नई दिल्ली : जापान के
तीन दिवसीय दौरे के आखिरी दिन पीएम नरेंद्र मोदी ने शनिवार को टोक्यो से कोबे जाने
के लिए प्रसिद्ध शिंकनसेन बुलेट ट्रेन में सवारी की। उनके साथ शिंजो आबे भी मौजूद
थे।
पीएम मोदी और आबे
दोनों कोबे में कावासाकी हैवी इंडस्ट्रीज फैसिलिटी का भी दौरा करेंगे, जहां उच्च गति के रेल पहिए तैयार किए जाते हैं। पीएम मोदी ने आज सुबह
बुलेट ट्रेन के सफर की फोटो ट्विटर पर शेयर की।
आपको बता दे कि इससे
पहले शुक्रवार को जापान ने अपनी आपत्तियों को खत्म करते हुए और अपने परंपरागत रूख
से हटते हुए भारत के साथ ऐतिहासिक असैन्य परमाणु सहयोग करार पर हस्ताक्षर किया, जिसके साथ ही परमाणु क्षेत्र में दोनों देशों के उद्योगों के बीच गठजोड़ के
लिए दरवाजे खुल गए। हालांकि टोक्यों की संवेदनाओं को ध्यान में रखते हुए इस करार
में सुरक्षा के पहलू को भी शामिल किया गया है।
अपने जापानी समकक्ष
शिंजो आबे के साथ विस्तृत बातचीत के बाद पीएम मोदी ने दोनों देशों के बीच हुए इस
परमाणु करार को ऐतिहासिक बताया। दोनों नेताओं के बीच बातचीत में व्यापार एवं निवेश, सुरक्षा, आतंकवाद, कौशल विकास
में सहयोग, अंतरिक्ष और जन संपर्क जैसै विषय भी शामिल रहे।
दोनों देशों के बीच
छह साल से अधिक समय की गहन बातचीत के बाद दोनों देशों ने परमाणु करार पर हस्ताक्षर
किए।
करार पर हस्ताक्षर के
बाद विदेश सचिव एस जयशंकर ने कहा कि भारत और जापान ने जिस ऐतिहासिक परमाणु करार पर
हस्ताक्षर किए वह अमेरिका और कुछ अन्य देशों के साथ हुए असैन्य परमाणु करार वाली
विशेषताओं को समेटे हुए है, हालांकि जापान की संवेदनाओं
को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा के संदर्भ में कुछ अलग पहलुओ को भी इसमें शामिल
किया गया है।
चीन की आपत्तियों के
बावजूद दोनों नेताओं ने दक्षिणी चीन सागर के मुद्दे पर बातचीत की और इस बात पर
सहमति जताई कि समुद्र से जुड़े कानून (यूएनक्लोस) को लेकर संयुक्त राष्ट्र संधि पर
आधारित नौवहन और उड़ान भरने तथा निर्बाध कानूनी वाणिज्य की स्वतंत्रता का सम्मान
होना चाहिए।
नई दिल्ली : जापान के
तीन दिवसीय दौरे के आखिरी दिन पीएम नरेंद्र मोदी ने शनिवार को टोक्यो से कोबे जाने
के लिए प्रसिद्ध शिंकनसेन बुलेट ट्रेन में सवारी की। उनके साथ शिंजो आबे भी मौजूद
थे।
पीएम मोदी और आबे
दोनों कोबे में कावासाकी हैवी इंडस्ट्रीज फैसिलिटी का भी दौरा करेंगे, जहां उच्च गति के रेल पहिए तैयार किए जाते हैं। पीएम मोदी ने आज सुबह
बुलेट ट्रेन के सफर की फोटो ट्विटर पर शेयर की।
आपको बता दे कि इससे
पहले शुक्रवार को जापान ने अपनी आपत्तियों को खत्म करते हुए और अपने परंपरागत रूख
से हटते हुए भारत के साथ ऐतिहासिक असैन्य परमाणु सहयोग करार पर हस्ताक्षर किया, जिसके साथ ही परमाणु क्षेत्र में दोनों देशों के उद्योगों के बीच गठजोड़ के
लिए दरवाजे खुल गए। हालांकि टोक्यों की संवेदनाओं को ध्यान में रखते हुए इस करार
में सुरक्षा के पहलू को भी शामिल किया गया है।
अपने जापानी समकक्ष
शिंजो आबे के साथ विस्तृत बातचीत के बाद पीएम मोदी ने दोनों देशों के बीच हुए इस
परमाणु करार को ऐतिहासिक बताया। दोनों नेताओं के बीच बातचीत में व्यापार एवं निवेश, सुरक्षा, आतंकवाद, कौशल विकास
में सहयोग, अंतरिक्ष और जन संपर्क जैसै विषय भी शामिल रहे।
दोनों देशों के बीच
छह साल से अधिक समय की गहन बातचीत के बाद दोनों देशों ने परमाणु करार पर हस्ताक्षर
किए।
करार पर हस्ताक्षर के
बाद विदेश सचिव एस जयशंकर ने कहा कि भारत और जापान ने जिस ऐतिहासिक परमाणु करार पर
हस्ताक्षर किए वह अमेरिका और कुछ अन्य देशों के साथ हुए असैन्य परमाणु करार वाली
विशेषताओं को समेटे हुए है, हालांकि जापान की संवेदनाओं
को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा के संदर्भ में कुछ अलग पहलुओ को भी इसमें शामिल
किया गया है।
चीन की आपत्तियों के
बावजूद दोनों नेताओं ने दक्षिणी चीन सागर के मुद्दे पर बातचीत की और इस बात पर
सहमति जताई कि समुद्र से जुड़े कानून (यूएनक्लोस) को लेकर संयुक्त राष्ट्र संधि पर
आधारित नौवहन और उड़ान भरने तथा निर्बाध कानूनी वाणिज्य की स्वतंत्रता का सम्मान
होना चाहिए।
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