को मारने से भी हिचकेंगे नहीं।
15 अक्टूबर- सभी
आतंकी समूहों को नेस्तोनाबूत कर आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई करे पाकिस्तान।
13 अक्टूबर- अमेरिका
ने किया भारत का समर्थन, उरी हमला सीमापार से आतंकवाद,
भारत को आत्मरक्षा का हक।
30 सितम्बर- परमाणु
हमले की धमकी पर पाकिस्तान को अमेरिका की फटकार, कहा-
पाक समझे अपनी ज़िम्मेदारियां।
30 सितम्बर-
पाकिस्तान से परमाणु आत्मघाती हमलावर तैयार हो सकते हैं : हिलेरी क्लिंटन ने जताई
आशंका।
30 सितम्बर- भारत ने
सावधानीपूर्वक आकलन करने के बाद किया लक्षित हमला : अमेरिकी थिंक टैंक कार्नेगी
एनडाउमेंट फॉर इंटरनेशनल पीस।
30 सितम्बर- सर्जिकल
स्ट्राइक के बाद अमेरिका विदेश मंत्रालय का पहला बयान- भारत के हमले को बताया 'सही कदम'।
उरी
हमले (18 सितंबर) के बाद चेतावनी :-
27 सितम्बर- अमेरिका
ने पाक को चेताया, भारत पर हमले करने वाले आतंकी
संगठनों पर कार्रवाई करे पाकिस्तान।
21 सितम्बर- अमेरिकी
सांसदों ने पाक को आतंकवाद प्रायोजित करने वाला देश घोषित करने संबंधी विधेयक पेश
किया।
21 सितम्बर- जॉन केरी
ने नवाज शरीफ से कहा- आतंकियों को सुरक्षित पनाहगाह के रूप में पाक सरजमीं का
इस्तेमाल करने से रोके।
20 सितम्बर- तनाव
तत्काल दूर करने के लिए गेंद अब पाकिस्तान के पाले में है: अमेरिकी थिंक टैंक ‘द हैरिटेज फाउंडेशन’।
अमेरिकी
मीडिया ने माना, भारत के सब्र का इम्तेहान ले
रहा है पाक :-
- वॉल स्ट्रीट जर्नल
ने हाल ही में लिखे लेख में मोदी सरकार की सरहाना की थी।
- लिखा मोदी लगातार
सुलह की कोशिशें कर रहे हैं लेकिन पाक आगे बढ़ने को तैयार नहीं।
- अगर पाकिस्तान मोदी
के सहयोग के ऑफर को ठुकराता है तो दुनिया में अलग-थलग पड़ जाएगा।
- पाकिस्तानी
मिलिट्री सीमा पार से भारत में हथियार और आतंकी भेजती रहती है।
- पाकिस्तान हमेशा से
ही आतंकवाद को खत्म करने के प्रति अपनी जिम्मेदारी से बचता आया है।
अमेरिका
ने कम की PAK को मदद देना :-
- अमेरिका 2011 से
पाक को 350 करोड़ डॉलर की सालाना मदद दे रहा था।
- पांच साल में यह
मदद 70% तक घट गई।
- 2007 के बाद मदद कम
करने का यह पहला मौका होगा।
- अमेरिका का कहना है
कि पाकिस्तान तालिबान को सपोर्ट कर रहा है।
- जिसके चलते अमेरिकी
और नाटो फौजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
- अमेरिका के मदद की
रकम करने से पाक अफसरों में खलबली मच गई है।
- हकीकत में पाक इस
पैसों का इस्तेमाल तालिबान के खिलाफ नहीं करता।
- बल्कि पैसों का
इस्तेमाल भारत विरोधी गतिविधियों में करता रहा है।
सैन्य
मदद :-
2011 : 8700 करोड़
रुपए
2015 : 2200 करोड़
रुपए
मई में F16 सौदा भी हुआ था रद्द
आर्थिक
सहायता :-
2011 : 8000 करोड़
रुपए
2015 : 3700 करोड़
रुपए
2002
से 2015 तक 93900 करोड़ रुपये मिले पाकिस्तान को अमेरिका से
अमेरिका
