Monday, 31 October 2016

दिवाली की आतिशबाजी के बाद दिल्ली में प्रदूषण का स्तर 42 गुना तक बढ़ा, सांस लेना हुआ मुश्किल!

Dainik Times     09:40    
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नई दिल्ली : दिल्ली में रविवार रात दिवाली के अवसर पर जमकर आतिशबाजी की गई जिसके चलते प्रदूषण का स्तर कई गुना तक बढ़ गया। दिल्ली में प्रदूषण का स्तर सामान्य स्तर से 42 गुना तक बढ़ा हुआ रिकॉर्ड किया गया।
pollution-in-delhi-increased-42-times-breathing-is-difficult-news-in-hindi

आपको बता दे कि दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एक आंकड़े के मुताबिक दक्षिण दिल्ली के आरके पुरम इलाके में प्रदूषित पीएम (पर्टिकुलर मैटर्स) 10 की मात्रा 42 गुना अधिक दर्ज की गई। बढे हुए प्रदुषण की वजह से लोगों का सांस लेना दुबार हो गया है। अग्निशमन विभाग के अनुसार पटाखों से आग लगाने के कुल 100 मामले सामने आये जिसमे किसी के हताहत होने की मामला सामने नहीं आया।

दिल्ली प्रदूषण कंट्रोल कमेटी के आंकड़ों के अनुसार अक्तूबर की तुलना में सितम्बर महीने में हवा में मौजूद पीएम 2.5 की मात्रा दो गुना तक बढ़ चुकी है। सेंटर फॉर साइंस एंड इनवायरमेंट की रिपोर्ट के अनुसार सितम्बर महीने में 23 प्रतिशत दिनों में हवा में प्रदूषण का स्तर खराब स्तर तक व 13 प्रतिशत दिनों में बेहद खराब स्तर तक बढ़ चुका था।

जबकि अक्तूबर में 27 प्रतिशत दिनों में प्रदूषण का स्तर खराब स्तर तक दर्ज किया गया। वहीँ 57.7 प्रतिशत दिनों में प्रदूषण का स्तर बेहद खराब स्तर तक दर्ज किया गया।
नई दिल्ली : दिल्ली में रविवार रात दिवाली के अवसर पर जमकर आतिशबाजी की गई जिसके चलते प्रदूषण का स्तर कई गुना तक बढ़ गया। दिल्ली में प्रदूषण का स्तर सामान्य स्तर से 42 गुना तक बढ़ा हुआ रिकॉर्ड किया गया।
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आपको बता दे कि दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एक आंकड़े के मुताबिक दक्षिण दिल्ली के आरके पुरम इलाके में प्रदूषित पीएम (पर्टिकुलर मैटर्स) 10 की मात्रा 42 गुना अधिक दर्ज की गई। बढे हुए प्रदुषण की वजह से लोगों का सांस लेना दुबार हो गया है। अग्निशमन विभाग के अनुसार पटाखों से आग लगाने के कुल 100 मामले सामने आये जिसमे किसी के हताहत होने की मामला सामने नहीं आया।

दिल्ली प्रदूषण कंट्रोल कमेटी के आंकड़ों के अनुसार अक्तूबर की तुलना में सितम्बर महीने में हवा में मौजूद पीएम 2.5 की मात्रा दो गुना तक बढ़ चुकी है। सेंटर फॉर साइंस एंड इनवायरमेंट की रिपोर्ट के अनुसार सितम्बर महीने में 23 प्रतिशत दिनों में हवा में प्रदूषण का स्तर खराब स्तर तक व 13 प्रतिशत दिनों में बेहद खराब स्तर तक बढ़ चुका था।

जबकि अक्तूबर में 27 प्रतिशत दिनों में प्रदूषण का स्तर खराब स्तर तक दर्ज किया गया। वहीँ 57.7 प्रतिशत दिनों में प्रदूषण का स्तर बेहद खराब स्तर तक दर्ज किया गया।
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