नई दिल्ली : प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी शनिवार को केरल के कोझिकोड में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते
हुए पाकिस्तान का नाम लेकर उस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने साफ साफ कहा कि हम उरी
हमले में अपने 18 सैनिकों के बलिदान को बेकार नहीं जाने देंगे। उन्होंने पाकिस्तान
को पूरी दुनिया में आतंकवाद का निर्यातक बताया।
जानिए
PM मोदी के भाषण की 10 खास बाते :-
1. भारत के राजनीतिक
जीवन को तीन महापुरुषों ने प्रभावित किया- महात्मा गांधी, दीनदयाल उपाध्याय और राम मनोहर लोहिया। पिछली सदी के इन महान चिंतकों के
चिंतन का प्रभाव आज की राजनीति पर नजर आता है ।
2. 'सबका साथ, सबका विकास' के
मंत्र को लेकर देश आगे बढ़ रहा है। आज पूरी दुनिया में एक सुर में कहा जा रहा है
कि दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में भारत नंबर एक पर है। दिल्ली
में बैठी सरकार हर किसी को नई शक्ति और नया सामर्थ्य देने के लिए काम कर रही है ।
3. हम कई वर्षों से
सुन रहे हैं कि 21वीं सदी एशिया की सदी होगी। इसके लिए हर देश हर संभव प्रयास कर
रहा है,
लेकिन एक देश ऐसा है जो 21वीं सदी एशिया की न बने। पूरा एशिया
रक्तरंजित हो, पूरा एशिया आतंकवाद की चपेट में आ जाए। खून
खराबा हो, इसकी साजिश में जुटा हुआ है। एशिया के अंदर
जहां-जहां आतंकवाद की घटनाएं हो रही हैं सभी देश एक ही देश को गुनहगार मानते हैं। अफगानिस्तान हो, बांग्लादेश हो आसपास के देश हों। दुनिया में
जहां कहीं भी कोई घटना होती है तो साथ ही एक खबर यह भी आती है कि या तो आतंकवादी
इसी देश से गया है या फिर घटना को अंजाम देने के बाद ओसामा बिन लादेन की तरह इस
देश में छिपने के लिए गया है ।
4. आतंकवाद कैसा होता
है,
यह केरलवासी अच्छी तरह से जानते हैं. हमारी केरल की बेटियों को
आतंकवादी उठाकर ले गए थे। हमारी बेटिया खाड़ी देशों में सेवा भाव से गई थीं। लेकिन
आतंकवादियों ने उन्हें अगवा कर लिया। हर कोई देश की इन बेटियों के लिए चिंतित था। केरल के लोगों ने दिल्ली की तरफ देखा और हमने हर तरह के प्रयास करके उन बेटियों को
सही-सलामत घर वापस पहुंचा दिया ।
5. जम्मू कश्मीर के
उरी में हमारे पड़ोसी देश से एक्सपोर्ट किए गए आतंकवादियों ने हमारे 18 जवानों को
शहीद कर दिया। आतंकवादी कान खोलकर सुन लें, यह देश इस
घटना को कभी भूलने वाला नहीं है। हमारे देश में अशांति फैलाने के लिए आतंकवादियों
ने पिछले कुछ समय में 17 बार घुसपैठ की कोशिश की, लेकिन
हमारी सेना ने 110 आतंकवादियों को मौत के घाट उतार दिया ।
6. हमारे सुरक्षाबलों
के जवान जो इस लड़ाई को जीतते चले गए हैं, इसका कारण
सिर्फ शस्त्र नहीं होते हैं, शस्त्र तो खिलौने होते हैं। देश
का मनोबल उनका हौसला होता है। आज देश का मनोबल ऊंचा है। देश के सवा सौ करोड़
देशवासियों का मनोबल ऊंचा है और यही सुरक्षाबलों की शक्ति है ।
7. पाकिस्तान के
हुक्मरान आतंकवादियों के आकाओं के लिखे भाषण पढ़ते हैं। दुनिया को पाकिस्तान के
