नई दिल्ली : एलओसी को
लेकर अभी अभी बड़ा खुलासा हुआ है। भारत की ही तरह पाकिस्तान ने भी सर्जिकल
स्ट्राइक की कोशिश की थी। पाकिस्तान भारत की ही तरह एलओसी पार कर हमला करने वाला
था,
लेकिन पाकिस्तान की इस सर्जिकल स्ट्राइक को देश के जांबाज़ों ने
नाकाम कर दिया। पाकिस्तान के लिए ये सुसाइड मिशन से कम नहीं था।
जी हां, भारत की सर्जिकल स्ट्राइक के बाद छटपटाते पाकिस्तान ने भी हिंदुस्तान की
ही तर्ज़ ऐसा कुछ करने की ठानी थी। लेकिन पाकिस्तान नहीं जानता था कि अगर अब उसने
भारत की तरफ आंख उठाकर भी देखा तो ऐसा करारा जवाब मिलेगा, जो
वो जल्द नहीं भूल पाएगा।
आपको बता दे कि 5
अक्टूबर को आधी रात के वक्त पाकिस्तान ने भी भारत की नकल करते हुए आधी रात का वक्त
चुना था,
लेकिन नकल के लिए भी अकल चाहिए यह पाकिस्तान नहीं समझ सका। उरी के
रामपुर सेक्टर में पाकिस्तानी सेना की बैट यानी बॉर्डर एक्शन टीम आतंकियों के साथ
मिलकर हमला करने वाली थी। इन आतंकियों का मकसद आर्मी कैंप पर हमले के साथ ही
आतंकवादियों की बड़े पैमाने पर घुसपैठ कराना भी था, लेकिन
पहले से ही अलर्ट सेना और बीएसएफ के जवानों ने पाक की इस साजिश को नाकाम कर दिया।
बताया जा रहा है कि
सामने की पाक पोस्ट पर काफी दिनों से हलचल देखी जा रही थी, जिसकी जानकारी भारतीय सेना को थी। घुसपैठ के लिए पाक की तरफ से BAT
और काफी ट्रेंड आतंकियों को कवर फायर दिया जा रहा था। तभी भारतीय
सेना ने जवाबी कार्रवाई की और हमले को नाकाम कर दिया। आतंकियों को ज़रा भी अंदाज़ा
नहीं था कि उनकी इस बेहूदा हरकत का इस कदर जवाब दिया जाएगा।
पाकिस्तान ने भारत के
खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक की कोशिश एक बार नहीं बल्कि 2 बार की थी। जानकारी के
मुताबिक पाकिस्तान ने भारत पर हमले की कोशिश अगले दिन भी की थी।
6 अक्टूबर को दूसरी
बार हमला करने के दौरान भी पाकिस्तान ने आधी रात का वक्त चुना था। इस बार हमला
करने की जगह चुनी गई लीपा वैली के पास नौगाम सेक्टर, लेकिन
नादान पाकिस्तानियों को अंदाज़ा भी नहीं था कि वो 119 बीएसएफ बटालियन की आंखों में
कैद हो चुके थे।
जैसे ही पाक की
बॉर्डर एक्शन टीम ने आतंकियों के साथ मिलकर घुसपैठ की कोशिश की, बीएसएफ ने फायरिंग कर दी। ये जंग करीब 9 घंटे तक चली। इस ऑपरेशन में
भारतीय फौज को कोई नुकसान नहीं पहुंचा जबकि 4 आतंकवादी ढेर कर दिए गए। बाकी के
पाकिस्तानी डरकर भाग गए।
यानी दो-दो बार
पाकिस्तानियों की इस बुज़दिल साज़िश को नाकाम किया गया। पाकिस्तान ने इसके लिए
खासतौर पर चुना बैट को। बैट आतंकवादियों की एक टीम है जो भारतीय सैनिकों से
मुकाबला करने को तैयार हुई है। 'बॉर्डर एक्शन टीम'
नाम का ये ग्रुप एलओसी पर उन जगहों पर तैनात किया गया है, जहां भारतीय फौज के जवान तैनात रहते हैं। पाकिस्तान ने इसके लिए कोई खास
क्राइटीरिया नहीं बनाया है। पाकिस्तान में कोई भी इस बॉर्डर एक्शन टीम में शामिल
हो सकता है।
हिंदुस्तान ने उरी
हमले का ऐसा बदला लिया कि पाकिस्तान अंदर से हिल गया है। इसलिए उसने भारत की ही
तर्ज़ पर सर्जिकल स्ट्राइक की कोशिश की, लेकिन नाकाम
हो गया। हिंदुस्तान ने सर्जिकल स्ट्राइक की थी आतंकियों का खात्मा करने के लिए,
जबकि पाकिस्तान के इरादे क्या थे ये अब पूरी दुनिया जान गई है।
नई दिल्ली : एलओसी को
