नई दिल्ली : प्रतिबंधित
संगठन इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) के आठ आतंकवादी मध्यप्रदेश की राजधानी
भोपाल में स्थित केंद्रीय जेल की सुरक्षा में सेंध लगाकर फरार हो गए। आतंकवादियों
ने कड़ी सुरक्षा वाली इस जेल में भागने से पहले एक जेल कर्मचारी की हत्या कर दी और
एक अन्य के हाथ पैर बांध दिए।
भोपाल के डीआईजी रमन
सिंह ने बताया कि सिमी के आठ कार्यकर्ता तड़के करीब दो से तीन बजे के बीच एक
सुरक्षा गार्ड की हत्या करने के बाद जेल से फरार हो गए। उन्होंने बताया कि द
स्टूडेंटस इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया के कार्यकर्ताओं ने एक सुरक्षा गार्ड की
हत्या कर दी और उसके बाद वे चादरों की मदद से जेल की दीवार लांघ कर वहां से फरार
हो गए।
डीआईजी ने बताया कि
उन्होंने पहले गार्ड को घेर कर अपने कब्जे में लिया और फिर स्टील की प्लेट से उसका
गला काट कर उसे मार डाला। उन्होंने बताया कि विस्तृत जानकारी अभी आनी बाकी हैं।
फरार कार्यकर्ताओं की खोज के लिए अभियान शुरू कर दिया गया है।
आपको बता दे कि इस
बीच मध्यप्रदेश के गृह मंत्री भूपेंदर सिंह ने फोन पर एक न्यूज चैनल से कहा कि
निश्चित तौर पर यह गंभीर घटना है और पुलिस प्रशासन की कोशिश है कि फरार आतंकवादी
शीघ्र ही पकडे जाएं।
उन्होंने स्वीकार
किया कि हाल ही में यहां कलेक्टर और एसपी कांफ्रेंस के दौरान भी जेलों की सुरक्षा
का मुद्दा उठा था और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्वयं सुरक्षा पर विशेष
ध्यान देने के निर्देश दिए थे।
इस बीच बताया गया है
कि आतंकवादियों ने भागने से पहले जेल कर्मचारी रमाशंकर की किसी धारदार वस्तु से
गला रेंतकर हत्या कर दी। एक अन्य कर्मचारी के हाथ पैर बांध दिए गए। उन्होंने जेल
की ऊंची दीवार फांदने के लिए ओढ़ने वाली कई चादरों को मिलाकर उन्हें लंबी
रस्सीनुमा स्वरूप दिया। इस दौरान बाहरी इलाके के एक द्वार का कुंदा और दीवार का
हिस्सा भी तोड़ा गया। इन सब बातों से प्रतीत होता है कि आतंकवादियों ने बेहद
योजनाबद्ध तरीके से इस घटना को अंजाम दिया।
घटना की सूचना सुबह
होते तक वरिष्ठतम पुलिस अधिकारियों तक पहुंच गयी और पूरा प्रशासन हरकत में आ गया।
रात में राजधानी भोपाल समेत पूरा प्रदेश दीपावली का त्यौहार मनाने में व्यस्त था।
अब पूरा पुलिस प्रशासन आतंकवादियों को पकडने की कोशिश में लगी है। आसपास के
रिहायशी इलाकों में भी विशेष तलाशी अभियान छेड़ा गया है।
राज्य का मालवांचल
यानी पश्चिमी हिस्सा सिमी आतंकवादियों की गतिविधियों का केंद्र रहा है। तीन वर्ष
पहले खंडवा जिला मुख्यालय स्थित जेल से भी सिमी के आतंकवादी फरार हो गए थे। इस
दौरान उन्होंने कुछ लोगों की हत्या भी कर दी थी। बताया गया है कि सुरक्षा की
दृष्टि से ही अनेक आतंकवादियों को खंडवा से भोपाल जेल में भेजा गया था। इनकी पेशी
भी वीडियो क्रॉन्फ्रेंसिंग के जरिए करायी जा रही थी।
बताया गया है कि जेल
में लगभग दो दर्जन सिमी कैदी बंद हैं और उनमें से आठ भागने में सफल हो गए। यह आठों
काफी खतरनाक और शातिर आतंकवादी माने जाते हैं। यह भी आशंका है कि आतंकवादी आसपास
के इलाकों में छिपे हो सकते हैं।
इस बडी वारदात के बाद
पूरी सरकार और पुलिस महकमा सक्रिय हो गया। गुप्तचर ब्यूरो के साथ ही आतंकवादी
निरोधक दस्ता (एटीएस) और पुलिस की अन्य शाखाओं के अधिकारी भी सक्रिय हो गए।
राजधानी भोपाल में भी जगह जगह तलाशी अभियान छेडा गया है। यह जेल शहर के बाहरी
इलाके में स्थित है और आतंकवादी जेल से निकलकर करोंद बायपास क्षेत्र में भाग
निकले।
नई दिल्ली : प्रतिबंधित