हुक्मरानों से कोई उम्मीद नहीं है। मैं यहां से पाकिस्तान की आवाम से बात करना
चाहता हूं। 1947 से पहले आपके पूर्वज भी इसी संयुक्त भारत की धरती को प्रणाम करते
थे। इसको अपना मानते थे। आप पीओके(POK) को नहीं संभाल पा रहे। आप पूर्वी पाकिस्तान (अब
बांग्लादेश) को नहीं संभाल पाए। आप गिलगित को नहीं संभाल पा रहे, आप बलूचिस्तान को नहीं संभाल पा रहे। कश्मीर की बात करके पाकिस्तानी
हुक्मरान वहां की आवाम को गुमराह कर रही है ।
8. पाकिस्तान की आवाम
अपने हुक्मरानों से पूछे कि दोनों देश एक साथ आजाद हुए थे। हिन्दुस्तान सॉफ्टवेयर
एक्सपोर्ट करता है और पाकिस्तान आतंकवाद एक्सपोर्ट करता है। पाकिस्तान की आवाम से
मैं कहना चाहता हूं कि आपको गुमराह करने के लिए आपकी सरकार हिन्दुस्तान से 1000
साल तक लड़ने की बात करती है। आज दिल्ली में ऐसी सरकार बैठी है कि वह आपकी इस
चुनौती को स्वीकार करते हैं।
9. मैं पाकिस्तान की
आवाम का आह्वान करता हूं हम लड़ने के लिए तैयार है। आओ लड़ते हैं देखें पहले अपने
देश की गरीबी कौन खत्म करता है। पहले बेरोजगारी पहले कौन खत्म करता है। दोनों देश
अशिक्षा को खत्म करने के लिए लड़ें, देखें पहले
कौन अशिक्षा से पार पाता है। पाकिस्तान की जनता का आह्वान करता हूं कि आओ नवजात
शिशुओं को बचाने की लड़ाई लड़ें ।
10. पाकिस्तान के
हुक्मरान सुन लें, हमारे 18 जवानों का बलिदान
बेकार नहीं जाएगा। हम आपको विश्व समुदाय से अलग करके रहेंगे। वो दिन दूर नहीं जब
पाकिस्तानी आवाम अपने हुक्मरानों के खिलाफ खड़ी होगी।
नई दिल्ली : प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी शनिवार को केरल के कोझिकोड में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते
हुए पाकिस्तान का नाम लेकर उस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने साफ साफ कहा कि हम उरी
हमले में अपने 18 सैनिकों के बलिदान को बेकार नहीं जाने देंगे। उन्होंने पाकिस्तान
को पूरी दुनिया में आतंकवाद का निर्यातक बताया।
जानिए
PM मोदी के भाषण की 10 खास बाते :-
1. भारत के राजनीतिक
जीवन को तीन महापुरुषों ने प्रभावित किया- महात्मा गांधी, दीनदयाल उपाध्याय और राम मनोहर लोहिया। पिछली सदी के इन महान चिंतकों के
चिंतन का प्रभाव आज की राजनीति पर नजर आता है ।
2. 'सबका साथ, सबका विकास' के
मंत्र को लेकर देश आगे बढ़ रहा है। आज पूरी दुनिया में एक सुर में कहा जा रहा है
कि दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में भारत नंबर एक पर है। दिल्ली
में बैठी सरकार हर किसी को नई शक्ति और नया सामर्थ्य देने के लिए काम कर रही है ।
3. हम कई वर्षों से
सुन रहे हैं कि 21वीं सदी एशिया की सदी होगी। इसके लिए हर देश हर संभव प्रयास कर
रहा है,
लेकिन एक देश ऐसा है जो 21वीं सदी एशिया की न बने। पूरा एशिया
रक्तरंजित हो, पूरा एशिया आतंकवाद की चपेट में आ जाए। खून
खराबा हो, इसकी साजिश में जुटा हुआ है। एशिया के अंदर
जहां-जहां आतंकवाद की घटनाएं हो रही हैं सभी देश एक ही देश को गुनहगार मानते हैं। अफगानिस्तान हो, बांग्लादेश हो आसपास के देश हों। दुनिया में