करोड़ों डॉलर लुटा चुका है पाक पर, अब उठे
विरोध के स्वर :-
- हमने पाकिस्तान को
जितना दिया, वो काफी ज्यादा था, उसे
अब कई अन्य सोर्स जैसे चीन से मदद मिल रही है।
- कांग्रेस सदस्य और
सदन की विदेशी मामलों की उप समिति के अध्यक्ष टेड पो पाकिस्तान से जता चुके हैं
अपनी नाराजगी।
- कांग्रेस की विदेश
मामलों की एशिया और प्रशांत उपसमिति के अध्यक्ष मैट सैल्मन तो यहां तक कह चुके हैं
कि पाकिस्तान हमें मूर्ख बना रहा है।
- चीन पाकिस्तान में
30 हजार करोड़ रुपए के एनर्जी और इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है।
नई दिल्ली : पाक
अधिकृत कश्मीर (PoK) में भारत की सर्जिकल
स्ट्राइक के बाद से ही अमेरिका भारत के पक्ष में खुलकर खड़ा है। अमेरिकी विदेश
मंत्रालय से लेकर रक्षा मंत्रालय लगातार पाकिस्तान को चेतावनी दे रहे हैं। लेकिन
इस बार अमेरिका ने पाकिस्तान को साफ शब्दों में धमकी दे दी है कि अगर जरूरत पड़ी
तो पाकिस्तान में घुसकर आतंकियों को मारने से भी नहीं हिचकेंगे।
यह धमकी आतंकवाद के
खिलाफ गठित अमेरिकी संस्था के कार्यकारी अवर सचिव ऐडम जुबिन ने दी है। जुबिन ने
आतंकवाद पर आयोजित एक कार्यक्रम में कहा है कि जरूरत पड़ी तो आतंकियों के खात्मे
के लिए पाकिस्तान में अकेले कार्रवाई में भी नहीं हिचकेगा अमेरिका।
वहीं अमेरिकी विदेश
मंत्रलाय के प्रवक्ता जॉन किरबी ने कड़े शब्दों में कहा है कि पाकिस्तान अपनी जमीन
का इस्तेमाल आतंकियों को ना करने दे। PoK के साथ
अफगान-पाक सीमा पर कई आतंकी संगठन सक्रिय हैं। ऐसे में बार-बार यह कहना कि
पाकिस्तान कार्रवाही कर रहा है उसका कोई मतलब नहीं जब तक उसके दावों की सच्चाई
जमीन पर नहीं दिखती।
पाकिस्तान की इस
हकीकत से पूरी दुनिया वाकिफ हो चुकी है। अब वक्त आ गया है कि पाकिस्तान आतंक के
सोर्स को जड़ से खत्म करे, नहीं तो आतंकी अपने मंसूबों
को यूं ही अंजाम देते रहेंगे।
सर्जिकल
स्ट्राइक (29 सितंबर) के बाद चेतावनी :-
26 अक्टूबर- अमेरिका
ने दी चेतावनी, पड़ोसियों पर हमला करने वाले आतंकवादियों
के खिलाफ कार्रवाई करे पाक।
23 अक्टूबर- अमेरिका
ने चेताया, जरूरत पड़ी तो पाकिस्तान में घुसकर
आतंकियों को मारने से भी हिचकेंगे नहीं।
15 अक्टूबर- सभी
आतंकी समूहों को नेस्तोनाबूत कर आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई करे पाकिस्तान।
13 अक्टूबर- अमेरिका
ने किया भारत का समर्थन, उरी हमला सीमापार से आतंकवाद,
भारत को आत्मरक्षा का हक।
30 सितम्बर- परमाणु
हमले की धमकी पर पाकिस्तान को अमेरिका की फटकार, कहा-
पाक समझे अपनी ज़िम्मेदारियां।
30 सितम्बर-
पाकिस्तान से परमाणु आत्मघाती हमलावर तैयार हो सकते हैं : हिलेरी क्लिंटन ने जताई
आशंका।
30 सितम्बर- भारत ने
सावधानीपूर्वक आकलन करने के बाद किया लक्षित हमला : अमेरिकी थिंक टैंक कार्नेगी
एनडाउमेंट फॉर इंटरनेशनल पीस।
