नई दिल्ली : एक
पाकिस्तानी थिंक टैंक की रिसर्च में यह बात सामने आई है कि भारत के पास 359 से 492
परमाणु बम बनाने के लिए पर्याप्त सामग्री और तकनीकी क्षमता मौजूद है।
आपको बता दे कि इंस्टीट्यूट
ऑफ स्ट्रेटेजिक स्टडीज (आईएसएसआई), इस्लामाबाद
द्वारा 'भारतीय असुरक्षित परमाणु कार्यक्रम' शीर्षक से प्रकाशित इस अध्ययन को अदीला आजम, अहमद
खान, मोहम्मद अली और समीर खान जैसे चार परमाणु विद्वानों ने
लिखा है।
आईएसएसआई द्वारा एक
बयान में कहा गया है, "इस गहन अध्ययन से यह
खुलासा हुआ है कि भारत के पास 356 से 492 परमाणु बम बनाने के लिए पर्याप्त सामग्री
और तकनीकी क्षमता है। यह पहले के उन अध्ययनों के उलट है जिनमें परमाणु बम बनाने की
भारत की क्षमता को कमतर आंका गया था। इस शोध का उद्देश्य भारत के जटिल परमाणु
कार्यक्रम के इतिहास, आकार, विस्तार और
क्षमता को समझना था। इसे नई दिल्ली ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु एजेंसी सुरक्षा से
बाहर रखा हुआ है।
इस शोध में सबूत है
कि विकसित दुनिया और परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) वाले देशों में ना होते हुए भी
भारत के पास सबसे बड़े और पुराने असुरक्षित परमाणु कार्यक्रम मौजूद हैं। पाकिस्तान
परमाणु ऊर्जा आयोग के पूर्व अध्यक्ष अंसार परवेज ने कहा कि यह अध्ययन भारत के
परमाणु हथियार बनाने की क्षमता पर नया प्रकाश डालता है।
नई दिल्ली : एक
पाकिस्तानी थिंक टैंक की रिसर्च में यह बात सामने आई है कि भारत के पास 359 से 492
परमाणु बम बनाने के लिए पर्याप्त सामग्री और तकनीकी क्षमता मौजूद है।
आपको बता दे कि इंस्टीट्यूट
ऑफ स्ट्रेटेजिक स्टडीज (आईएसएसआई), इस्लामाबाद
द्वारा 'भारतीय असुरक्षित परमाणु कार्यक्रम' शीर्षक से प्रकाशित इस अध्ययन को अदीला आजम, अहमद
खान, मोहम्मद अली और समीर खान जैसे चार परमाणु विद्वानों ने
लिखा है।
आईएसएसआई द्वारा एक
बयान में कहा गया है, "इस गहन अध्ययन से यह
खुलासा हुआ है कि भारत के पास 356 से 492 परमाणु बम बनाने के लिए पर्याप्त सामग्री
और तकनीकी क्षमता है। यह पहले के उन अध्ययनों के उलट है जिनमें परमाणु बम बनाने की
भारत की क्षमता को कमतर आंका गया था। इस शोध का उद्देश्य भारत के जटिल परमाणु
कार्यक्रम के इतिहास, आकार, विस्तार और
क्षमता को समझना था। इसे नई दिल्ली ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु एजेंसी सुरक्षा से
बाहर रखा हुआ है।
इस शोध में सबूत है
कि विकसित दुनिया और परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) वाले देशों में ना होते हुए भी
भारत के पास सबसे बड़े और पुराने असुरक्षित परमाणु कार्यक्रम मौजूद हैं। पाकिस्तान
परमाणु ऊर्जा आयोग के पूर्व अध्यक्ष अंसार परवेज ने कहा कि यह अध्ययन भारत के
परमाणु हथियार बनाने की क्षमता पर नया प्रकाश डालता है।
place ad code

0 comments :