जहां कहीं भी कोई घटना होती है तो साथ ही एक खबर यह भी आती है कि या तो आतंकवादी
इसी देश से गया है या फिर घटना को अंजाम देने के बाद ओसामा बिन लादेन की तरह इस
देश में छिपने के लिए गया है ।
4. आतंकवाद कैसा होता
है,
यह केरलवासी अच्छी तरह से जानते हैं. हमारी केरल की बेटियों को
आतंकवादी उठाकर ले गए थे। हमारी बेटिया खाड़ी देशों में सेवा भाव से गई थीं। लेकिन
आतंकवादियों ने उन्हें अगवा कर लिया। हर कोई देश की इन बेटियों के लिए चिंतित था। केरल के लोगों ने दिल्ली की तरफ देखा और हमने हर तरह के प्रयास करके उन बेटियों को
सही-सलामत घर वापस पहुंचा दिया ।
5. जम्मू कश्मीर के
उरी में हमारे पड़ोसी देश से एक्सपोर्ट किए गए आतंकवादियों ने हमारे 18 जवानों को
शहीद कर दिया। आतंकवादी कान खोलकर सुन लें, यह देश इस
घटना को कभी भूलने वाला नहीं है। हमारे देश में अशांति फैलाने के लिए आतंकवादियों
ने पिछले कुछ समय में 17 बार घुसपैठ की कोशिश की, लेकिन
हमारी सेना ने 110 आतंकवादियों को मौत के घाट उतार दिया ।
6. हमारे सुरक्षाबलों
के जवान जो इस लड़ाई को जीतते चले गए हैं, इसका कारण
सिर्फ शस्त्र नहीं होते हैं, शस्त्र तो खिलौने होते हैं। देश
का मनोबल उनका हौसला होता है। आज देश का मनोबल ऊंचा है। देश के सवा सौ करोड़
देशवासियों का मनोबल ऊंचा है और यही सुरक्षाबलों की शक्ति है ।
7. पाकिस्तान के
हुक्मरान आतंकवादियों के आकाओं के लिखे भाषण पढ़ते हैं। दुनिया को पाकिस्तान के
हुक्मरानों से कोई उम्मीद नहीं है। मैं यहां से पाकिस्तान की आवाम से बात करना
चाहता हूं। 1947 से पहले आपके पूर्वज भी इसी संयुक्त भारत की धरती को प्रणाम करते
थे। इसको अपना मानते थे। आप पीओके(POK) को नहीं संभाल पा रहे। आप पूर्वी पाकिस्तान (अब
बांग्लादेश) को नहीं संभाल पाए। आप गिलगित को नहीं संभाल पा रहे, आप बलूचिस्तान को नहीं संभाल पा रहे। कश्मीर की बात करके पाकिस्तानी
हुक्मरान वहां की आवाम को गुमराह कर रही है ।
8. पाकिस्तान की आवाम
अपने हुक्मरानों से पूछे कि दोनों देश एक साथ आजाद हुए थे। हिन्दुस्तान सॉफ्टवेयर
एक्सपोर्ट करता है और पाकिस्तान आतंकवाद एक्सपोर्ट करता है। पाकिस्तान की आवाम से
मैं कहना चाहता हूं कि आपको गुमराह करने के लिए आपकी सरकार हिन्दुस्तान से 1000
साल तक लड़ने की बात करती है। आज दिल्ली में ऐसी सरकार बैठी है कि वह आपकी इस
चुनौती को स्वीकार करते हैं।
9. मैं पाकिस्तान की
आवाम का आह्वान करता हूं हम लड़ने के लिए तैयार है। आओ लड़ते हैं देखें पहले अपने
देश की गरीबी कौन खत्म करता है। पहले बेरोजगारी पहले कौन खत्म करता है। दोनों देश
अशिक्षा को खत्म करने के लिए लड़ें, देखें पहले
कौन अशिक्षा से पार पाता है। पाकिस्तान की जनता का आह्वान करता हूं कि आओ नवजात
शिशुओं को बचाने की लड़ाई लड़ें ।
10. पाकिस्तान के
हुक्मरान सुन लें, हमारे 18 जवानों का बलिदान
बेकार नहीं जाएगा। हम आपको विश्व समुदाय से अलग करके रहेंगे। वो दिन दूर नहीं जब
पाकिस्तानी आवाम अपने हुक्मरानों के खिलाफ खड़ी होगी।
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