लेकर अभी अभी बड़ा खुलासा हुआ है। भारत की ही तरह पाकिस्तान ने भी सर्जिकल
स्ट्राइक की कोशिश की थी। पाकिस्तान भारत की ही तरह एलओसी पार कर हमला करने वाला
था,
लेकिन पाकिस्तान की इस सर्जिकल स्ट्राइक को देश के जांबाज़ों ने
नाकाम कर दिया। पाकिस्तान के लिए ये सुसाइड मिशन से कम नहीं था।
जी हां, भारत की सर्जिकल स्ट्राइक के बाद छटपटाते पाकिस्तान ने भी हिंदुस्तान की
ही तर्ज़ ऐसा कुछ करने की ठानी थी। लेकिन पाकिस्तान नहीं जानता था कि अगर अब उसने
भारत की तरफ आंख उठाकर भी देखा तो ऐसा करारा जवाब मिलेगा, जो
वो जल्द नहीं भूल पाएगा।
आपको बता दे कि 5
अक्टूबर को आधी रात के वक्त पाकिस्तान ने भी भारत की नकल करते हुए आधी रात का वक्त
चुना था,
लेकिन नकल के लिए भी अकल चाहिए यह पाकिस्तान नहीं समझ सका। उरी के
रामपुर सेक्टर में पाकिस्तानी सेना की बैट यानी बॉर्डर एक्शन टीम आतंकियों के साथ
मिलकर हमला करने वाली थी। इन आतंकियों का मकसद आर्मी कैंप पर हमले के साथ ही
आतंकवादियों की बड़े पैमाने पर घुसपैठ कराना भी था, लेकिन
पहले से ही अलर्ट सेना और बीएसएफ के जवानों ने पाक की इस साजिश को नाकाम कर दिया।
बताया जा रहा है कि
सामने की पाक पोस्ट पर काफी दिनों से हलचल देखी जा रही थी, जिसकी जानकारी भारतीय सेना को थी। घुसपैठ के लिए पाक की तरफ से BAT
और काफी ट्रेंड आतंकियों को कवर फायर दिया जा रहा था। तभी भारतीय
सेना ने जवाबी कार्रवाई की और हमले को नाकाम कर दिया। आतंकियों को ज़रा भी अंदाज़ा
नहीं था कि उनकी इस बेहूदा हरकत का इस कदर जवाब दिया जाएगा।
पाकिस्तान ने भारत के
खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक की कोशिश एक बार नहीं बल्कि 2 बार की थी। जानकारी के
मुताबिक पाकिस्तान ने भारत पर हमले की कोशिश अगले दिन भी की थी।
6 अक्टूबर को दूसरी
बार हमला करने के दौरान भी पाकिस्तान ने आधी रात का वक्त चुना था। इस बार हमला
करने की जगह चुनी गई लीपा वैली के पास नौगाम सेक्टर, लेकिन
नादान पाकिस्तानियों को अंदाज़ा भी नहीं था कि वो 119 बीएसएफ बटालियन की आंखों में
कैद हो चुके थे।
जैसे ही पाक की
बॉर्डर एक्शन टीम ने आतंकियों के साथ मिलकर घुसपैठ की कोशिश की, बीएसएफ ने फायरिंग कर दी। ये जंग करीब 9 घंटे तक चली। इस ऑपरेशन में
भारतीय फौज को कोई नुकसान नहीं पहुंचा जबकि 4 आतंकवादी ढेर कर दिए गए। बाकी के
पाकिस्तानी डरकर भाग गए।
यानी दो-दो बार
पाकिस्तानियों की इस बुज़दिल साज़िश को नाकाम किया गया। पाकिस्तान ने इसके लिए
खासतौर पर चुना बैट को। बैट आतंकवादियों की एक टीम है जो भारतीय सैनिकों से
मुकाबला करने को तैयार हुई है। 'बॉर्डर एक्शन टीम'
नाम का ये ग्रुप एलओसी पर उन जगहों पर तैनात किया गया है, जहां भारतीय फौज के जवान तैनात रहते हैं। पाकिस्तान ने इसके लिए कोई खास
क्राइटीरिया नहीं बनाया है। पाकिस्तान में कोई भी इस बॉर्डर एक्शन टीम में शामिल
हो सकता है।
हिंदुस्तान ने उरी
हमले का ऐसा बदला लिया कि पाकिस्तान अंदर से हिल गया है। इसलिए उसने भारत की ही
तर्ज़ पर सर्जिकल स्ट्राइक की कोशिश की, लेकिन नाकाम
हो गया। हिंदुस्तान ने सर्जिकल स्ट्राइक की थी आतंकियों का खात्मा करने के लिए,
जबकि पाकिस्तान के इरादे क्या थे ये अब पूरी दुनिया जान गई है।
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