संगठन इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) के आठ आतंकवादी मध्यप्रदेश की राजधानी
भोपाल में स्थित केंद्रीय जेल की सुरक्षा में सेंध लगाकर फरार हो गए। आतंकवादियों
ने कड़ी सुरक्षा वाली इस जेल में भागने से पहले एक जेल कर्मचारी की हत्या कर दी और
एक अन्य के हाथ पैर बांध दिए।
भोपाल के डीआईजी रमन
सिंह ने बताया कि सिमी के आठ कार्यकर्ता तड़के करीब दो से तीन बजे के बीच एक
सुरक्षा गार्ड की हत्या करने के बाद जेल से फरार हो गए। उन्होंने बताया कि द
स्टूडेंटस इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया के कार्यकर्ताओं ने एक सुरक्षा गार्ड की
हत्या कर दी और उसके बाद वे चादरों की मदद से जेल की दीवार लांघ कर वहां से फरार
हो गए।
डीआईजी ने बताया कि
उन्होंने पहले गार्ड को घेर कर अपने कब्जे में लिया और फिर स्टील की प्लेट से उसका
गला काट कर उसे मार डाला। उन्होंने बताया कि विस्तृत जानकारी अभी आनी बाकी हैं।
फरार कार्यकर्ताओं की खोज के लिए अभियान शुरू कर दिया गया है।
आपको बता दे कि इस
बीच मध्यप्रदेश के गृह मंत्री भूपेंदर सिंह ने फोन पर एक न्यूज चैनल से कहा कि
निश्चित तौर पर यह गंभीर घटना है और पुलिस प्रशासन की कोशिश है कि फरार आतंकवादी
शीघ्र ही पकडे जाएं।
उन्होंने स्वीकार
किया कि हाल ही में यहां कलेक्टर और एसपी कांफ्रेंस के दौरान भी जेलों की सुरक्षा
का मुद्दा उठा था और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्वयं सुरक्षा पर विशेष
ध्यान देने के निर्देश दिए थे।
इस बीच बताया गया है
कि आतंकवादियों ने भागने से पहले जेल कर्मचारी रमाशंकर की किसी धारदार वस्तु से
गला रेंतकर हत्या कर दी। एक अन्य कर्मचारी के हाथ पैर बांध दिए गए। उन्होंने जेल
की ऊंची दीवार फांदने के लिए ओढ़ने वाली कई चादरों को मिलाकर उन्हें लंबी
रस्सीनुमा स्वरूप दिया। इस दौरान बाहरी इलाके के एक द्वार का कुंदा और दीवार का
हिस्सा भी तोड़ा गया। इन सब बातों से प्रतीत होता है कि आतंकवादियों ने बेहद
योजनाबद्ध तरीके से इस घटना को अंजाम दिया।
घटना की सूचना सुबह
होते तक वरिष्ठतम पुलिस अधिकारियों तक पहुंच गयी और पूरा प्रशासन हरकत में आ गया।
रात में राजधानी भोपाल समेत पूरा प्रदेश दीपावली का त्यौहार मनाने में व्यस्त था।
अब पूरा पुलिस प्रशासन आतंकवादियों को पकडने की कोशिश में लगी है। आसपास के
रिहायशी इलाकों में भी विशेष तलाशी अभियान छेड़ा गया है।
राज्य का मालवांचल
यानी पश्चिमी हिस्सा सिमी आतंकवादियों की गतिविधियों का केंद्र रहा है। तीन वर्ष
पहले खंडवा जिला मुख्यालय स्थित जेल से भी सिमी के आतंकवादी फरार हो गए थे। इस
दौरान उन्होंने कुछ लोगों की हत्या भी कर दी थी। बताया गया है कि सुरक्षा की
दृष्टि से ही अनेक आतंकवादियों को खंडवा से भोपाल जेल में भेजा गया था। इनकी पेशी
भी वीडियो क्रॉन्फ्रेंसिंग के जरिए करायी जा रही थी।
बताया गया है कि जेल
में लगभग दो दर्जन सिमी कैदी बंद हैं और उनमें से आठ भागने में सफल हो गए। यह आठों
काफी खतरनाक और शातिर आतंकवादी माने जाते हैं। यह भी आशंका है कि आतंकवादी आसपास
के इलाकों में छिपे हो सकते हैं।
इस बडी वारदात के बाद
पूरी सरकार और पुलिस महकमा सक्रिय हो गया। गुप्तचर ब्यूरो के साथ ही आतंकवादी
निरोधक दस्ता (एटीएस) और पुलिस की अन्य शाखाओं के अधिकारी भी सक्रिय हो गए।
राजधानी भोपाल में भी जगह जगह तलाशी अभियान छेडा गया है। यह जेल शहर के बाहरी
इलाके में स्थित है और आतंकवादी जेल से निकलकर करोंद बायपास क्षेत्र में भाग
निकले।
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