30 सितम्बर- सर्जिकल
स्ट्राइक के बाद अमेरिका विदेश मंत्रालय का पहला बयान- भारत के हमले को बताया 'सही कदम'।
उरी
हमले (18 सितंबर) के बाद चेतावनी :-
27 सितम्बर- अमेरिका
ने पाक को चेताया, भारत पर हमले करने वाले आतंकी
संगठनों पर कार्रवाई करे पाकिस्तान।
21 सितम्बर- अमेरिकी
सांसदों ने पाक को आतंकवाद प्रायोजित करने वाला देश घोषित करने संबंधी विधेयक पेश
किया।
21 सितम्बर- जॉन केरी
ने नवाज शरीफ से कहा- आतंकियों को सुरक्षित पनाहगाह के रूप में पाक सरजमीं का
इस्तेमाल करने से रोके।
20 सितम्बर- तनाव
तत्काल दूर करने के लिए गेंद अब पाकिस्तान के पाले में है: अमेरिकी थिंक टैंक ‘द हैरिटेज फाउंडेशन’।
अमेरिकी
मीडिया ने माना, भारत के सब्र का इम्तेहान ले
रहा है पाक :-
- वॉल स्ट्रीट जर्नल
ने हाल ही में लिखे लेख में मोदी सरकार की सरहाना की थी।
- लिखा मोदी लगातार
सुलह की कोशिशें कर रहे हैं लेकिन पाक आगे बढ़ने को तैयार नहीं।
- अगर पाकिस्तान मोदी
के सहयोग के ऑफर को ठुकराता है तो दुनिया में अलग-थलग पड़ जाएगा।
- पाकिस्तानी
मिलिट्री सीमा पार से भारत में हथियार और आतंकी भेजती रहती है।
- पाकिस्तान हमेशा से
ही आतंकवाद को खत्म करने के प्रति अपनी जिम्मेदारी से बचता आया है।
अमेरिका
ने कम की PAK को मदद देना :-
- अमेरिका 2011 से
पाक को 350 करोड़ डॉलर की सालाना मदद दे रहा था।
- पांच साल में यह
मदद 70% तक घट गई।
- 2007 के बाद मदद कम
करने का यह पहला मौका होगा।
- अमेरिका का कहना है
कि पाकिस्तान तालिबान को सपोर्ट कर रहा है।
- जिसके चलते अमेरिकी
और नाटो फौजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
- अमेरिका के मदद की
रकम करने से पाक अफसरों में खलबली मच गई है।
- हकीकत में पाक इस
पैसों का इस्तेमाल तालिबान के खिलाफ नहीं करता।
- बल्कि पैसों का
इस्तेमाल भारत विरोधी गतिविधियों में करता रहा है।
सैन्य
मदद :-
2011 : 8700 करोड़
रुपए
2015 : 2200 करोड़
रुपए
मई में F16 सौदा भी हुआ था रद्द
आर्थिक
सहायता :-
2011 : 8000 करोड़
रुपए
2015 : 3700 करोड़
रुपए
2002
से 2015 तक 93900 करोड़ रुपये मिले पाकिस्तान को अमेरिका से
अमेरिका
करोड़ों डॉलर लुटा चुका है पाक पर, अब उठे
विरोध के स्वर :-
- हमने पाकिस्तान को
जितना दिया, वो काफी ज्यादा था, उसे
अब कई अन्य सोर्स जैसे चीन से मदद मिल रही है।
- कांग्रेस सदस्य और
सदन की विदेशी मामलों की उप समिति के अध्यक्ष टेड पो पाकिस्तान से जता चुके हैं
अपनी नाराजगी।
- कांग्रेस की विदेश
मामलों की एशिया और प्रशांत उपसमिति के अध्यक्ष मैट सैल्मन तो यहां तक कह चुके हैं
कि पाकिस्तान हमें मूर्ख बना रहा है।
- चीन पाकिस्तान में
30 हजार करोड़ रुपए के एनर्जी और इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है।
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