नई दिल्ली : भारत की
सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान में खलबली मची हुई है। पाकिस्तान के अखबार ‘द नेशन’ ने सूत्रों के हवाले से खबर छापी है कि
पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी के प्रमुख रिजवान अख्तर को आने वाले दिनों में हटा
दिया जाएगा।
आपको बता दे कि अख्तर
को सितंबर 2014 में इंटर सर्विसेस इंटेलिजेंस (आईएसआईएस) का महानिदेशक बनाया गया
था। उन्होंने नवंबर 2014 में पदभार संभाला था। उन्होंने लेफ्टिनेंट जनरल जहीर उल
इस्लाम की जगह ली थी। सामान्यत: नियुक्ति तीन साल की अवधि के लिए होती है। इसमें
केवल तभी बदलाव आता है जब आईएसआई प्रमुख सेवानिवृत्त हो जाएं या सैन्य प्रमुख उनकी
जगह ले लें।
रिपोर्ट में कहा गया
है,
‘‘वे आईएसआई डीजी पद के लिए तय तीन साल के कार्यकाल से पहले ही हट
सकते हैं।’’ एक अधिकारी के मुताबिक कराची पलटन के कमांडर
लेफ्टिनेंट जनरल नवीद मुख्तार उनकी जगह ले सकते हैं।
साथ ही एक अन्य
अधिकारी का कहना है कि बदलाव का समय इस बात पर निर्भर करेगा कि ‘‘सैन्य प्रमुख राहिल शरीफ को विस्तार मिलता है या फिर जैसी की घोषणा की गई
है उन्हें सेवानिवृत्ति दे दी जाती है।’’ इस साल की शुरूआत
में राहिल ने घोषणा की थी कि उन्हें विस्तार नहीं चाहिए और नवंबर माह में वे
सेवानिवृत्त हो जाएंगे।
खबर है कि कराची के
कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल नावेद मुख्तार को रिजवान अख्तर की जगह ISI
का प्रमुख बनाया जाएगा। हालांकि अभी औपचारिक तौर पर ISI में इस बदलाव की पुष्टि नहीं हुई है। पाक सेना के मुख्य प्रवक्ता
लेफ्टिनेंट जनरल असीम सलीम बाजवा ने इस खबर का खंडन किया है।
साथ ही बड़ी खबरें ये
भी हैं कि आतंकियों के समर्थन को लेकर पाकिस्तान के पीएम नवाज शरीफ और राहिल शरीफ
में झगड़ा शुरू हो गया है। 6 अक्टुबर को पाकिस्तान के अखबार डॉन में छपी खबर के
मुताबिक,
‘नवाज शरीफ ने राहिल शरीफ से कह दिया है कि जो हालात बन रहे हैं
उनमें पाकिस्तान दुनिया में अलग थलग पड़ रहा है इसलिए सेना कोई भी कार्रवाई करे तो
सरकार से राय विचार जरूर करे।’
अखबार ने अपनी
रिपोर्ट में ये भी छापा था कि मुताबिक नवाज सरकार की तरफ से कहा गया है कि अगर
सरकार की एजेंसियां उन आतंकी संगठनों पर कार्रवाई करती है जिन पर बैन लगा हुआ है
तो इसमें सेना की ओर से कोई दखल नहीं दी जाए।
नई दिल्ली : भारत की
सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान में खलबली मची हुई है। पाकिस्तान के अखबार ‘द नेशन’ ने सूत्रों के हवाले से खबर छापी है कि
पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी के प्रमुख रिजवान अख्तर को आने वाले दिनों में हटा
दिया जाएगा।
आपको बता दे कि अख्तर
को सितंबर 2014 में इंटर सर्विसेस इंटेलिजेंस (आईएसआईएस) का महानिदेशक बनाया गया
था। उन्होंने नवंबर 2014 में पदभार संभाला था। उन्होंने लेफ्टिनेंट जनरल जहीर उल
इस्लाम की जगह ली थी। सामान्यत: नियुक्ति तीन साल की अवधि के लिए होती है। इसमें
केवल तभी बदलाव आता है जब आईएसआई प्रमुख सेवानिवृत्त हो जाएं या सैन्य प्रमुख उनकी
जगह ले लें।
रिपोर्ट में कहा गया
है,
‘‘वे आईएसआई डीजी पद के लिए तय तीन साल के कार्यकाल से पहले ही हट
सकते हैं।’’ एक अधिकारी के मुताबिक कराची पलटन के कमांडर
लेफ्टिनेंट जनरल नवीद मुख्तार उनकी जगह ले सकते हैं।
साथ ही एक अन्य
अधिकारी का कहना है कि बदलाव का समय इस बात पर निर्भर करेगा कि ‘‘सैन्य प्रमुख राहिल शरीफ को विस्तार मिलता है या फिर जैसी की घोषणा की गई
है उन्हें सेवानिवृत्ति दे दी जाती है।’’ इस साल की शुरूआत
में राहिल ने घोषणा की थी कि उन्हें विस्तार नहीं चाहिए और नवंबर माह में वे
सेवानिवृत्त हो जाएंगे।
खबर है कि कराची के
कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल नावेद मुख्तार को रिजवान अख्तर की जगह ISI
का प्रमुख बनाया जाएगा। हालांकि अभी औपचारिक तौर पर ISI में इस बदलाव की पुष्टि नहीं हुई है। पाक सेना के मुख्य प्रवक्ता
लेफ्टिनेंट जनरल असीम सलीम बाजवा ने इस खबर का खंडन किया है।
साथ ही बड़ी खबरें ये
भी हैं कि आतंकियों के समर्थन को लेकर पाकिस्तान के पीएम नवाज शरीफ और राहिल शरीफ
में झगड़ा शुरू हो गया है। 6 अक्टुबर को पाकिस्तान के अखबार डॉन में छपी खबर के
मुताबिक,
‘नवाज शरीफ ने राहिल शरीफ से कह दिया है कि जो हालात बन रहे हैं
उनमें पाकिस्तान दुनिया में अलग थलग पड़ रहा है इसलिए सेना कोई भी कार्रवाई करे तो
सरकार से राय विचार जरूर करे।’
अखबार ने अपनी
रिपोर्ट में ये भी छापा था कि मुताबिक नवाज सरकार की तरफ से कहा गया है कि अगर
सरकार की एजेंसियां उन आतंकी संगठनों पर कार्रवाई करती है जिन पर बैन लगा हुआ है
तो इसमें सेना की ओर से कोई दखल नहीं दी जाए।
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